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  • हम दृष्टा हैं: सूर्य और सुमन

    हम दृष्टा हैं: सूर्य और सुमन

    सैर करते हुए मैं जैसे ही दाहिनी ओर मुड़ी सहसा प्रकृति का परिदृश्य परिवर्तित हो गया दाहिनी ओर से लालिमा लिए श्वेत सुमन ने आकर्षित किया बांईं ओर से प्रातः की लालिमा लिए सूर्य की स्वर्णिम...

  • चित्रमय-काव्यमय कहानियां- ई.बुक

    चित्रमय-काव्यमय कहानियां- ई.बुक

    कुछ समय पहले हमने 17 चित्रमय-काव्यमय कहानियां लिखी थीं. संपादक महोदय विजय भाई तथा कुछ अन्य पाठकों ने इसे ई.बुक के रूप में बनाने की इच्छा ज़ाहिर की थी, ताकि चित्रमय-काव्यमय कहानियां सचित्र देखी-पढ़ी जा सकें....

  • आइए कविता लिखना सीखें- 4

    आइए कविता लिखना सीखें- 4

    प्रिय बच्चो, उपहार मुबारक हो, कविता लिखना सीखने के इस क्रम में हम आपको केवल कविता ही नहीं, कहानियों के भंडार का उपहार दे रहे हैं. ये चित्रमय-काव्यमय कहानियां हमने 40 साल पहले तब लिखी थीं,...


  • 41.व्यंजन-गीत

    41.व्यंजन-गीत

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   ‘क’ कबूतर पक्षी प्यारा, गुटरु-गूं से लगता न्यारा. ‘ख’ खरगोश सफेद रुई-सा, छूने से भागे छुईमुई-सा. ‘ग’ गमले में पौधे उगते, सुंदर गमले मन को हरते. ‘घ’ घड़ी है समय...

  • 39.सबसे प्यारी मां

    39.सबसे प्यारी मां

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   माता मेरी सबसे प्यारी, सारे जग से है वह न्यारी, दुनिया में प्यारी मां जैसा, कोई नहीं होता उपकारी.   कई देवता मना-मनाकर, मां बालक को पाती है, आंख की...


  • 37.उपकार

    37.उपकार

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)     वृक्ष फूल-फल-अन्न हैं देते, नदियां देतीं पानी, सूरज धूप-रोशनी देता, चंदा अमृत-दानी. धरती धीरज का धन देती, अम्बर प्यार लुटाए, जो करता उपकार जगत में, ईश्वर-सम यश पाए. परिचय...

  • 36.सीख

    36.सीख

    (बाल काव्य सुमन संग्रह से)   फूल हमें हंसना सिखलाते, भौंरे हमको गाना, तितली जग रंगना सिखलाती, पानी प्यास बुझाना. चींटी मेहनत सिखलाती है, दीपक राह दिखाना, पर्वत दृढ़ रहना सिखलाते, मधुमक्खी मधु पाना. परिचय -...