कविता

आसमान से भी ऊंची है कविता

आसमान से भी ऊंची है कविता, सागर से भी गहरी है कविता, लेखनी की धार है कविता, मखमली चाँदनी सी है कविता। फूलों की खूशबू सी है कविता, तितलियों का झुण्ड है कविता, भैरों का गुन-गुन है कविता, कवि की कल्पना है कविता। सरस्वती की वाणी है कविता, शब्दों की माला है कविता, जीवन में […]

गीत/नवगीत

*तुम्हें देखकर मैं मगन नाचता हूँ*

बहुत दूर मुझसे बसी हो विरागिन, मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा। किसी दिन तुम्हीं रुपसी बन खड़ी थी, किसी दिन मिलन की घड़ी ही घड़ी थी, विहँसती हुई कर ठिठोली नजर से, मिलन हेतु आती तुम्हीं तब शहर से। तुम्हें देखकर मैं मगन नाचता था, तुम्हें तो खुदा की विभा मानता था, मगर भाग्य […]

कविता

*कवि की कल्पना होती है कविता* **********

******************** आसमान से भी ऊंची है कविता, सागर से भी गहरी है कविता, लेखनी की धार है कविता, मखमली चाँदनी सी है कविता। फूलों की खूशबू सी है कविता, तितलियों का झुण्ड है कविता, भैरों का गुन-गुन है कविता, कवि की कल्पना है कविता। सरस्वती की वाणी है कविता, शब्दों की माला है कविता, जीवन […]

कविता

*तुम्हें देखकर मैं मगन नाचता हूँ*

******************** बहुत दूर मुझसे बसी हो विरागिन, मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा। किसी दिन तुम्हीं रुपसी बन खड़ी थी, किसी दिन मिलन की घड़ी ही घड़ी थी, विहँसती हुई कर ठिठोली नजर से, मिलन हेतु आती तुम्हीं तब शहर से। तुम्हें देखकर मैं मगन नाचता था, तुम्हें तो खुदा की विभा मानता था, मगर […]

भाषा-साहित्य

मातृ भाषाओं को संरक्षित करने की आवश्यकता है

सांस्कृतिक विविधता को संरक्षित करने के लिये नवम्बर 1999में यूनेस्को ने 21फरवरी को अंन्तरराष्ट्रीय मातृभाषा दिवस के रुप में मनाना स्वीकार किया है। संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था ने विश्व की आधी से अधिक भाषाओं के भविष्य को लेकर चिन्ता प्रकट की थी 2021के लिये मातृभाषा का विषय है’समावेशी शिक्षा और समाज के लिये बहु […]

कविता

महिला*

परिवार की धुरी होती है, घर आँगन की शोभा होती है, सौभाग्य की प्रतीक होती है, मधुर मन की आवाज होती है, अन्नपूर्णा का स्वरूप होती है, जीवन का सार होती महिलाएं। महिला के अनेक रुप होते है, कभी बेटी बन बाबुल की गोद में रहती, कभी बहिन, पत्नी, माँ का रुप होती, कभी अनुसुइया […]

कविता

जिन्दगी

ईश्वर द्वारा प्रदत्त है मिली है हमको ये जिन्दगी, कभी खुशी तो कभी गम है और कभी आँसुओं की धार सी है ये जिन्दगी, कभी सपाट तो कभी टेढ़ी मेढ़ी है ये जिन्दगी, कभी शह तो कभी मात दे रही ये जिन्दगी, कभी मुखौटों से छिपी हुईं है तो कभी बेनकाब है ये जिन्दगी, कभी […]

गीत/नवगीत

एक बार तुम फिर से जागो,

एक बार तुम फिर से जागो, प्रेम की गंगा पुनः बहाओ, दूसरों के लिये रोड़े न बनो, सत्य और नीति पर चलो, सबसे स्नेह बनाये रखो , जीवन को संघर्षशील बनाओ , ममता ,स्नेह का पाठ पढाओ, एक बार तुम फिर से जागो। धैर्य को तुम त्याग न करो, सहनशीलता कभी न छोड़ना, सजगता तुम […]

कविता

मेरा भारत सबसे प्यारा

भारत प्यारा देश हमारा तन -मन धन,अर्पन करता हूँ, मातृभूमि के चरणों में मस्तक रख कर कोटि कोटि अभिनन्दन करता हूँ। ऋषियों की वाणी देती है प्रेरणा नदियों का पानी यहां अमृत है, अनुपम प्यारा देश हमारा इसके कण कण में है कंचन। गंगा यमुना भारत माता के हार है हिमगिरि है भारत माँ का […]

भजन/भावगीत

हे महावीर तुम्हें शत् शत् प्रणाम

हे राम दूत तुम सबके रक्षक हो, तुम कर्मवीर हनुमान जी , तुम ही तो बल के धाम हो, सब तुमको वंदन करते है, हे महावीर तुम्हें शत् शत् प्रणाम। तुम ही प्रेम के सच्चे स्वरूप हो, शिव जी के अवतार हो, तुम्ही दया के सागर हो, तुम्हीं कष्ट हरण नाशक हो, हे महावीर तुम्हें […]