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  • कशिश

    कशिश

    सुनो! कल तुम कुछ पूछ रहे थे मेरे एहसास जानने को आतुर थे चुप थी मैं, यह सोच कि क्या कहूँ अपने दिल में बसे प्यार का करूँ कैसे बखान कहीं तुम यह न समझ लो...

  • लघुकथा की रचना-प्रक्रिया

    लघुकथा की रचना-प्रक्रिया

    विषय अथवा चित्र आधारित लघुकथाएँ पिछले कुछ वर्षों सोशल मीडिया पर एक प्रचलन आम हो चला है, विभिन्न समूहों में विषय अथवा चित्र प्रदान कर एक निश्चित अवधि के भीतर लघुकथा लिखने को कहा जाता है। कई समूह तो प्रत्येक माह की पहली तारीख को १०...

  • घमण्ड

    घमण्ड

    काली और सुनहरी कलम अपने डिब्बे से बाहर आ चुकी थी। पास की दवात की शीशी रही हुई थी। कलम ने शीशी को देखा और इठला कर बोली,”देखो मैं कितनी सुन्दर हूँ, मेरा आकार,मेरा रंग-रूप… और...


  • खुबसूरत थी वह

    खुबसूरत थी वह

    खूबसूरत थी वह सर से पैर तक नहाई हुई थी दूध से ,उबटन से देखते रहते थे लोग आने जाने वाले कसकते थे पाने को उसको घूमते रहते थे आसपास यूँही । खूबसूरत हसीन चेहरा ऊपर...

  • तलाक़ की मोहर

    तलाक़ की मोहर

    अपने रिश्ते पर तलाक की मोहर लगवा कर कोर्ट से बाहर आये अभिषेक एवं शिखा  और अलग-अलग रास्ते पर चल दिये। ऑटो रिक्शा में बैठी शिखा के दिल-दिमाग में अभिषेक से प्रथम परिचय  से ले कर...

  • सेल्फ मेड

    सेल्फ मेड

    “ये क्या लिख कर लाये हो अक्षत ? ऐसे उत्तर तो तुम्हें नहीं लिखवाये थे मैंने ।” शिक्षिका ने डांटते हुए कहा । ” जी …..मैम …..वो मैं बीमार जो रहा इतने दिनों से , मुझे...


  • विश्व स्तन पान दिवस

    विश्व स्तन पान दिवस

    विश्व स्तन पान दिवस १ अगस्त को विश्व भर में मनाया जाता है , इस दिवस को मनाने का उद्देश्य है कि माताओ को स्तन पान के लिए जागरूक करना | स्तन पान ! जी हाँ...

  • मोबाइल संस्कृति

    मोबाइल संस्कृति

    सन्देश ने अपने पापा से मोबाइल की जिद्द की , उन्होंने बहुत समझाया -” बेटा , अभी तुम बहुत छोटे हो , अभी तो तुम पाँचवी में हो , अभी से मोबाइल का क्या करोगे ?”...