कहानी

हौसले के पंख (रेडियो कहानी)

कुछ दिन पहले मेरे पतिदेव ने कैटरैक्ट का ऑपरेशन करवाया था. हमें ऑपरेशन करवाने दिल्ली से नोएडा जाना था. कार तो हमारे पास है, लेकिन कार चलाए कौन? मैंने कार चलाना सीखा नहीं, बच्चे अभी इतनी दूर कार चलाने लायक हुए नहीं हैं, केवल पतिदेव ही ड्राइविंग करते हैं. वे ले तो जाएंगे, लेकिन ऑपरेशन […]

बाल कविता शिशुगीत

पांच तोते

  तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, हमें देश पर नाज. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, देश पर न आए आंच. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, अपने मन को जांच. तोते आए पांच, दिखा रहे थे नाच, बोला तोता एक, आतंक […]

लघुकथा

पश्चाताप चक्र

सुबह-सुबह भुविका का फोन आया. उसका सुबकना उसके दर्द की दास्तां कह रहा था. पिता ने सुना तो सन्न रह गए! दामाद जी की इतनी हिम्मत! कि जरा-सी बात पर बेटी को थप्पड़ रसीद कर दिया! कितनी शारीरिक-मानसिक पीड़ा हुई होगी मेरी बेटी भुविका को! उसका दोष भी क्या था! बस सेमीनार पर जाते हुए […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

सतरंगी समाचार कुञ्ज-13

आप लोग जानते ही हैं, कि ‘सतरंगी समाचार कुञ्ज’ में सात रंगों के समाचार हम लिखते हैं, शेष रंगों के समाचार कामेंट्स में आपकी-हमारी लेखनी से लिखे जाएंगे. आइए देखते हैं इस कड़ी के सात रंग के समाचार- 1.एक खोज ऐसी भी- खोज / मेंढ़क के स्टेम सेल से दुनिया का पहला हीलिंग रोबोट बनाया, […]

लघुकथा

शैंडलेयर

समाचार पत्र में सुर्खी- ‘भारत और वेस्ट इंडीज दोनों टीम्स के कप्तान ‘गोल्डन डक’ का शिकार,” देखकर बादल का अतीत मुखर हो उठा था. ”एक समय मैं भी खुद को ‘गोल्डन डक’ समझने लग गया था. तब हर्षा ने ही मुझे प्रोत्साहन का संबल थमाया था. आज मैं सफलता के उस सोपान पर पहुंच गया […]

कविता

यादों के झरोखे से-13

मैं पतंग बन जाऊं मेरा मन है कि मैं पतंग बन जाऊं मकर संक्रान्ति और पतंगोत्सव की पावन वेला पर सूर्यदेवता की साक्षी में पतंग की तरह नील गगन की नीलिमा में लहराऊं मैं पतंग बनूं शांति की सौहार्द की सद्भाव की इंसानियत की प्रेम की निर्मल आनंद की परोपकार की अतिथि के सत्कार की […]

लघुकथा

नई आस

‘‘ऑस्ट्रेलिया के झाड़ीनुमा जंगलों में पिछले साल सितंबर से आग लगी है. करीब 63000 वर्ग किमी जमीन का पूरा पारिस्थितिक तंत्र जलकर तबाह हो गया है. ऑस्ट्रेलिया में आग से अब तक 28 लोगों की जान चली गई है. दो हजार से ज्यादा घर जलकर खाक हो गए हैं.” एक रिपोर्ट. ”तो क्या सब कुछ […]

बाल कविता शिशुगीत

नन्ही चिड़िया

नन्ही-सी मैं चिड़िया हूं, अपनी ममा की गुड़िया हूं, लगती हूं मैं भोली-सी, बड़ी गजब की पुड़िया हूं. अभी तलक मैं उड़ नहीं पाती, फुदक-फुदक कर चलती हूं, जब उड़ने की बारी आए, देखूं कहां निकलती हूं. ममा ही मेरी टीचर भी है, बहुत-से पाठ पढ़ाती है, अपने देश से प्यार करने का, प्यारा सबक […]

सामाजिक

डुगडुगी

युवा दिवस पर विशेष ”पबजी की थी लत, मां ने मोबाइल छीनकर तोड़ा तो बेटे ने कर ली खुदकुशी..” ”नाटक देखकर छात्र ने किया खुद के अपहरण का ड्रामा, मांगे ₹20 लाख” और ”साल 2018 में 10,000 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने ली अपनी जिंदगी, 10 साल में सबसे ज्यादा” जैसे समाचार देख-सुनकर डुगडुगी बहुत चिंतित […]

लघुकथा

मौज का दरिया

”सर, 95 साल की उम्र में भी आप इतने सक्रिय और चुस्त-दुरुस्त कैसे रह पाए हैं?” क्रिसमस की छुट्टियां शुरु होने से पहले ऑस्ट्रेलिया में 75 साल की सामाजिक सेवा-कक्षा की शिष्या प्रियंका ने डेविड सर से पूछा. ”मौजां-ही-मौजां” डेविड सर ने फरमाया. ”वो कैसे सर!” प्रियंका का हैरान रहना स्वाभाविक था. ”आपको पता है […]