गीत/नवगीत

जीवन ही अब भार मुझे

मेरा अपना इस जग में , आज़ अगर प्रिय होता कोई। मैंने प्यार किया जीवन में, जीवन ही अब भार मुझे। रख दूं पैर कहां अब संगिनी, मिल जाए आधार मुझे। दुनिया की इस दुनियादारी, करती है लाचार मुझे। भाव भरे उर से चल पड़ता, मिलता क्या उपहार मुझे। स्वप्न किसी के आज उजाडूं, इसका […]

भजन/भावगीत

हे मां शारदे

शब्द के कुछ सुमन है समर्पित तुम्हे, बस चरण में इन्हें अब शरण चाहिए । हे मां शारदे कण्ठ से फूट जाये मधुर रागनी, गीत-संगीत में मुझे तू दक्ष कर दे। हे मां शारदे स्वर लहर में रहे भीगते तेरे तन वदन, शारदा मां गुणगान नित करता रहूं। हे मां शारदे मिट सके तम के […]

गीत/नवगीत

मधुर स्मृति

आज मैं तुम्हें न पा सका, इसलिए न गीत गा सका। बहार फूल तो खिले मगर, मिले उसे भ्रमर न हो‌ अगर, तो आश क्या कि फूल की उमर, हंसे नियति हिलोर में लहर। जोहता रहा तुम्हे सदा, उठी कसक न मैं भगा सका। लगी आज टकटकी उधर, चली गई थी रूठकर जिधर हुआ हताश […]

कविता

आज़ गगन में चांद हँसा है

******************** प्रिय तुम मुझसे दूर न जाओ, मेरे मन में आज नशा है। घूंघट खोल रही है कलियाँ , झूम रही है मतवाली अलियाँ , नन्दन वन की वायु चली है, सुरभित दीखी आज गली है, लगती सुखमय मधुरिम वेला, जीवन नन्दन मंजुल मेला, उठती मन में मधुरिम आशा, मिटती सारी थकित पिपासा, तुम भी […]

कविता

*गौ माता की महिमा*

पुत्र दिलाता दाल रोटियां गौ माता दूध पिलाती है, इसी लिए गौ को माता कहते है और जग में पूजी जाती है। पाप भार जब बड़े धरती पर तब रूप गऊ का धरती है, चार पांव में चार धाम है और अंग अंग में है तीर्थ। मां ने हमें ममत्व दिया है दूध नहीं अमरत्व […]

गीत/नवगीत

मेरे नयन में मधुर गीत है

नयन में तुम्हारे प्रिये,चाॅदनी, मेरे मन में मधुर गीत है। आज जाने कहां से सपन उड़ रहे, आज जाने कहां से हृदय जुड़ रहे, आज जाने कहां की लगन है प्रिये! हम अंजानी दिशा में अभी मुड़ रहें, पंथ मेरा सुकोमल नहीं है मगर, भूलती है नहीं आज तेरी डगर, मैं कदम को बढ़ाते हुए […]

कविता

अपनी मां⚜️🌹*

**************** अपनी मां जन्नत की नूर होती है अपनी मां की प्रार्थना प्रिय होती है अपनी मां त्याग तप की खान होती है, अपनी मां चारों धामों सी होती है। अपनी मां प्रेरणा की मूर्ति होती है, अपनी मां समर्पण की सूरत होती है, अपनी मां हिमालय से ऊंची होती है, अपनी मां पतित पावनी […]

गीत/नवगीत

मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा

बहुत दूर मुझसे बसी हो विरागिन मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा। किसी दिन तुम्हीं रूपसी बन खड़ी थी, किसी दिन मिलन की घड़ी ही घड़ी थी, विहँसती हुई कर ठिठोली नजर से, मिलन हेतु आतीं तुम्हीं तब शहर से, तुम्हें देखकर मैं मगन नाचता था, तुम्हें तो खुदा की विभा मानता था, मगर भाग्य […]

कविता

अपना मधुमय गीत सुना लो

*********************** कैसे मैं समझाऊं, तुमसे प्यार बहुत है। तेरी मधुमय मंजुल वाणी, मुझसे कुछ कहती कल्याणी, तेरा अनुपम रूप कलेवर, नयनों पर बरछी सम तेवर, धस जाती है उर में प्यारी, घायल कर नित नयन कटारी। कैसे आज जता दूं, प्रिय, अधिकार बहुत है। मादक गीतों की मृदु कड़ियां, मेरे जीवन‌ की प्रिय लड़ियां, इनको […]

गीत/नवगीत

स्नेह की जंजीर हो तुम

गीत का सावन उमड़ता प्रीति का शुभ स्वप्न पलता चांद सी तुम हंस रही हो शून्य उर में धंस रही हो। ‌प्यार की मधु पीर हो तुम स्नेह की जंजीर हो तुम। हंस रही हो क्यों मचलती जा रही हो क्यों उछालती फेर दो निज दृष्टि कोमल बन सकेगी प्यार संबल। धंस रही हो तुम […]