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  • चले चलना चले चलना

    चले चलना चले चलना

    चले चलना चले चलना कभी कमजोर मत पड़ना बिछे हों राह में कांटे उन्हें तुम रौंद के चलना। चले चलना चले चलना कभी कमजोर मत पड़ना। रूठे जो कभी अपने टूटे जो कभी सपने अपनो को...

  • “आत्म निर्णय”

    “आत्म निर्णय”

    “आत्म निर्णय” जिंदगी के धूप-छांव में गिरते-पड़ते उठते-सम्भलते बढ़ते रहे रुके नहीं क्योंकि जो भी हो जिंदगी खूबसूरत है हाँ! वक़्त के साथ सोच बदले विचार बदले पर नहीं बदली तो सबके लिए सोचने, मन की...

  • आसान नहीं 

    आसान नहीं 

    आसान नहीं खुद से खुद की लड़ाई मानसिक रूप से तोड़ता हर पल एक जद्दोजहद दिन दोपहर रात। जूझना खुद से कभी हारना तो कभी जीतना कभी हँसना तो कभी रोना पहुँचना कभी विछिप्तता के कगार...

  • अजब-गजब दुनिया

    अजब-गजब दुनिया

    अजब-गजब दुनिया का सबसे छोटा जानवर दुनिया का सबसे छोटा घोडा मात्र 17 इंच का है सबसे छोटा कुत्ता डक्की मात्र 4.9 इंच का है दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली मात्र 6.1 इंच की है इसका...

  • विडम्बना

    विडम्बना

    विडम्बना “बहु ओ बहु कहाँ मर गयी!“ सुषमा जी पूजा घर से चिल्ला रही थीं। आज नवरात्रि का पहला दिन था। पंडित जी को और भी घरों में जाना था वो थोड़ा जल्दी में थे। ष्...

  • #मन_गौरैया#

    #मन_गौरैया#

    #मन_गौरैया# तन की कोठरी में चहकती फुदकती मन गौरैया कभी पंख फड़फड़ाती कभी ची- ची करती भर जाती पुलक से नाचती देहरी के भीतर। उड़ना चाहती पंख पसार उन्मुक्त गगन में देखना चाहती ये खूबसूरत संसार…....

  • सच्ची आधुनिकता

    सच्ची आधुनिकता

    सच्ची आधुनिकता सुबह- सुबह सोसाइटी के पार्क में मॉर्निंग वॉक करते हुए मिसेज शर्मा की नजर मिसेज बैनर्जी पर पड़ी। “हेलो मिसेज बनर्जी क्या बात है आप आजकल सोसाइटी की किटीज में नहीं दिख रहीं!” “ऐसे...

  • विडम्बना

    विडम्बना

    विडम्बना वही तो है, बिल्कुल वही। आज पाँच वर्षों के बाद उसे देखा मैंने हरिद्वार में पतितपावनी गंगा के किनारे। गेरुआ वस्त्र में लिपटी हुई, मुख पर असीम शांति लिए हुए चोटिल और बीमार पशुओं की...

  • ये कुछ तुम जैसा है

    ये कुछ तुम जैसा है

    ये कुछ तुम जैसा है कुछ नेह के धागे बुने हुए कुछ स्नेह की झरती बूंदों सी, कुछ यादें मीठी-मीठी हैं कुछ लम्हें रीते-रीते से कुछ होंठों पर मुस्कान लिए कुछ नमी भी है इन आँखों...

  • विवशता?

    विवशता?

    विवशता? “मम्मी आज मत दाओ ना, तुम नहीं होती हो तो अच्छा नहीं लगता!” रचना की तीन साल की बेटी पीहू ने खाँसते हुए कहा जिसे सुनकर रचना का मन रो पड़ा।   ” बेटा मीना...