कविता

धरती पर हरियाली लायें

आओ मिलकर पेड लगाएं, धरती पर हरियाली लायें, इस धरती पर बढ़ गया प्रदूषण, पेड लगाकर प्रदूषण भगाये, आज जीवन खतरे में है, पेड लगाकर जीवन बचायें। जल प्रदूषण चारों ओर फैला है, सभी नदियों का जल हुआ कसैला, यदि जल ही शुद्ध न मिल पायेगा, जीवन फिर कैसे बच पायेगा, प्रकृति को संरक्षण देना […]

कविता

राष्ट्र निर्माण में विद्यार्थी

छात्रो तुम प्रतिभा की खान हो, तुम ही इस धरा की शान हो, आओ संघर्ष जीवन का आधार बनाए, निष्ठावान बन जीवन  सफल बनाए। तुमको जितना समय मिला है, उसका तुम सदुपयोग करो, इस धरा की तुम ही तो शान हो, राष्ट्र उन्नति में भी तुम्हारा योग दान है। शिक्षा  से होता है सबका विकास, […]

कविता

ये जिन्दगी

क्या बताऊँ कैसी है ये जिन्दगी कभी तो फूल सी लगती है और कभी दुखों का घर लगती है ये जिन्दगी। कभी तो काँटों में गुलाब सी मुस्कुराती है ये जिन्दगी कभी दूर डूबते सूरज सी लगती है ये जिन्दगी। कभी सूरज की पहली किरण सी लगती है यह जिन्दगी कभी कल्पनाओं के सागर में […]

कविता

लगता है कि तुम है* *

****************** सुबह सबेरे चिडिया जब चहकती है, सूर्य की किरण धरती जब आती है, वर्षा की फुहार जब पडती है तब ऐसा लगता है कि तुम हो। पर्वत से कोई झरना गिरता है फूलों पर कोई भौरा गुनगुनाता है, आसमान में इन्द्र धनुष जब दिखती है तब ऐसा लगता है कि तुम हो। सर्दियों में […]

गीत/नवगीत

मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा

बहुत दूर मुझ से बसी हो विरागिन, मिलन अब हमारा तुम्हारा न होगा। किसी दिन तुम्हीं रुप सी बन खडी़ थी, किसी दिन मिलन की घड़ी ही घड़ी थी, विहँसती हुई कर ठिठोली नजर से, तुम्हें देख कर मैं मगन नाचता हूँ , तुम्हें तो खुदा की विभा मानता था, मगर भाग्य मेरा छला जब […]

कविता

वियोग धूप में सदा तुषार सा गला प्रिये*

******************** स्नेह की मधुर बयार में सदा पला प्रिये, वियोग दीप में लिपट पतंगा सा जला प्रिये! चूमती धरा उषा किरण उठी निहारती, झूमती निशा गई उतारती सी आरती, डोलती है मंद वायु बोलती पपीहरी, खोलती सुगंधि कोष मालती मनोहरी, किन्तु दूर दूर मैं उदास भाव से भरा, वियोग धूप में सदा तुषार सा गला […]

कविता

हे शारदे मां, कृपा करो*

******************** मां हमें अज्ञानता से तार दो तेरे द्वार पर आकर मां खड़ा हूं, तेरे चरणों में आज पड़ा हुआ हूं ज्ञान का उपकार दे मां, जन मानस को प्रकाश दे मां हे शारदे मां ,कृपा करो। हृदय वीणा को हमारी नित नवल झंकार दे दो मां, तू मनुजता को इस धरा पर चिर संबल […]

कविता

*गौ राष्ट्र की भाग्य विधाता*

*गौ राष्ट्र की भाग्य विधाता* ****************** गौ है करुणामयी माता, गौ से है जिन्दा है इंसान, गौ राष्ट्र की भाग्य विधाता, गौ है राष्ट्र के प्राण। जहां गौ माता रभाती , उस जगह खुशियां आती, ममता मयी गाय के कारण, पास न आते कोई रोग। गाय का दूध अमृत है, और पंचगव्य है खान, गौ […]

गीत/नवगीत

जीवन ही अब भार मुझे

मेरा अपना इस जग में , आज़ अगर प्रिय होता कोई। मैंने प्यार किया जीवन में, जीवन ही अब भार मुझे। रख दूं पैर कहां अब संगिनी, मिल जाए आधार मुझे। दुनिया की इस दुनियादारी, करती है लाचार मुझे। भाव भरे उर से चल पड़ता, मिलता क्या उपहार मुझे। स्वप्न किसी के आज उजाडूं, इसका […]

भजन/भावगीत

हे मां शारदे

शब्द के कुछ सुमन है समर्पित तुम्हे, बस चरण में इन्हें अब शरण चाहिए । हे मां शारदे कण्ठ से फूट जाये मधुर रागनी, गीत-संगीत में मुझे तू दक्ष कर दे। हे मां शारदे स्वर लहर में रहे भीगते तेरे तन वदन, शारदा मां गुणगान नित करता रहूं। हे मां शारदे मिट सके तम के […]