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  • उम्र के एक पड़ाव पर

    उम्र के एक पड़ाव पर

    उम्र के एक पड़ाव पर हो जाते हैं फीके बेरंग एहसास यथार्थ के हाथों होते हैं कत्ल भावों के। एक मृग मरीचिका के पीछे होती है एक अंधी दौड़ बस एक इच्छा होती जाती है बलवती...

  • कभी आना मेरे पास

    कभी आना मेरे पास

    कभी आना मेरे पास बस निहारना नयनों में भरे प्यार से भींग जाए तन-मन मेरा उस प्यार के एहसास से। कभी आना मेरे पास बस छूना मुझे एक अनोखे अंदाज से हो जाये झंकृत अन्तस् मेरा...

  • एक अफ़साना प्यार का

    एक अफ़साना प्यार का

    आज अदिति के आफिस का पहला दिन था,छोटे शहर से आयी हुई लड़की थी थोड़ी सी घबराहट उसके पूरे व्यक्तिव पर हावी थी। ऑफिस में घुसते ही सबने उसका वेलकम किया। उसने अपनी घबराहट पर काबू...

  • व्याकुलता

    व्याकुलता

    कभी-कभी निःशब्द, दबे पांव आती है व्याकुलता, शनैः-शनैः प्रविष्ट हो हृदय में, जागृत करती हैपोर-पोर, दग्ध होने लगती है भूगोल देह की। प्रणय की आकुलता स्पर्श की व्यग्रता विवश करती हैं ना केवल समर्पण देह की...


  • स्मृतियाँ

    स्मृतियाँ

    कुछ स्मृतियाँ कभी शेष नहीं होतीं, कुछ स्मृतियाँ कभी शेष नहीं होतीं, जम जाती है वक़्त की धुंधली परत, कुछ लोग, कुछ पल, कुछ एहसास, चलते हैं साथ – साथ जीवन के, कुछ चेहरे, कुछ घटनायें,...

  • अनियंत्रित भावनाएं

    अनियंत्रित भावनाएं

    अनियंत्रित भावनाएं विचरती हैं अपने वेग में, कितना भी रोको कितना भी टोको ये अपने ही धुन में, बंदिशों को तोड़कर पहुँच जाती हैं अपने ध्येय तक….. ये निश्छल भावनाएं नहीं जानती, इनकी उच्श्रृंखलता भी नहीं...

  • मेरी हथेली तेरी हथेली

    मेरी हथेली तेरी हथेली

    सिमटती है मेरी हथेली तेरी हथेली  में, अनेकों एहसास उन थोड़े पलों में हो जाते हैं प्रवाहमान, बस इतनी सी ख्वाहिश जिंदा रहती हैं, की बस ठहर जाए ये पल, जी लूँ तुम्हें सदियों की तरह। क्या...

  • अच्छा लगता है

    अच्छा लगता है

    अच्छा लगता है तुम्हें देखना, तुम्हीं से छुपाकर….. अच्छा लगता है तुम्हें सुनना , तुम्हारी ही नजर बचाकर…. अच्छा लगता है तुम्हारा मुझे देखना आंखों में लिए अथाह प्रेम जिससे भींगती मैं सराबोर हो जाती हूं...

  • अभिशाप

    अभिशाप

    दूर रहो उससे जो अभिशापित हों उसकी छाया भी छीन लेगी हंसी तेरे होठों की, दूषित कर देगी वातावरण में व्याप्त सुगंध को, कुछ अहिलयाएं कभी शापमुक्त नहीं होती, चाहे राम कर दें समर्पित अपने सारे...