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  • 4 कवितायेँ

    4 कवितायेँ

    माँ माँ करूणा की बहती दरिया माँ ममता का बहता झरना माँ प्रेम की भरी गगरिया माँ पूजा की थाल।। माँ बसन्त की बहार है माँ सावन की फुहार माँ फूलों की सुगऩ्द है माँ बच्चे...

  • मां

    मां

    मां लक्ष्मी है दौलत है सच्चाई है आधार है रिस्तो की शक्ति है सम्बल है जीवन का विश्वास है एहसास है प्यार का दुलार का जिसे पाते ही हम भूल जाते है सब दुःख दर्द जिसके...

  • बेटियाँ

    बेटियाँ

    बेटियां प्रकृति की देन है, बेटियां देवदूत,देव कन्याएँ है, कोमल इनकी भावनाएँ है, बेटियां अप्सराएँ है, लक्ष्मी, सरस्वती, सावित्री है। बेटियां अन्नपूर्णा सी उपमाएँ बेटियां वेदों सी पवित्र है, बेटियां संस्कारो की धरोहर है, बेटियां नव...


  • पर्यावरण बचाएं

    पर्यावरण बचाएं

    पेड़ों से इस धरा को सजाएँ वातावरण स्वच्छ बनाये आओ पर्यावरण बचाएं सब मिल के पेड़ लगाएं प्रदूषित कर दिया नदियों का पानी और तबाह हो रही है जिंदगानी जहाँ तहाँ मत कूड़ा फेंको धरा का...

  • सबको स्कूल जाना है

    सबको स्कूल जाना है

    सबको शिक्षा पानी है, शिक्षा का अधिकार हमारा शिक्षा की ज्योति जलेगी, हर बालक बालिका पढे़गी होगा ज्ञान का खूब संचार, मिटे अशिक्षा-अत्याचार। शिक्षा ज्ञान बढायेगी, मंजिल तक पहुंचायेगी शिक्षित बने हर परिवार मिला है शिक्षा...

  • दोहे

    दोहे

    जैसे भी हो जोड़िये,दिल से दिल के तार। निजता में होती नहीं, कभी जीत या हार।। शीशे के घर में नहीं, मिल सकता है चैन। पत्थर रोज उछालते, लोग यहां दिन रैन।। अपनी भाषा से मिला,अपनी...

  • विरह

    विरह

    प्रियतम तुम आयी थी, जीवन को महकाने, सूनी आँखो में फिर से नये सपने सजाने। वह बसन्त की स्वर्णिम बेला,वह मादक अँगडाई, दरवाजे पर घनी छाँव में , वह झूला पुरवाई। कुछ हरषाती तुम जब मुस्कुराती,...

  • कविता : प्यार

    कविता : प्यार

    प्यार रिश्तों की धरोहर है, और इस धरोहर को बनाये रखना हमारी संस्कृति एकता और अंखडता है। यह अनमोल है। प्यार अमूल्य निधि है, इसकी अनुभूति किसी योग साधना से कम नहीं इसके रूप अनेक हैं...

  • अंतरात्मा

    अंतरात्मा

    मेरा संबंध तुमने अंतरात्मा का है। हाँ बाहृा जगत में हम पृथक ही सही, न दिखे ये रिश्ता जग में कहीं मन का जुड़ाव मन से तो है । मेरा संबंध तुमने अंतरात्मा का है। भू...