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  • औरत !

    औरत !

    पूनम आज भी अपने पति के साथ ज़िन्दगी गुजारना चाहती थी पर समय जाने क्या-क्या रंग दिखा रहा था। औरत हूँ शायद इसलिए इतना बड़ा फैसला नहीं ले पा रही हूँ….ऊपर से दो बेटियां हैं वो भी मेरी...

  • जानवर !

    जानवर !

    बंटी जल्दी जल्दी स्कूल की ओर जा रहा था,तभी एक नज़र पिंकी के पापा पर पड़ी! पिंकी के पापा उसी ओर आ रहे थे, पर अचानक बंटी के कदम रुक गए …..ये क्या? पास की झाड़ियों में...

  • दिल की बात कहता हूँ !

    दिल की बात कहता हूँ !

    सुनो गर तो आज दिल की बात कहता हूँ! कह न सका जो बरसों वो जज़्बात कहता हूँ! चाँद को तारों से कहनी थी जो अनकही ; वो हसीन झिलमिल सी मुलाकात कहता हूँ! ख्वाबों का...

  • हमारा वतन !

    हमारा वतन !

    बात वतन के हित की हो बस कुछ को तकलीफ़ होती है, हर बात पे बस राजनीति क्या कोई इसकी हद होती है ! वतन के साथ यूं खिलवाड़ न करो राजनीति़ के गलियारों से, मौके...



  • गुड़िया की शादी !

    गुड़िया की शादी !

    रीचा बड़े ही प्यार से अपनी गुड़िया को सजा रही थी उसने कितने दिनो से शोर मचाया हुआ था कि वो अपनी गुड़िया की शादी प्रियंका के गुड्डे से सोमवार को करेगी। पापा और ममी के...

  • हर पल को जी लूं !

    हर पल को जी लूं !

    हर पल को जी लूं ! कहता है मन कभी  कभी  तोड़ के बंधन ये अजनबी आज हर पल को जी लूं कल्पनाओं का तिलिस्म जाने क्या कशिश है इसमें खींचता है जो अपनी ओर आज...

  • क्या करे कोई !

    क्या करे कोई !

    अपने ही जब अपनों को छले तो क्या करे कोई! शमां में जानकर परवाना जले तो क्या करे कोई! वक्त़ तो बदल जाता है सबके लिए कभी न कभी; इंतज़ार की लम्बी शाम न ढले तो...

  • थोड़ा सा आसमान !

    थोड़ा सा आसमान !

    सुबह ही बाबू जी ने दोनो बेटों और बहुओं को अपने कमरे में बुलाया था। कमरा तो नाम का था बस एक पलंग मुश्किल से लगा था, और पत्नी के देहांत को अभी एक माह भी नहीं...