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  • देश खुशहाल है !

    देश खुशहाल है !

    आगे देखो ,देखते रहो ,अच्छे  दिन आने वाले हैं भाषण सुनकर ,गदगद जनता ,दिन बदलने वाले हैं गिन गिनकर काटते हैं दिन,अच्छे दिन के इन्तेजार में नींद गायब ,सपने गायब, खुली आँखों में सपने देखते हैं...

  •  विजयी सैनिक

     विजयी सैनिक

      हॉस्पिटल के कैंसर वार्ड के विस्तर पर लेटे लेटे सुबीर थक चूका था l एक सप्ताह से वह हॉस्पिटल के इसी वार्ड में था l दिनभर वह इंतजार करता कि घर से कोई आये उसकी...

  • अन्न की बर्बादी  ?

    अन्न की बर्बादी ?

    बहुत हैं ऐसे जो ,एक रोटी के लिए तरसते हैं थाली भर लेते हैं कुछ,आधा खाकर छोड़ देते हैं जिम्मेदार हैं वे खुद, इस देश के अन्न की बर्बादी के नासमझी में बर्बाद कर अन्न,औरों को...

  • मानव-अस्तित्व खतरे में !

    मानव-अस्तित्व खतरे में !

    मानवविज्ञानी एवं वैज्ञानिकों का मत है – पृथ्वी की उत्पत्ति के लाखों वर्ष बाद पृथ्वी में जीव की उत्पत्ति हुई |महुष्य की उत्पत्ति बहुत बाद करीब चालीश लाख साल बाद हुई वो भी होमो (Homo) के...

  • दो अजनबी !

    दो अजनबी !

    चलते चलते अनन्त यात्रा के राह में एक अजनबी से मुलाक़ात हो गई कुछ दूर साथ-साथ चले कि हम दोनों में दोस्ती हो गई | कहाँ से आई वह ,मैंने नहीं पूछा मैं कहाँ से आया...


  • कटु सत्य

    कटु सत्य

    यह तो तय था जिस दिन हम मिले थे उससे बहुत पहले यह निश्चित हो गया था एक दिन हम मिलेंगे और एक दिन तुम मुझे छोड़ जाओगी या मैं तुम्हे छोड़ जाउंगा , कौन किसको...