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  • गीत

    गीत

    हवा में विष नही घोलो, हमें ये घर चलाना है । सजन रे झूठ मत बोलो, हमें रिश्ता निभाना है ।। छुपाना क्या तुम्ही से अब, रहना जब तुम्हारें संग । ऐसी बात करें क्यों हम,...


  • गीत

    गीत

    कपटी आतंकी चुन-चुनकर, जग से उन्हें मिटायें । शीघ्र बजाकर बिगुल युद्ध का, इनको पाठ पढायें।। कठिन डगर है अमन चैन की, इतनी दहशत फैली बातचीत करना क्यों उनसे, जिनकी चादर मैली ।। त्याग नीति शांति...



  • चुनावी दोहे

    चुनावी दोहे

    पैसे लेकर बेचते, जो भी अपना वोट, जरा स्वार्थ में दे रहे, लोकतंत्र को चोट | अपराधी को वोट दे, देते उनका साथ वे भी दुश्मन देश के,दोष मढाते माथ | ढूँढें से मिलते नहीं, चारित्रिक...


  • कुंडलिया छंद

    कुंडलिया छंद

    (1) पाखण्डी पाखण्ड का, रखे न कोई लेख सट्टे के बाजार में, लेखा जोखा देख । लेखा जोखा देख, लुटे कितनो के सपने कौन बने सरताज,बचे है कितने अपने होते क्यों गुमराह, देख पलड़े की डंडी...

  • कुण्डलिया छंद

    कुण्डलिया छंद

    (1) वृन्दावन अरु अवध में, ऐसे संत विरक्त, उनके चरण सरोज रज, मस्तक धारे भक्त | मस्तक धारे भक्त, भेद कबहू मत करिये दिन अरु रात ख़याल, ईष्ट अपने का रखिये कह लक्ष्मण कविराय,ह्रदय को रखना...

  • कुण्डलिया

    कुण्डलिया

    (1) अमुआ तेरे बाग़ में, खुशियों की बौछार, झूला डाले डार पर, उमड़ रहा है प्यार | उमड़ रहा है प्यार, झूलने सखियाँ आती बारिश की बौछार, सभी का तन महकाती कह लक्ष्मण कविराय,हवा जब बहती...