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  • बेटी की शादी।

    बेटी की शादी।

    ं ममता यूं तो बीच वाले भाई की पत्नी थी पर जाने क्यों न तो उसे देवरानी से सम्मान मिलता था न ही जेठ जेठानी से प्यार। सास के पास बहुत पैसा था सब बेटे आज्ञाकारी...

  • ये आशाओं का डेरा है।

    ये आशाओं का डेरा है।

    ये आशाओं का डेरा है… आशाएं यहां लुप्त होगी जिन्दगी वहाँ सुप्त होगी हर निशा के बाद सवेरा है और ये जो जीवन है… ये आशाओं का डेरा है। मत सोचो क्या क्या खोया था दिल...

  • पिता जी।

    पिता जी।

    सुमन ने जैसा ही दरवाजा खोला, पिताजी ने प्यार से सिर पर हाथ फेरा। सुमन की ताक़त यही थी, पिताजी का विश्ववास और साथ। सुमन की पढ़ाई पूरी हो चुकी थी,  अब रोज़ कहीं न कहीं...

  • छोटू का गुब्बारा।

    छोटू का गुब्बारा।

    एक बड़ी सी गाड़ी गुब्बारे वाले के पास रुकी, छोटा अवि जिद्द करने लगा तो महेश ने साथ आए छोटू को पैसे देकर पाँच गुब्बारे लाने को कहा, था तो छोटू भी अभी नन्हाँ पर वो उनकी कामवाली...

  • आशीर्वाद

    आशीर्वाद

    केशव रोज़ अपने ममी-पापा और दादी-दादू के पाँव छूकर विद्यालय जाता और सभी उसे ढेर सारा प्यार और आशीर्वाद देते। ममी ने समझाया था कि बड़ों की इज्जत करनी चाहिये और उनका कहना भी  मानना चाहिये। ऐसा...

  • ख़्वाहिशें

    ख़्वाहिशें

    बहुत शोर है भीतर गहराई में मानो टकरा रहीं हो सभी ख़्वाहिशें आपस में मगर कुछ ख़्वाहिशें ये समझ गई हैं उनके पूरे होने की कोई आस नहीं है इसलिए अब वो चुपचाप खामोश होकर कहीं मन...

  • सदा सच ही तुम बोलो ।

    सदा सच ही तुम बोलो ।

    मीनू गोलु बंटी सुनो,पहले तोलो फिर बोलो। जब भी बोलो कभी,सदा सच ही तुम बोलो। सच की ताकत पहचानो,ये काम की बात है; झूठ के होते पाँव नहीं,झूठे का क्या विश्वास है। कभी कभी सच हमें,माना थोड़ा...


  • गुरुर होते देखा है !

    गुरुर होते देखा है !

    दिल को अपने ही हाथों मजबूर होते देखा है। न चाहते हुए भी प्यार से दूर होते देखा है। न करनी थी वो गलतियों जो हो चुकी हैं अब, उन छोटी गलतियों को भी नासूर होते...

  • टूट गई दीवारें !

    टूट गई दीवारें !

    टूट गई दीवारें अब सब दिखता है गरीबी की अपनी देखो हर कोई कहानी लिखता है। कल तक परदे में था अब सब सामने दिखता है इक आम इंसान जब तड़प कर भूख से मरता है।...