Author :

  • कलम

    कलम

    कलम कहती है बहुत कुछ कुछ दिल की बातें जब लेती है यह सुन शब्दों से आलिंगन कर एहसासों के मोतियों को पिरो लेती है। कलम देखती है वो सब कुछ जो दिखाया जाता है कभी...

  • कविता

    कविता

    प्यार प्रकृति से जो कर ले प्यार को सही पहचानेगा नील गगन से तारे तोड़कर क्या खोएगा क्या पायेगा प्यार अविरल धारा में हैं प्यार प्रकृति प्रवाह में है प्यार सीखें परिंदों से हम प्यार सीखे...

  • लघुकथा संवाद

    लघुकथा संवाद

    नमस्कार मित्रों, कुछ समय पहले ही आदरणीया कल्पना भट्ट दीदी द्वारा लिखित किताब ” लघुकथा सम्वाद ” मिली। मैं इस किताब को पूरे इत्मीनान से पढ़ना चाहती थी इस कारण कुछ दिन पहले मैंने इस किताब...

  • होली

    होली

    वसन्त से शुरू होते रंग होली तक गीले हो जाते टेसू के पानी में घूल जाते इत्र की खुशबू फूलों की पंखुडियों से मिश्रित रंग चढ़ जाता है विविध रंगों का हो जाता आसमाँ इंद्रधनुषी सोच...


  • नमकीन पसीना

    नमकीन पसीना

    चले मेला आओ भालू भाई पहनो सूट, बूट और टाई देखो बाहर शीत लहर है ठण्डी हवा चारो पहर है आप हो मेले के महाराजा खेल होगा और बजेगा बाजा आओ आओ जल्दी आओ मेहनत के...

  • आत्मघात (लघुकथा)

    आत्मघात (लघुकथा)

    अब्दुल बहुत दिनों बाद घाटी में अपने घर आया था  | उसने चारों तरफ  देखा, घर में उसकी बूढी अन्धी दादीजान के अलावा कोई न दिखा |  वह अन्दर- बाहर, पड़ोस में भी देख आया, “आखिर...


  • दृढ़ संकल्प

    दृढ़ संकल्प

    अपनी कुर्सी पर बैठे-बैठे शांति की नज़र अख़बार की सुर्ख़ियों पर पड़ी। दलित महिला पर गाँव वालो का अत्याचार… ये कोई नई बात नहीं थी, आये दिन महिलाओं पर केंद्रित कोई न कोई अप्रिय घटना अख़बार...

  • हम बालक

    हम बालक

    हम बालक छोटे अज्ञानीक्यों करे कोई छल बताओ हमको पसंद है चॉकलेट टॉफीक्यों खा जाते बड़े लोग बताओ हम बालक जब मांगे खिलौनेदेते हैं हमको क्यों यह ताने पढ़ो लिखो वक़्त न आयेगा लौटकरक्या बचपन लौटकर...