कविता

क्या है तेरे मेरे दरमियां?

क्या है तेरे मेरे दरमियां? कुछ तो है ऐसा तेरे मेरे दरमियां, जो परिभाषित नहीं ना ही हो पाएगा कभी। पहेली ही तो बनते जा रहे, अपने खुद के ही एहसास, जिसे खो नहीं सकते कभी, उसे खोने का भय, कितना भहायव है जो निचोड़कर रख देता है खुद के ही वजूद को… एक अजीब […]

कविता

परिपूर्णता

परिपूर्णता हां! हो तुम हृदय में , जैसे मृग के कुंडल में स्थित कस्तूरी, आभामंडल सा व्याप्त है तुम्हारे अस्तित्व का गंध, जो जगाए रखता है निरंतर एक प्यास मृगतृष्णा सी, हां मृगतृष्णा सी -…. एक अभिशप्त तृष्णा जो जागृत रखती है अपूर्णता के एहसास को मृत्युपर्यंत ….. हां ये अपूर्णता ही तो परिपूर्ण करती […]

कविता

सर्मपण

आओ ना एक बार, भींच लो मुझे उठ रही एक कसक अबूझ – सी रोम – रोम प्रतीक्षारत आकर मुक्त करो ना अपनी नेह से। आओ ना एक बार, ढ़क लो मुझे, जैसे ढ़कता है आसमां अपनी ही धरा को बना दो ना एक नया क्षीतिज । आओ ना एक बार, सांसो की लय से […]

गीतिका/ग़ज़ल

उलझनें कम नहीं जिंदगी की

उलझनें कम नहीं जिंदगी की बस बहुत हुआ अब इसे घटाओ ना, थक जाएं जो कभी हारकर तुम आकर गले लगाओ ना, एक रूह, दो जिस्म में जिंदा रहे इस कदर धड़कनों में समाओ ना, मांग लो जान हमसे खुशी है हमें लगकर गले से मुझमें समाओ ना, छोड़ दें मुस्कुराना एकबार कहो, आजमाना हो […]

कविता

चले चलना चले चलना

चले चलना चले चलना कभी कमजोर मत पड़ना बिछे हों राह में कांटे उन्हें तुम रौंद के चलना। चले चलना चले चलना कभी कमजोर मत पड़ना। रूठे जो कभी अपने टूटे जो कभी सपने अपनो को मना लेना नए सपने सजा लेना चले चलना चले चलना कभी कमजोर मत पड़ना गिरोगे तुम कभी खुद से […]

कविता

“आत्म निर्णय”

“आत्म निर्णय” जिंदगी के धूप-छांव में गिरते-पड़ते उठते-सम्भलते बढ़ते रहे रुके नहीं क्योंकि जो भी हो जिंदगी खूबसूरत है हाँ! वक़्त के साथ सोच बदले विचार बदले पर नहीं बदली तो सबके लिए सोचने, मन की बात बोलने की जन्मजात फितरत, बदलना ही होगा अब सीखना ही होगा दफन करना मन के कोने में बनाकर […]

कविता

आसान नहीं 

आसान नहीं खुद से खुद की लड़ाई मानसिक रूप से तोड़ता हर पल एक जद्दोजहद दिन दोपहर रात। जूझना खुद से कभी हारना तो कभी जीतना कभी हँसना तो कभी रोना पहुँचना कभी विछिप्तता के कगार तक। सच! आसान नहीं होता खुद को हराना खुद के हाथों और तब तो बिल्कुल भी नहीं जब हो […]

सामाजिक

अजब-गजब दुनिया

अजब-गजब दुनिया का सबसे छोटा जानवर दुनिया का सबसे छोटा घोडा मात्र 17 इंच का है सबसे छोटा कुत्ता डक्की मात्र 4.9 इंच का है दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली मात्र 6.1 इंच की है इसका वजन 3 पाउंड होता है सबसे छोटी मछली सिर्फ 0.3 इंच की होती है ये पेईडोक्राईप प्रोजेगेटिया की एक […]

लघुकथा

विडम्बना

विडम्बना “बहु ओ बहु कहाँ मर गयी!“ सुषमा जी पूजा घर से चिल्ला रही थीं। आज नवरात्रि का पहला दिन था। पंडित जी को और भी घरों में जाना था वो थोड़ा जल्दी में थे। ष् क्या बोलूँ पंडित जी! पता नहीं कैसी बहुरिया पल्ले पड़ गई। कल से ही बोल रखी थी सुबह सब […]

कविता

#मन_गौरैया#

#मन_गौरैया# तन की कोठरी में चहकती फुदकती मन गौरैया कभी पंख फड़फड़ाती कभी ची- ची करती भर जाती पुलक से नाचती देहरी के भीतर। उड़ना चाहती पंख पसार उन्मुक्त गगन में देखना चाहती ये खूबसूरत संसार…. नहीं संज्ञान उसे, इस लुभावने संसार के पथरीले धरातल, और छद्म रूप धरे, मन गौरैया के पर कतरने ताक […]