Author :


  • बाल दिवस पर दोहे

    बाल दिवस पर दोहे

    दशरथ पिता नहीं रहे, कहां मिलेंगे राम। रिश्ते भी अब नेट पर, ढूढ़े मिले तमाम।1।   पढना लाल भूल गये, संस्कारों की बात। कौन उन्हें समझाये,आज भला यह बात।2।   बाल साहित्यकार भी,हो गये आज स्यान।...






  • लाल कला मंच की काव्य गोष्ठी

    लाल कला मंच की काव्य गोष्ठी

    नई दिल्ली। 71 वें स्वतंत्रता  दिवस के पूर्व संध्या पर लाल कला मंच,नई दिल्ली की ओर से एक ओज कव्य गोष्ठी का आयोजन वरिष्ठ समाजसेवी डा. बी.बी. सिंह की अध्यक्षता में मीठापुर चौक पर संपन्न हुआ। काव्य गोष्ठी की शुरुआत मंच के...