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  • कथा

    कथा

    ”आंटीजी, आपने तो मेरी व्यथा को कथा में बदल दिया.” आज कमलेश ने फोन पर कहा था. ”वो कैसे भला?” आंटी का सहज-सा सवाल था. ”उस दिन आपसे मिलने के बाद मैं बहुत खुश रहने लगी...

  • कुछ कृष्ण भजन

    कुछ कृष्ण भजन

    श्री कृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर कुछ कृष्ण भजन भजन 1.श्यामा इतनी-सी आस अघा देना मेरे जीवन को सरल बना देना, श्यामा इतनी-सी आस अघा देना- 1.मन निर्मल हो कपट से दूर रहे प्रेम-प्यार से सदा...

  • समारोह

    समारोह

    आज सुबह पार्क में सैर करते हुए सुनीता से मुलाकात हुई. उसने 23 अगस्त को शाम को 6 बजे पार्क में आकर श्री कृष्ण जन्माष्टमी समारोह में उपस्थित होकर धूम मचाने और आनंद लेने-देने का निमंत्रण...

  • बाल गीत: आपके-हमारे- 2

    बाल गीत: आपके-हमारे- 2

    एक आह्वान, छह कवियों के बाल गीत! 1.बिल्ली-चूहा बिल्ली बोले म्याऊँ-म्याऊँ, चूहा कहे, ”कहाँ छुप जाऊँ?” बिल्ली बोली, ”छुप न सकोगे, अब तो मेरा भोज्य बनोगे.” ”तुम क्या जानो मुझे पकड़ना, इतना भी आसान नहीं है,...

  • अंधविश्वास की जड़ें

    अंधविश्वास की जड़ें

    उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया. इस एक मामले में पत्नी किसी तांत्रिक के कहने पर अपने पति को खाने के लिए सिर्फ लड्डू दे रही है, वह भी सुबह चार...

  • चैंपियन: सुषमा स्वराज

    चैंपियन: सुषमा स्वराज

    चैंपियन शब्द हम बचपन से सुनते आए हैं और अनेक बार हमें भी चैंपियन की उपाधि मिली है, लेकिन चैंपियन की परिभाषा पर ध्यान देने का कभी विचार ही नहीं आया. बात सही भी है, हर...

  • संतुलन

    संतुलन

    चित्र प्रदर्शनी में सी-सॉ के चित्र को पहला पुरस्कार दिया जाना लगभग तय था. तर्क भी तो बड़े ही शक्तिशाली दिए जा रहे थे न! एक तरफ बड़े ध्यान से किताबें संभाले कोमलांगी लड़की, दूसरी ओर...

  • माताजी का जन्मदिन

    माताजी का जन्मदिन

    प्रिय सुदर्शन भाई, नमस्कार, आपने 15 अगस्त को प्रकाशित हमारे ब्लॉग ‘बाल गीत: आपके-हमारे- 1’ की प्रतिक्रिया में लिखा था- ”आदरणीय दीदी, सादर प्रणाम. पवित्र त्यौहार रक्षा बंधन, स्वतंत्र दिवस के संग संग प्रिय मेहुल को...

  • वह रात!

    वह रात!

    प्रेमी-प्रेमिका की शादी हो गई थी. मधुयामिनी के मधुर पलों में उन्हें शादी के बंधन में बंधने का रोमांचक किस्सा याद आ रहा था. रोज रात को एक सीरियल में वह देखता था, कि एक लड़का...

  • बाल गीत: आपके-हमारे- 1

    बाल गीत: आपके-हमारे- 1

    1.आज के बच्चे कल के नेता आज के बच्चे कल के नेता, आगे बढ़ते जाएंगे देश की सेवा करने हेतु, मिलकर कदम बढ़ाएंगे- मत समझो हम नन्हे बालक, हम हैं जलती चिनगारी हम ही गगन गुंजा...