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  • क्षणिकायें

    क्षणिकायें

    1-वार्तालाप तुम ही मेरा सुर हो तुम ही हो मेरा आलाप मन ही मन तुमसे करता रहता हूँ मैं निरंतर वार्तालाप   २- स्मृति मेरे मन के भीतर बहती है स्मृति की एक अंतहीन नदी जिसके...

  • हुस्न और इश्क़

    हुस्न और इश्क़

    हुस्न और इश्क़ की जोड़ी सदा सलामत रहे दोनों एक दूसरे की करते सदा इबादत रहे ये जिस्म तो सिर्फ रूह का खूबसूरत लिबास है हम दोनों के मन का पाक रिश्ता ता क़यामत रहे बहुत...

  • सरंक्षण

    सरंक्षण

    सूखा ,चक्रवाती तूफ़ान ,बाढ़ , सूनामी ,भूकम्प ,भूस्खलन ये हैं प्राकृतिक आपदा के उदाहरण परन्तु भूकम्प के बार बार आने का कुछ तो होगा कारण जल ,वायु ,मिटटी अशुद्ध हो चुके हैं नदियाँ सूख रही हैं...


  • तुमसे मेरी….

    तुमसे मेरी….

    तुमसे मेरी जब कभी बात होगी अमावश तब चांदनी रात होगी मुझे अपने दिल में बसा लिए हो न जाने तुमसे कब मुलाक़ात होगी खिजाँ और बहार तो आते ही रहेगें भींगी घटाओं से कब बरसात...


  • कुछ मत बोलो

    कुछ मत बोलो

    कुछ मत बोलो दीवारों के भी कान होते हैं -उसने कहा यदि वृक्ष, तितलियाँ  ,फूल सुन भी लेंगें तो क्या होगा -मैंने कहा प्यार के नि :शब्द होता है उसे अभिव्यक्त नहीं किया जा सकता -उसने...

  • क्षणिकाएं

    क्षणिकाएं

    1- निशाने पर उसी शहर उसी गली उसी मोड़ उसी ठिकाने पर हूँ मैं तेरी घायल कर देने वाली निगाहों के निशाने पर हूँ मैं २- तन्हाई नहीं है तेरे सिवा मेरा कोई तू ही तो...