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  • जिन्दगी क्या है

    जिन्दगी क्या है

    जिन्दगी तो प्रेम की एक गाथा है, जिन्दगी भावुक प्रणय की छाँव है, जिन्दगी है वेदना की वीथिका सी जिन्दगी तो कल्पना की छुवन भर है। जिन्दगी है चन्द सपनों की कहानी, जिन्दगी विश्वास के प्रति...





  • प्रेम

    प्रेम

    जब प्रेम जागृत हो जाता है तो मेरे तेरे का भाव बिसर जाता है मैं मैं नही रहता तू तू नहीं रहता सब समरस हो जाता है चहुँ दिशाएं हो जाती आलोकित बस आंनद बरसता है...

  • नभ में उड़ जाये

    नभ में उड़ जाये

    आओ मेरी प्रेयसि! जी भर मैं दुलराऊं। तेरा रूप मनोहर मेरे मन की जलधारा, तुम कुछ इतनी सुन्दर ज्यों फूलों की माला, तेरे चलने पर यह धरती है मुस्काती, देखकर रुप तुम्हारा किरणें भी शरमातीं ,...

  • नव संकल्प

    नव संकल्प

    जीवन में कुछ करना है तो नये नये संकल्प लेने होंगे, नयी-नयी आशायें नव स्वप्न हम रोज बुन चलें नयी -नयी धारायें। केवल अपने लिए नहीं है। अपना यह जीवन देश, राष्ट्र की सेवा में हो...