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  • गीत- वो सच माने

    गीत- वो सच माने

    मुझको इतना ज़्यादा जाने. जो भी कह दूँ वो सच माने. वो जीवन में ऐसे आया. जैसे कड़ी धूप में छाया. पथ की सारी थकन भुला दी, उसने इतना स्नेह लुटाया. सिरहाने हो शीश दबाता, पाँव...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    माना कि ख़ार में हैं फूलों के प्यार में हैं बगिया ये कल खिलेगी हम इंतज़ार में हैं जब से है तुझको देखा इतने ख़ुमार में हैं लगता है जैसे हर पल जश्ने-बहार में हैं लाखों...