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  • जीवन तब तक जब तक जल है

    जीवन तब तक जब तक जल है

    प्रिय बच्चो, जय हिंद, कविता लिखना सीखते-सिखाते एक साल पूरा हो चला है. नए साल की आहट आने लगी है. बाज़ार सजने लगे हैं. कविता लिखना सीखने के क्रम में हम आपको अनेक विषयों पर कविता...

  • वृक्ष हैं प्रकृति का श्रृंगार

    वृक्ष हैं प्रकृति का श्रृंगार

    वृक्ष हैं प्रकृति का श्रृंगार परमात्मा का प्यार परोपकार की सुरम्य सरिता आकाश से उतरी हुई जीवंत कविता अनेकानेक जीवों के आश्रयदाता विभिन्न व्यवसायों को पनपाने वाले जीवनदाता पर्यावरण के पोषक वायु प्रदूषण के शोधक फल-फूलों...



  • किशोरावस्था से मुलाकात

    किशोरावस्था से मुलाकात

    मुझे समझ न आए बात, किशोरावस्था से मुलाकात हुई कब रातों में, मैं खोई बातों-बातों में-   रहूं वैसे तो अपनों में मगर खोई-सी सपनों में दिवास्वप्न करें बेचैन, नहीं लेने देते हैं चैन हुई कब...

  • पुस्तकें

    पुस्तकें

    पुस्तकें पढ़ने के सुख का कोई जवाब नहीं जो कुछ भी न सिखा सके ऐसी कोई किताब नहीं महान लेखकों व महान विचारकों की रचनाएं हम तक पहुंचाती हैं पुस्तकें सही समझ बनाती हैं समझदारी से...

  • गोंगा स्किमबाइक

    गोंगा स्किमबाइक

    भैय्या-भैय्या, देखो तो, अखबार में आपका फोटो छपा है. कितने सुंदर लग रहे हैं आप! ‘अच्छा-अच्छा, ज्यादा हल्ला मत कर. अम्मा-बाबा को शांति से पूजा करने दे, और सुन, ये अखबार यहां रख जा.” प्रॉजेक्ट डिजाइन...

  • प्रभु की बगिया

    प्रभु की बगिया

    मुझे प्रभु तेरी बगिया में आना है तेरे फूलों से मन महकाना है-   1.इक फूल हो धीरज का दाता जो मिल जाए शीश धरूं दाता तेरी रज़ा में ही शुक्र मनाना है तेरे फूलों से...

  • नज़रों की आवाजाही को ब्रेक

    नज़रों की आवाजाही को ब्रेक

    शादी सम्पन्न होने के बाद निशिता की विदाई होने वाली थी. दोनों परिवारों की अनुमति से यह प्रेम विवाह सुनियोजित विवाह की तरह सम्पन्न हुआ था. फिर भी विदाई की भावुक बेला ने निशिता और उसके...