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  • गीत- वो सच माने

    गीत- वो सच माने

    मुझको इतना ज़्यादा जाने. जो भी कह दूँ वो सच माने. वो जीवन में ऐसे आया. जैसे कड़ी धूप में छाया. पथ की सारी थकन भुला दी, उसने इतना स्नेह लुटाया. सिरहाने हो शीश दबाता, पाँव...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    माना कि ख़ार में हैं फूलों के प्यार में हैं बगिया ये कल खिलेगी हम इंतज़ार में हैं जब से है तुझको देखा इतने ख़ुमार में हैं लगता है जैसे हर पल जश्ने-बहार में हैं लाखों...




  • शायरी मिल गई

    शायरी मिल गई

    तुमसे मिलकर मुझे यों ख़ुशी मिल गई. ज़िंदगी को नई जिंदगी मिल गई. मुझको ऐसा लगा इक ख़जाना मिला, वर्षों पहले की जब डायरी मिल गई. प्यास अधरों की जल से नहीं बुझ सकी, वो बुझी...




  • डॉ. कमलेश द्विवेदी सम्मानित

    डॉ. कमलेश द्विवेदी सम्मानित

    6 जून 2017 को सुलभ इंटरनेशनल सोशल सर्विस आर्गेनाईजेशन, नई दिल्ली में “सुलभ इंडिया” के सहसंपादक डॉ. अशोक ज्योति जी के आमंत्रण पर उनके संस्थान में कानपुर के सुप्रसिद्ध हास्य कवि डॉ. कमलेश द्विवेदी जी को सम्मानित...