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  • स्मृतियाँ

    स्मृतियाँ

    कुछ स्मृतियाँ कभी शेष नहीं होतीं, कुछ स्मृतियाँ कभी शेष नहीं होतीं, जम जाती है वक़्त की धुंधली परत, कुछ लोग, कुछ पल, कुछ एहसास, चलते हैं साथ – साथ जीवन के, कुछ चेहरे, कुछ घटनायें,...

  • अनियंत्रित भावनाएं

    अनियंत्रित भावनाएं

    अनियंत्रित भावनाएं विचरती हैं अपने वेग में, कितना भी रोको कितना भी टोको ये अपने ही धुन में, बंदिशों को तोड़कर पहुँच जाती हैं अपने ध्येय तक….. ये निश्छल भावनाएं नहीं जानती, इनकी उच्श्रृंखलता भी नहीं...

  • मेरी हथेली तेरी हथेली

    मेरी हथेली तेरी हथेली

    सिमटती है मेरी हथेली तेरी हथेली  में, अनेकों एहसास उन थोड़े पलों में हो जाते हैं प्रवाहमान, बस इतनी सी ख्वाहिश जिंदा रहती हैं, की बस ठहर जाए ये पल, जी लूँ तुम्हें सदियों की तरह। क्या...

  • अच्छा लगता है

    अच्छा लगता है

    अच्छा लगता है तुम्हें देखना, तुम्हीं से छुपाकर….. अच्छा लगता है तुम्हें सुनना , तुम्हारी ही नजर बचाकर…. अच्छा लगता है तुम्हारा मुझे देखना आंखों में लिए अथाह प्रेम जिससे भींगती मैं सराबोर हो जाती हूं...

  • अभिशाप

    अभिशाप

    दूर रहो उससे जो अभिशापित हों उसकी छाया भी छीन लेगी हंसी तेरे होठों की, दूषित कर देगी वातावरण में व्याप्त सुगंध को, कुछ अहिलयाएं कभी शापमुक्त नहीं होती, चाहे राम कर दें समर्पित अपने सारे...

  • “कठपुतली“

    “कठपुतली“

    हां,हम बन जाते हैं कठपुतली.. निर्जिव, निष्प्राण, आश्रित… भावनाओंके हाथों धागा हिलता है और हम नाचते – गाते, हसते – रोते… हां पर भावनाएं तो हमारी अपनी, फिर ? फिर क्यों हम बन जाते हैं कठपुतली???...

  • चिरकालिक व्यथा

    चिरकालिक व्यथा

    मैं कब से देख रही थी उसे,अथाह पीड़ा के साथ – साथ उसकी आंखों में घृणा की ज्वाला भी धधक रही थी। मेरी नजर ने उसके निगाहों का पीछा किया और जो दृश्य मुझे दिखाई दिया...

  •   मैं साथ क्यों ना थी ?

      मैं साथ क्यों ना थी ?

    सोचती हूं कभी जब तुम होंगे जीवन के सबसे खुशहाल पलों में…   मैं साथ क्यों ना थी? सोचती हूं कभी जब तुम जूझ रहें होंगे जीवन की उलझनों से   मैं साथ क्यों ना थी?...

  • प्रेम और त्याग

    प्रेम और त्याग

    प्रेम और त्याग धरा ! धैर्य धारण किए, खुद में समेटे अथाह प्रेम और त्याग, तकती रहती अपने आसमां.. क्षण – क्षण खुद में समाहित करती आसमां के बदलते हर स्वरूप.. कभी सूरज की ज्वाला से...