लघुकथा

एक बार फिर—–

आज माधवी के बेटे का नवीं कक्षा का परिणाम घोषित हुआ. वह सभी वर्गों की प्रावीण्य सूची में सभी विषयों में विशेष योग्यता के साथ प्रथम स्थान पर था. एक समय उसे डॉक्टरों द्वारा मंदबुद्धि की पदवी से विभूषित कर दिया गया था. माधवी की खुशी का ठिकाना नहीं था और वह अपनी स्मृतियों के […]

लघुकथा

कैप्टन

आज सुबह-सुबह मोबाइल ने समाचार पत्र का एक समाचार दिखाया- सीजफायर उल्लंघन पर भारत का पाक को जवाब, 7 चौकियां तबाह, कई पाकिस्तानी सैनिकों की मौत फिर एक तस्वीर दिखाई. तस्वीर क्या थी! विचारों का मंथन करवाने वाली अद्भुत लहर थी. इसी लहर ने उर्मिल को स्मृतियों के दरीचे में पहुंचा दिया. तस्वीर एक मॉडल […]

भजन/भावगीत

धन्यवाद है तेरा मेरे भोले जी

धन्यवाद है तेरा मेरे भोले जी, काम संवारा मेरा मेरे भोले जी जय-जय-जय मेरे भोले जी, जय-जय-जय मेरे भोले जी- 1.मुझको तो जब कहीं सहारा मिला नहीं हे स्वामी तुम ही सहारा बनकर आए मेरे अंतर्यामी मेरे भोले जी- जय-जय-जय मेरे भोले जी, जय-जय-जय मेरे भोले जी- 2.तेरे दर पर जब आई तब छाई थी […]

भजन/भावगीत

भोले भव से कर दो पार

भोले भव से कर दो पार पकड़ लो मेरी बैंयां पकड़ लो मेरी बैंयां पकड़ लो मेरी बैंयां-भोले भव से कर दो————– 1. मैं पार उतरना चाहूं मुझे राह न कोई सूझे मेरे दांएं-बांएं सब हैं मेरा हाल न कोई बूझे शंकर शरण में ले लो आके पकड़ लो मेरी बैंयां-भोले भव से कर दो————– […]

भजन/भावगीत

ओम नमो शिवाय 

ओम-नमो शिवाय बोलो ओम नमो शिवाय प्रेम से बोलो ओम-नमो शिवाय- 1.धरती बोले ओम-नमो शिवाय अंबर बोले ओम-नमो शिवाय सागर बोले ओम-नमो शिवाय-प्रेम से बोलो ओम-नमो शिवाय- 2.गौरां बोले ओम-नमो शिवाय गणपत बोले ओम-नमो शिवाय कार्तिक बोले ओम-नमो शिवाय-प्रेम से बोलो ओम-नमो शिवाय- 3.गौरां का शेर बोले ओम-नमो शिवाय गणपत का मूषक बोले ओम-नमो शिवाय […]

कविता

अघरा

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर विशेष नारी तुम्हें अबला कहा जाता है एक समय था जब नारी अपने को अबला स्वीकारने लगी थी अब शिक्षा के प्रसार के कारण या कि विज्ञान के विभिन्न विस्मयकारी तथ्यों का पता लगने से नारी अपने को अबला समझने से कतराती रही है लेकिन कब तक!   पुरुष पल-पल उसे […]

लघुकथा

इरादा

स्निग्धा अपने इरादे के सुपरिणाम से बहुत प्रसन्न थी. उसके सुदृढ़ इरादे ने ही तो उसको सबल सहारा दिया था न! न जाने क्यों उसे लग रहा था, कि वह कुछ नहीं कर पाएगी, कुछ नया नहीं सोच पाएगी. उसमें कुछ करने की हिम्मत नहीं है. गुलाबी सुबह भी काली रात लगने लगी थी. वह […]

लघुकथा

बारी

कई दिनों से वह अपने आप से जूझ रहा था. न जाने कितने डर उसने पाल रखे थे. जो बीत गया, उसे वह भुला नहीं पा रहा था. जो हुआ ही नहीं, उससे भी वह घबरा रहा था और इलाज के लिए डॉक्टरों के चक्कर काट रहा था. कोई लाभ न होना था, न हुआ. […]

लघुकथा

गर्व

आज सोनी के ममी-पापा सात समंदर पार आकर क्वारंटीन खत्म करके उसके घर में आ गए हैं. इसका सारा श्रेय हितेश को ही तो जाता है! सोनी को बरसों पहले हितेश के प्रपोज करने का दृश्य याद आ गया. ”सोनी, बहुत हो गया छिप-छिपकर मिलना अब मैं तुमसे शादी करना चाहता हूं. ” हितेश ने […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

विचार विमर्श- 14

इस शृंखला के इस भाग में कुछ विचार होंगे और उन पर हमारा विमर्श होगा. आप भी कामेंट्स में अपनी राय लिख सकते हैं- 1.क्या जीवन की बुनियादी जरूरतों की परिभाषा बदलती जा रही है? समय के साथ जीवन की बुनियादी जरूरतों की परिभाषा बदलती जा रही है. पहले रोटी-कपड़ा-मकान जीवन की बुनियादी जरूरतों की […]