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  • दिलखुश जुगलबंदी- 1

    दिलखुश जुगलबंदी- 1

    कामना है यही न हमें मंज़िल की तिश्नगी थी, न तलाश हमें तो राह के कांटों से ही राहत मिल गई. क्या करे कोई ज़माना ही ख़राब है राह के कांटे ही राहत की आवाज़ हैं...


  • लघुकथा – शहनशाह

    लघुकथा – शहनशाह

    आज उसे नतीजे में एक और जीत हासिल हुई थी. जीत के जश्न की खुशी मनाते हुए उसे अपना अतीत याद आ रहा था. उसे इम्तहान से कभी भी डर नहीं लगा. कारण? वह हर चीज...

  • फिर सदाबहार काव्यालय-5

    फिर सदाबहार काव्यालय-5

    सूर्य का प्रभामंडल हर एक का एक औरा होता है, जिसे हम प्रभामंडल कहते हैं, इसी प्रभामंडल में उसके सभी सद्गुण, निवास करते हैं. प्रभामंडल खुद कुछ नहीं कहता है, जो कुछ कहना होता है, वह...

  • लघुकथा – लिली

    लघुकथा – लिली

    ”लिलीSSS, लिलीSSS इधर आओ” बहुत दिनों बाद शालिनी की तेज-तर्रार आवाज में लिली का नाम सुनाई दिया. जिज्ञासावश मैं यह जानने के लिए बालकनी में आ गई, कि लिली का तो देहावसान हो गया था, फिर...


  • लघुकथा- लाज का पर्दा

    लघुकथा- लाज का पर्दा

    डगमगाते बच्चों को देख मां का आंचल तार-तार हो जाता है. समझाने की पूरी जिम्मेदारी भी उसीके जिम्मे आती है. ”अविश्वास की नैय्या पर सवारी करोगे, तो डगमगाहट तो होनी ही है न!” मां ने कहा.”तो फिर...

  • कमाल के किस्से-19

    कमाल के किस्से-19

    ये कमाल क्या है? कमाल क्यों होता है? कमाल कब होता है? कुछ पता नहीं, पर हो जाता है. चलिए आज हम फिर कमाल की ही बात कर लेते हैं. इस बार प्रस्तुत हैं रविंदर भाई...

  • प्रार्थना

    प्रार्थना

    आज मंगरू को खुद अपने पर प्रसन्नता हो रही थी या अपनी प्रार्थना की सफलता पर, वह समझ नहीं पा रहा था, फिर भी वह मन-ही-मन बार-बार भगवान का शुक्रिया अदा कर रहा था, जिसने उसकी...

  • विवेक

    विवेक

    आज उसका नया नामकरण हुआ था. उसका नाम रखा गया था- विवेक. इसी उपलक्ष में आज उसको छुट्टी मनाने की छूट भी मिली थी. 25 साल में पहली छुट्टी. इससे पहले उसे पता नहीं था कि...