कविता

दीया

करुण स्वर से बोली मुन्नीविनय भाव से जोडी हाथसड़क किनारे छांव पेड़ केबेचने लाई दीये साथ।बाबूजी! ओ बाबूजी!ले लो न दीया नहीं फरेबीनहीं चाईना बापू ने है गढा दीया।है सस्ते और प्रीत धुलेजगमग-जगमग खूब जले।रंगों से मैंने सजाया हैसबके मन को भाया हैमिट्टी का ये प्यारा दीया।बाबूजी! ले लो न दीयाअम्मा की उम्मीद बापू कीकलाकारी […]

कविता

चांद

ऐ चांद तुझे देखने का हक नहीं मुझे फिर भी तुम आना चुपके-चुपके दबे पाँव मेरी देहरी पर करूँगी इन्तजार तेरा कुछ खट्टी कुछ मीठी सी यादों को भरे संदूक से निकालकर चुपके से ओढ़ लूंगी बादलों से निकलकर तारों के संग खिड़की की दरारों से पुकारना मुझे आऊंगी मिलने छत पर अक्षत रोली से […]

भजन/भावगीत

माँ शक्ति दे मुझे भक्ति दे

माँ शक्ति दे मुझे भक्ति दे।जीवन ज्योत की हस्ती दे।तेरे चरणों की  फूल बनूँ।दे आशीष दिव्य ज्योत बनूँ ।स्वर्ण सा तप, उपहार बनूँकुंदन सा  गले का हार बनूँ।महके जीवन ऐसा, फूल दे माँ।मुझको  चरणों की धूल दे माँ।न भटकूँ ऐसी राह दे माँ।तू ऐसा मुझे प्रसाद दे माँ।तेरे द्वार पर मैं नत मस्तक,तू कृपाण का […]

कविता

कोई तो है

कोई तो है जो मुझे रहनूमा सा लगता है मेरे राह के कांटे अपने पलकों से उठाता है। कोई तो है जो दोस्त मुझे खुदा सा लगता है बहुत करीब है पर जुदा सा लगता है। कोई तो है जो अपनी पारखी नजरों से मेरी कीमत समझता है वरना  मिट्टी को हीरा कौन कहता है। […]

कविता

दरिया

जाने वो पल मुझे क्यूँ भा रहा था सड़क के किनारे लगे बिकने को मिट्टी का घड़ा किसी की याद दिला रहा था मैं इस पार वो उस पार से मुझे निहार रहा था इशारों में वो मुझे बार-बार पुकार रहा था हवस के आगे मिट गये प्रेम के किस्से मिट्टी का घड़ा लेकर अब दरिया […]