बाल कविता

गप्पू बंदर – बाल कविता (चौपई छंद)

गप्पू बंदर था बदमाश काम एक था उसका खास चुरा-चुरा के खाता आम करता औरों को बदनाम सब पशुओं ने की तब राय मिलकर सोचा एक उपाय गधा कैमरा लाया भाग उसे लगाया फल के बाग गप्पू जब आया उस रात उसको पता न थी ये बात हुई रिकॉर्डिंग, गप्पू चोर कह दौड़े सब उसकी […]

बाल कहानी

मिलावटखोर को सबक (बाल कहानी)

गुटपुट खरगोश के दफ्तर में आज छुट्टी थी। वह घर में लेटा-लेटा बोर हो रहा था सो उसका मन कुछ बढ़िया खाने का हुआ। अपनी बीवी गप्पी से पूछा “अजी, खीर बना सकती हो?” गप्पी प्यार से मुस्कुरा के बोली “लो, बना क्यों नहीं सकती? बस चावल ले आओ खीर वाले, वही घर में नहीं […]

बाल कहानी

बहस न करो (बाल कहानी)

लम्पू खरगोश ने स्कूल से लौटते ही बस्ता एक ओर पटका और अपने कमरे में जाकर मुँह लटका के बैठ गया। मम्मी दौड़ी-दौड़ी आयी। “क्या हुआ बेटे? क्यों उदास हो?” लेकिन कोई जवाब नहीं। मम्मी ने चेहरा ऊपर करवाया तो देखा कि लम्पू रो भी रहा था। “अरे बेटा, कुछ बताओगे नहीं तो मैं तुम्हारी […]

शिशुगीत

शिशुगीत

1. चालाक चूहा घर में एक चूहा है आया कुतर-कुतर सब उसने खाया देख-देख सबकी परेशानी पापा लाए चूहेदानी मांँ ने झट से ब्रेड मंँगाया टुकड़ा उसका एक फँसाया चूहेदानी वहीं लगाकर सोये हम कमरे में जाकर खुश थे, भाग नहीं पाएगा चूहा अब पकड़ा जाएगा हाय! सुबह को जब मैं जागा देखा, चूहा ब्रेड ले […]

राजनीति सामाजिक

वामपंथ : अब रावण और महिषासुर का सहारा

रावण की पूजा कहीं-कहीं होने के समाचार नये नहीं हैं और न ही महिषासुर को माननेवालों का अंत हुआ है। नगण्य ही सही लेकिन इनसे जुड़ाव रखनेवाले लोग हमारे देश में हैं। जैसे मध्यप्रदेश, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान और उत्तरप्रदेश में कुछेक स्थानों पर रावण को पूजने की परंपरा है। इन आराधना वाले स्थानों की […]

अन्य बाल साहित्य

पहेलियाँ

1. मीठी-मीठी, पीली गेंद सबको खूब लुभाती फैशन के इस दौर में कई रंगों में आती उत्तर – लड्डू   2. सबकी नकल उतारनेवाला हरा-भरा यह साथी सबके सिर पर जा बैठे यह घर हो या हो हाथी उत्तर – तोता   3. मार सभी से खाती रहती बेचारी लाचार बाइस डंडों से लड़ती पर […]

शिशुगीत

शिशुगीत

1.  मुखौटे बंदर, भालू और सियार पुलिस, सिपाही, चौकीदार जो चाहें बन जाएँ आप पहन मुखौटे तो लें यार   2. चश्मा मेले में से चश्मा लाया आँखों पर जब आज चढ़ाया वाह-वाह सबने ही बोला लाल फ्रेम मुखड़े पर भाया   3. सैनिक सैनिक सबकी रक्षा करते नहीं किसी से हैं वे डरते देश हमारा उनके […]

अन्य बाल साहित्य

पहेलियाँ

(1) चीनी के बोरे को लूटे धैर्य न थोड़ा इसका टूटे काली, छोटी ये काटे यदि आह-आह मुँह से तब फूटे उत्तर – चींटी   (2) उड़ती लेकिन नहीं ये चिड़िया आफत की छोटी सी पुड़िया गंद जानती बस फैलाना भन्न-भन्न का गाये तराना उत्तर – मक्खी   (3) गिरगिट बोले अपना खाना बच्चे जानें […]

अन्य बाल साहित्य

बाल पहेलियाँ

1. आसमान में पलते हैं क्षण में घिरते-टलते हैं काले-काले, उजले-उजले पानी लेकर चलते हैं   2. भिगो डालती सबको अक्सर कहीं खुशी तो कहीं दिखे डर बिन मौसम में खेले होली हाँ हम सब हैं इस पर निर्भर   3. अंबर से यह शोर मचाती चमक-चमक सबको घबराती जहाँ गिरे, सब वहाँ जला दे […]

शिशुगीत

शिशुगीत

नेता खादी पहने आते नेता सबको हाथ दिखाते नेता करते कम हैं, कहते ज्यादा कुर्सी को लड़ जाते नेता 2. कुर्सी कुर्सी के हैं खेल निराले इसकी खातिर सब मतवाले मुझको भी है कुर्सी प्यारी पढ़ता इसपर बैठ मजा ले 3. भाषण नेता पहले खाते राशन देने आते फिर वे भाषण रहती हालत लगभग इक […]