कविता

गुनगुना रहा हूं गीति के लिए *******************

  ******************** न राग के लिए न रीति के लिए, कि दीप जल रहा अनीति के लिए। न सांझ में सिमट सकती मधुर ये ज़िन्दगी, न भोर में विहँस सकी निठुर ये ज़िन्दगी, न कल्पना के कोर पर हँसा भोर का दीया, न चांदनी से बुझ सका चकोर का हिया। न हार के लिए न […]

कविता

तुम्हीं सच बताओ मुझे मान दोगी

तुम्हीं सच बताओ मुझे मान दोगी तुम्हें गीत की हर लहर पर संवारूँ, तुम्हें जिन्दगी में सदा यदि दुलारूँ, तुम्हीं सच बताओ मुझे मान दोगी, बहुत मैं चला हूँ बहुत मैं चलूंगा, कहीं गीत बनकर तुम्हारा ढलूंगा, तुम्हीं सच बताओ मुझे गान दोगी। प्रणय की निशानी नहीं रह सकेगी, भले यह जवानी नहीं रह सकेगी, […]

गीत/नवगीत

अभी गीत की पंक्तियां शेष हैं

अभी उम्र वाकी बहुत है प्रिये, तुम न रूठो, अभी ज्योति मेरे नयन में। इधर कल्पनाओं के सपने हम सजाते, उधर भाव तेरे मुझे हैं बुलाते, यहाँ प्राण , मेरी न नैया रूकेगी, बहुत बात होंगी न पलकें झुकेंगी, अभी राह मेरी न रोको सुहानी, तुम्हीं रूठती हो, नहीं यह जवानी। अभी गीत की पंक्तियाँ […]

कविता

आज़ गगन में चांद हँसा है

******************** प्रिय तुम मुझसे दूर न जाओ, मेरे मन में आज नशा है। घूंघट खोल रही है कलियाँ , झूम रही है मतवाली अलियाँ , नन्दन वन की वायु चली है, सुरभित दीखी आज गली है, लगती सुखमय मधुरिम वेला, जीवन नन्दन मंजुल मेला, उठती मन में मधुरिम आशा, मिटती सारी थकित पिपासा, तुम भी […]

गीत/नवगीत

गीत – जी भर मैं दुलराऊं

आओ मेरी प्रेयसि! जी भर मैं दुलराऊं। तेरा रूप मनोहर मेरे मन की जलधारा, तुम कुछ इतनी सुन्दर ज्यों फूलों की माला, तेरे चलने पर यह धरती है मुस्काती, देखकर रुप तुम्हारा किरणें भी शरमातीं , तुम जिस दिन आई थी मन में मैं सकुचाया, लेकर छाया-चुम्बन कुछ आगे बढ़ आया, आओ पास हमारे फूल […]

कविता

शिक्षा और शिक्षक

शिक्षा ही जीवन का आधार है, देश का विकास भी शिक्षा के स्तर पर निर्भर, शिक्षा का स्तर,शिक्षक पर है निर्भर, जब तक शिक्षा का स्तर ऊंचा नहीं उठता, तब तक देश का स्तर ऊंचा नहीं हो सकता, शिक्षा जीवन की तैयारी नहीं, अपितु स्वयं ही जीवन है। शिक्षा का उद्देश्य, आंख-कान को खोलना है, […]

भजन/भावगीत

मां शारदे *

हम अज्ञानी और अल्प बुद्धि है, मां शारदे इतना उपकार करो। हम सब के अन्तर्मन में, झंकृत वीणा तार करो। अन्दर ऐसा भाव जगाओ, जन-जन का उपकार करे। हम से यदि त्रुटियां हो जाय, उनको तुम माफ़ करो मां। निर्मल करके तन मन सारा, सकल विकार मिटाओ मां। बुरा न देखें बुरा कहें मत, विनय […]

कविता

जिन्दगी क्या है

जिन्दगी तो प्रेम की एक गाथा है, जिन्दगी भावुक प्रणय की छाँव है, जिन्दगी है वेदना की वीथिका सी जिन्दगी तो कल्पना की छुवन भर है। जिन्दगी है चन्द सपनों की कहानी, जिन्दगी विश्वास के प्रति सावधानी, जिन्दगी इतिहास है निर्मम् समय का जिन्दगी तो आँसुओं की राजधानी। जिन्दगी तो लहलहाती फसल सी है जिन्दगी […]

कविता

प्यार ही धरोहर है

प्यार अमूल्य धरोहर है इसकी अनुभूति किसी योग साधना से कम नहीं है, इसके रूप अनेक हैं लेकिन नाम एक है। प्यार रिश्तों की धरोहर है और इस धरोहर को बनाये रखना हमारी संस्कृति एकता और अखंडता है , यह अनमोल है। प्यार निर्झर झरनों की तरह हमारे दिलों में बहता रहे यही जीवन की […]

भजन/भावगीत

स्नेह दे मां शारदे!

स्नेह दे माँ शारदे, स्नेह दे माँ शारदे | अज्ञान शिशु स्वर साधना दे,शब्दो में आशीष भर दे | भाव की सुकमारता माँ,मृदुता भरी लय तान दे , सारगर्भित अर्थ दे माँ, काव्य की पहचान दे , हो न जाये मान मुझको, दृष्टि ऐसी डार दे | स्नेह दे माँ शारदे, स्नेह दे माँ शारदे […]