राजनीति

सुनो केजरीवाल !

कहानी बड़ी है, आपने सुनी होगी लेकिन छोटे में सुनाता हु फिर आगे पढियेगा. एक बालक था जिसका बचपन का नाम “अहिंसक” था. वो कोशल नरेश पुरोहित भार्गव का पुत्र था और माता थी उसकी मैत्रायणी. अहिंसक बचपन में दिखने से सुडोल सुन्दर विचारणीय था एसा सबको लगता था, अहिंसक बन उसने सारी तरकीबे अश्त्र […]

हास्य व्यंग्य

पाठक की सहिष्णुता

आजकल देश में असहिष्णुता पे खूब बातें हो रही है, किसी को देश अच्छा नहीं लग रहा तो कोई ईराक सीरिया का अखबार पढ़ भारत में डर रहा है, “रक्तपात” की बातें करने वालो को भी असहिष्णुता की चिंता हो रही है, पार्टी के नेशनल मीटिंग में बात पसंद न आने पर बाउंसर से पिटवाने […]

सामाजिक

पीके बनी है पीके?

आमिर खान एक बेहद संजीदा आदमी है, समाज के कुरूतियों के खिलाफ उनका उठाये जाने वाला कदम सराहनीय होता है, जिसको समय समय पर वो विभिन्न माध्यमो से उठाते रहते है, जो स्वागत योग्य है. राजकुमार हिरानी के किचन से खानसामा आमिर ने फिर एक नया फ़िल्मी डिश बनाया है जिसका नाम है पीके, जो […]

इतिहास

भारत या हिन्दुस्तान

अपने राष्ट्रपति काल में श्री राधा कृष्णन ने एक बार कहा था “ Here in India, unfortunately, change of religion means change of race and nationality” . – यहाँ भारत में दुर्भाग्य से धर्म परिवर्तन का अर्थ, जातीयता और राष्ट्रीयता का परिवर्तन है”. उनका ये वाक्य बहुत ही दूरदर्शी था जिसको आज हम प्रत्यक्ष रूप […]

हास्य व्यंग्य

नेता या नंगा

हमारे समाज ने हमें एक हमाम दिया है जिसमे सब नंगे होते है, ज्ञान चतुर्वेदी जी के भाषा में कहें तो नंगा होना बहुत जरुरी है इसीलिए हमाम का निर्माण हुआ.   लेकिन नेता अपवाद है, वो कहीं भी नंगे या नंगेपन पे उतारू हो सकते हैं, समय पर नंगे होते है, नंगापन दो प्रकार […]

राजनीति

ईराकी इस्लामी युद्ध और भारत पर उसका प्रभाव

ईराक में जो खूनी खेल चल रहा है उसका तो अल्लाह ही मालिक है, वो मालिक इसलिए कि सारा खेल ही उसी के नाम पर हो रहा है, इस्लाम, जिसकी वजह से लिबरल मुस्लिम पूरी दुनिया में शर्मशार होते है और दूसरे सम्प्रदाय के कट्टरपंथियों का निशाना. पहले ये जान ले कि ईराक में क्या […]

राजनीति हास्य व्यंग्य

केजरीवाल जी, नो उल्लू बनाविंग…

कालीबाड़ी में हुए मोहल्ला सभा में केजरीवाल ने स्वीकार किया की उन्हें लगा की वो सरकार पूर्ण बहुत से बना लेंगे इसलिए इस्तीफा दिया. केजरीवाल राजनीति को अपने “लगने”और “न लगने” के चश्मे से ही तय करते है. उन्हें “लगता है” की गडकरी भ्रष्ट है, उन्हें  “लगता है की” संविधान भ्रष्ट है, उन्हें लगता है […]

ब्लॉग/परिचर्चा हास्य व्यंग्य

स्वर्ग में धरना

स्वर्ग के विश्वसनीय एकाउंटेन्ट चित्रगुप्त व्हाट्स एप पर इंद्र से कुछ निर्देश ले रहे थे, तभी मैं नारायण-नारायण करते हुए प्रकट हुआ. “कैसे आना हुआ मुनिवर? इस बार के पृथ्वी लोक का टूर कैसा रहा? क्या क्या किया? कहाँ कहाँ घूमे? अब आगे का क्या प्लान है और ये आपके सर पे टोपी कैसी है? […]