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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दुनिया सभी देखी यहाँ, इसके सिवा देखा कहाँ ए जिंदगी जग में कटी, जग छोड़ अब जाना कहाँ ? अज्ञान है इंसान मणि को मानते भगवान वह कंकड़ नगीना को पहन भगवान को पाया कहाँ ?...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    हुआ है प्यार तो वे चश्म से इकरार करते है छुपाकर प्यार दिल में, क्यों जुबां से वार करते है ? हमेशा एक ही वादा किया करते कुटिल नेता भली भोली प्रजा हर बात पर इतवार...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    प्रेम इजहार में तकरार जरूरी तो नहीं आपसी मेल में मनुहार जरूरी तो नहीं | डूबना ही था’ तुझे डूबते’ इन आंखों में डूबने धार का मझधार जरूरी तो नहीं | बाँह के घेरे’ में’ जब...

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    ग़ज़ल

    सैनिकों ने ही मिटाया, दाग दामन में नहीं वो गुलामी का चिन्ह भी आज गुलसन में नहीं | हिन्द की स्वाधीनता सैनिक इनायत मिली उनके’ जो बलिदान, नेताओं के’ चिंतन में नहीं | त्याग की जितनी...

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    ग़ज़ल

    उन्हें मुफलिसी से उठा कर तो’ देखे विरादर में’ अपने मिलाकर तो’ देखे | महल जानते कष्ट क्या झोपडी का महल झोपडी द्वार आकर तो’ देखे | वफादार कोई नहीं बेवफा सब अधम की वफ़ा आजमाकर...

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    ग़ज़ल

    अँधेरी’ रात में’ रब एक माहताब तो’ दे मे’रे सनम के’ दिले बाग के गुलाब तो’ दे | चलो कहीं को’ई’ मुझको कभी खिताब तो’ दे न चाहिए मुझे’ अब दोस्त, इक रकीब तो’ दे |...

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    ग़ज़ल

    वो  सभी  किस्से कहानी  और है ये  बुढ़ापा की  जवानी  और है | मौज  मस्ती  की जवानी  और है सादगी  की  जिंदगानी  और है | तारिकाएं  खूब हैं  संसार में वो सितारे  आसमानी  और हैं |...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इफ़रात मुहब्बत कभी’ मारा नहीं’ करते कौमार्य की’ आतिश को’ बुझया नहीं’ करते | मन्शा सही’ जिसका हो’, बहाना नहीं’ करते संकट में’ खरा दोस्त किनारा नहीं’ करते | नेकी करो’ पर उसका’ कभी जिक्र न...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    नाश करने पाप को पावक उबलना चाहिए देश प्रेमी का धड़कता दिल मचलना चाहिए | नाश भ्रष्टाचार का होना जरूरी है अभी हाल सारे देश का निश्चित बदलना चाहिए | घूस देते राज नेता वोट लेने...

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    ग़ज़ल

    चाहती क्या तू ज़माना छोड़ दें ? ये सभी रिश्ते निभाना छोड़ दें ? बेवफा बनना सिखाता क्यूँ मुझे वक्त! मेरे राह आना छोड़ दें | जिंदगी में बेदना तुम ने दिया और तू मुझको सताना...