कविता

हिंदी

बयां कर सकूं जिससे जज्बात मेरे वो जुबां हिंदी है अब तो मेरी दिलरुबा हिंदी है मेरे जेहन-ओ-ख्याल का अरमान हिंदी है मेरे वतन की आन-बान-शान हिंदी है जो रहता है हर वक़्त मेरी जुंबा पर वो नाम हिंदी है दिलो में मोहब्बत का पैगाम हिंदी है छुपे है जिसमे लाखो अहसास वो भाषा हिंदी […]