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  • कविता – जीवन एक संघर्ष

    कविता – जीवन एक संघर्ष

    हालात बिगड़ेगा और कितना लगे रहो कि जीवन पथ है तुम्हे जीतना जीवन अगर संघर्ष है तो हौसले से ही मिलती उत्कर्ष है हार कर बैठना शोभा देता नहीं कि प्राण है तुम में उठो, परिस्थिति...


  • महाप्रयाण

    महाप्रयाण

    ‘चलो उठ भी जाओ, इतना गुस्सा, ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा। देखो अब तो बच्चे भी अपनी अपनी दुनिया में मग्न हो गये हैं। हमें ही एक दूसरे का सहारा बनना है।’ ‘मुझे नहीं बात करनी तुमसे,...

  • लघुकथा – धिक्कार

    लघुकथा – धिक्कार

    पति के कई मित्र आये हुए थे। बातचीत के क्रम में इनवेस्टमेंट की बात चली तो सब बैंक में घटते ब्याज दर से परेशान थे  बातों बातों में  ही किसी ने जमीन खरीदने की बात की...

  • प्रतिशोध

    प्रतिशोध

    तालियों की गड़गड़ाहट से अर्चना का स्वागत किया जा रहा था,मासुम सी प्यारी प्यारी कन्यायें फूल बरसा मानों कृतज्ञता प्रकट कर रही हों अपनी दीदी का।सालों से खुद से जद्दोजहद करती आखिर जीत गई थी ।...

  • मज़बूरी

    मज़बूरी

    तीन तीन बेटियों का ब्याह करना हैऔर बरसात में  निगोड़ा छत भी टपक रहा है। इन्द्र देवता ना जाने क्यों करेजा फाड़ कर रो रहे हैं, छत जगह जगह से फूट गया है, डेगची, कड़ाही लगाकर...

  • श्रद्धांजलि

    श्रद्धांजलि

    शालीनता सभ्यता आदर्श का संगम याद करेंगे भावों के चितेरा तुम्हे हरदम भारत माता का सपुत आया था अटल नाम कहलाया था गीत लिखता था काल कपाल पर राजनीति में जनता का प्यार  पाया था कवि...

  • आ जाओ एक बार

    आ जाओ एक बार

    “कहाँ हो रोहित, क्यों मुझे अकेलापन का दंश दे गये। तलाक के कागज पर ठप्पे लगने मात्र से ही क्या हमारे दिल के रास्ते अलग हो गये। क्यों तुमने अपनी जिंदगी से मुझे बाहर निकाल फेंका?...

  • मार्केटिंग फंदा

    मार्केटिंग फंदा

    “अच्छा बड़ी खुशी की बात है, कब ज्वाइन किया आपने? वाह! अब तो पार्टी बनती है। नहीं …नही मुझे अभी कोई इन्श्योरेन्स नहीं करवानी।” पति फोन थामे ना जाने किनसे बात कर रहे थे,चेहरे का मनोभाव...

  • नयी पहल

    नयी पहल

    रजुआ के बाऊजी बी.ए के फारम कहिया मिलेला। का करब फारम का, दिमाग सठिया गइल का। बाऊजी के समझ से परे था अशिक्षित पत्नी बी.ए के फार्म की बात उस वक्त क्यों कर रही है जब...