गीतिका/ग़ज़ल

टूट गई तंद्रा

टूट गई तंद्रा जो पग थाप से , सिद्ध होता है नाता मेरा आपसे धड़कने बन्द होकर धड़कने लगीं, साजना आपके नाम के जाप से बर्फ सा था जमा दिल पिघलने लगा, आपके प्यार के गीतों के ताप से डर रही हूँ किसी को भनक न लगे, इस गज़ल की मेरी यूँ प्रेमालाप से मैं […]

गीतिका/ग़ज़ल

जान देंगे वार तुम पे ऐ वतन

  जान देंगे वार तुम पे ऐ वतन। करते हैं हम प्यार तुमसे ऐ वतन। अब तिरंगा हिन्द का लहरायेगा , अनवरत बेख़ौफ़ नभ में ऐ वतन। याद है कुर्बानियाँ हर लाल की, व्यर्थ हम जाने न देंगे ऐ वतन। माओं के आँखों में जो भी थे पले, देंगे कर साकार सपने ऐ वतन। दे […]

गीतिका/ग़ज़ल

आदत नहीं है

दर्दे दिल को जताने की आदत नहीं है बेवजह यूँ सताने की आदत नहीं है छोड़ देती मैं भी बात करना मगर कि मुझे रूठ जाने की आदत नहीं है प्यार दिल में सम्हाले छुपाये रखी क्यों कि होठों पे लाने की आदत नहीं है भूलूँ कैसे तूझे बोल दे तू ही अब कि मुझे […]

गीतिका/ग़ज़ल

सीख लिया

पलकों में ही अश्रु संजोकर पीना सीख लिया , रोते – रोते हँसकर मैंने जीना सीख लिया, सबकी खुशियों में सुन मैंने भूलकर अपनी खुशी , हर खुशियों में खुशी – खुशी खुश होना सीख लिया। बहुत मिले हैं फूल पथ पर बहुत चुभे हैं शूल , चलकर मैंने सम्हल – सम्हल करीना सीख लिया […]

गीतिका/ग़ज़ल

मैं चली हूँ हमेशा सम्हल कर

मैं चली हूँ हमेशा सम्हल कर अब देखूंगी काँटों पे चल कर रौशन मैं तिमिर को करूंगी भले मिट जाऊँ बाती सी जल कर उफ्फ तक न करूंगी सफर में पीर बह जाये चाहे पिघल कर तुझमें मैं ढली धीरे-धीरे सीख ली मैं हुनर खुद में गल कर कभी तो मेरी भी होगी पूजा ज़रा […]

गीतिका/ग़ज़ल

मैंने की है खता तो सजा दीजिये

मैंने की है खता तो सजा दीजिए जिस्म से जान पर न जुदा कीजिये प्यार करती हूँ मैं भी बहुत आप से प्यार की जीत हो ये दुआ कीजिए छोटी सी है बहुत ये सनम जिंदगी गिले शिकवे सभी अब भुला दीजिए दिल दुखे आपका मैंने चाहा न था फिर भी दुख ही गया तो […]

गीतिका/ग़ज़ल

वादा करती हूँ तुझसे निभाया करूंगी

वादा करती हूँ तुझसे निभाया करूंगी, रोज सपनों में तेरे मैं आया करूंगी | कुछ अपनी कहूंगी तेरी भी सुनूंगी, यूँ ही दिल अपना बहलाया करूंगी | घड़ियाँ कैसे काटी मैं तेरे बिना , गिन कर मैं तुझे भी गिनाया करूंगी | लिखा है मैंने जो कुछ भी तेरे लिए , गीत पढ़कर मैं तुझको […]

गीतिका/ग़ज़ल

सर पटकने से पत्थर पिघलता नहीं

सर पटकने से पत्थर पिघलता नहीं। लिखा किस्मत का टाले से टलता नहीं।। लग गया हो अगर इश्क का रोग तो, लाख कर लो दवा दिल बहलता नहीं। तार दिल के किसी से जुड़े हैं जरूर, वर्ना दिल यूँ अचानक धड़कता नहीं। दिल जला है किसी का करो अब पता, धुआं यूँ ही फिजाओं में […]

पुस्तक समीक्षा

कहानी संग्रह : विसर्जन

जिंदगी ही कहानी है या कहानी ही जिंदगी है इस प्रश्न का ठीक-ठीक उत्तर देना थोड़ा उलझन भरा हो सकता है इसलिए जिंदगी और कहानी को एक दूसरे का पूरक कहना ही सही होगा। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति की जिंदगी ईश्वर की लिखी कहानी है। हाँ यह और बात है कि किसी की कहानी आम होती […]

गीतिका/ग़ज़ल

भावनाएँ फिर उमड़ कर आ रहीं हैं

कामनाएँ फिर से जागी जा रही भावनाएँ भी उमड़ कर आ रहीं रात में छुपकर मधु का पान कर चांदनी चंदा में सिमटी जा रही है आ गया नव वर्ष सजकर देख लो रागिनी नव गीत सुर में गा रही खिल गईं किरणें भी देखो आस की यामिनी लेकर बिदाई जा रही ओस की बूंदें […]