गीत/नवगीत

गीत – हृदय चेतना लायें

नीर झील का हुआ विषैला, किसको अपनी व्यथा सुनाएं।। यहाँ विदेशी सुंदर पक्षी, आकर सबका मन बहलायें। मीठा खारा नीर झील का, खग वृन्दों को खूब रिझायें ।। मरें परिन्दें यहाँ हजारों, “जल ही जीवन” को झुठलायें । अखबारों में पढ़ीं वेदना, नयन अश्क सबने छलकायें ।। राजनीति के गलियारों में, क्यों सब व्यर्थ विवाद […]

गीत/नवगीत

गीत – जीने का आधार मिले

सतत कर्म करने पर मानव, सफल बने सत्कार मिले भूप भगीरथ गंगा लाये, जप तप से अधिकार मिले । बहती सरिता कहती हमसे, रुकने से सड़ता पानी । चलते रहतें तभी जिंदगी, साँस रुके मरता प्राणी ।। पावन नदियों से ही हमको,जीने का आधार मिले उत्तर से दक्षिण तक विस्तृत, नदियों से मैदान मिले । […]

गीत/नवगीत

नया नया कुछ काम करें

क्षण भंगुर ये जीवन अपना, नया नया कुछ काम करें। प्रेम-प्रीति के सम्बन्धों को, आज हृदय के नाम करें ।। भीतर का ये अफसाना भी, बाहर जरा उजागर हो । मुक्त कंठ से कहें सभी ये, तुम तो दिल के सागर हो ।। प्यास दबाये बैठे कब से, साँझ जाम के नाम करें । क्षण-भंगुर […]

गीत/नवगीत

गीत

हवा में विष नही घोलो, हमें ये घर चलाना है । सजन रे झूठ मत बोलो, हमें रिश्ता निभाना है ।। छुपाना क्या तुम्ही से अब, रहना जब तुम्हारें संग । ऐसी बात करें क्यों हम, दिल में हो हमारे जंग ।। रहे उलझन कभी मन में, हमको ही सुलझाना है । सजन रे झूठ […]

गीत/नवगीत

प्यास बुझाने प्यार की

प्यास प्यार की जग-मोहन ही,बुझा सके संसार की । वीणा आयी बनकर मुरली, प्यास बुझाने प्यार की ।। महक उठा तब कोना-कोना, जब वीणा साँसों पर छाई । कली-कली तब खिली हुई थी, बागों में छाई तरुणाई ।। अंतर्मन में बसी हुई थी, झाँकी ये शृंगार की । वीणा आयी बनकर मुरली, प्यास बुझाने प्यार […]

गीत/नवगीत

गीत

कपटी आतंकी चुन-चुनकर, जग से उन्हें मिटायें । शीघ्र बजाकर बिगुल युद्ध का, इनको पाठ पढायें।। कठिन डगर है अमन चैन की, इतनी दहशत फैली बातचीत करना क्यों उनसे, जिनकी चादर मैली ।। त्याग नीति शांति की शत्रु को,सबक सिखाना होगा । घर में घुसकर मार शत्रु को, शीघ्र मिटाना होगा ।। विकट आपदा देख […]

गीत/नवगीत

गीत रचना – स्वप्न किया साकार

देश समूचा सदा मानता, जिनका ये आभार । हुआ न बल्लभ भाई जैसा, लौह पुरुष सरदार ।। भारत में थी कई रियासत, राजा हुए अनेक। राज-पाट त्यागे सब राजा, देश बने तब एक। विलय कराने सभी राज्य को, सबसे किया करार । हुआ न बल्लभ भाई जैसा, लौह पुरुष सरदार।। लोकतंत्र लाना भारत में, लिया हृदय […]

लघुकथा

लघु कथा – पुत्र मोह की ज्वाला

“रामदीन जी, क्या हो रहा है |” कुछ नहीं कृष्ण दास जी, लड़के को कंपनी दोगुना पॅकेज का आँफर देकर अमेरिका भेज रही है | पर मेरा दिल नहीं मानता | लड़के शैलेन्द्र का अनुरोध है कि आप और मम्मी भी साथ चलों | सेवा निवृति के बाद यहाँ कोई काम तो है नहीं | […]

मुक्तक/दोहा

चुनावी दोहे

पैसे लेकर बेचते, जो भी अपना वोट, जरा स्वार्थ में दे रहे, लोकतंत्र को चोट | अपराधी को वोट दे, देते उनका साथ वे भी दुश्मन देश के,दोष मढाते माथ | ढूँढें से मिलते नहीं, चारित्रिक प्रतिमान, अपराधो से घट रहा, नेता का सम्मान | चारित्रिक छवि ढूंढकर, देना अपना वोट, सजग रहे तो घट […]

गीत/नवगीत

गीत रचना : ये जनता के हत्यारे

पढ़ती बाला आस जगाती, भावी कल इनका होगा सैनिक अपने पहरा देते, मान इन्हें देना होगा | कही क्रोध है कही क्षोभ है, दहशत में जनता सारी नापाक इरादे देख पाक के, पहरा दे फौजी भारी | अपनी कौरी ऐंठ रखे जो, देख रही दुनिया सारी, भूल गया वो मात पुरानी, चालाकी रखता जारी | […]