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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सैनिकों ने ही मिटाया, दाग दामन में नहीं वो गुलामी का चिन्ह भी आज गुलसन में नहीं | हिन्द की स्वाधीनता सैनिक इनायत मिली उनके’ जो बलिदान, नेताओं के’ चिंतन में नहीं | त्याग की जितनी...

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    ग़ज़ल

    उन्हें मुफलिसी से उठा कर तो’ देखे विरादर में’ अपने मिलाकर तो’ देखे | महल जानते कष्ट क्या झोपडी का महल झोपडी द्वार आकर तो’ देखे | वफादार कोई नहीं बेवफा सब अधम की वफ़ा आजमाकर...

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    ग़ज़ल

    अँधेरी’ रात में’ रब एक माहताब तो’ दे मे’रे सनम के’ दिले बाग के गुलाब तो’ दे | चलो कहीं को’ई’ मुझको कभी खिताब तो’ दे न चाहिए मुझे’ अब दोस्त, इक रकीब तो’ दे |...

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    ग़ज़ल

    वो  सभी  किस्से कहानी  और है ये  बुढ़ापा की  जवानी  और है | मौज  मस्ती  की जवानी  और है सादगी  की  जिंदगानी  और है | तारिकाएं  खूब हैं  संसार में वो सितारे  आसमानी  और हैं |...

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    ग़ज़ल

    इफ़रात मुहब्बत कभी’ मारा नहीं’ करते कौमार्य की’ आतिश को’ बुझया नहीं’ करते | मन्शा सही’ जिसका हो’, बहाना नहीं’ करते संकट में’ खरा दोस्त किनारा नहीं’ करते | नेकी करो’ पर उसका’ कभी जिक्र न...

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    ग़ज़ल

    नाश करने पाप को पावक उबलना चाहिए देश प्रेमी का धड़कता दिल मचलना चाहिए | नाश भ्रष्टाचार का होना जरूरी है अभी हाल सारे देश का निश्चित बदलना चाहिए | घूस देते राज नेता वोट लेने...

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    ग़ज़ल

    चाहती क्या तू ज़माना छोड़ दें ? ये सभी रिश्ते निभाना छोड़ दें ? बेवफा बनना सिखाता क्यूँ मुझे वक्त! मेरे राह आना छोड़ दें | जिंदगी में बेदना तुम ने दिया और तू मुझको सताना...

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    गजल

    हर तरफ है खौफ का मंजर खुला रहनुमा का राज़ का तेवर खुला | बंद के पश्चात जब परिसर खुला आदमी के हाथ में खंजर खुला | सिन्धु से भारत घिरा है तीन सू किन्तु पश्चिम...

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    गजल

    हैरान हो गया बुझा व्यवहार देखकर अभिभूत हो गया दिली सत्कार देखकर अंग्रेज आये थे यहाँ व्यापार के लिए फिर रह गए थे माल का अम्बार देखकर नाराज़ थी प्रिया मेरी जब देर हो गई आनंद...

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    ग़ज़ल

    सिर्फ तकरीर ही सब कुछ नहीं, तद्वीर भी थी जो मिला उसमें भी इंसान की तक़दीर भी थी | चाह थी पर नहीं आना हुआ अबतक यहाँ पर हाथ थे मुक्त तो क्या? पैर में जंजीर...