Author :

  • संबंध सुहाना है

    संबंध सुहाना है

    भावगीत है प्रेम से जग प्यारा, सुंदर है सुहाना है जिस ओर नज़र जाए, बस प्रेम-तराना है- बादल का सागर से, सागर का धरती से धरती का अंबर से, संबंध सुहाना है- तारों का चंदा से,...

  • प्रेरक मंत्र

    प्रेरक मंत्र

    ”उत्तिष्ठत जाग्रत प्राप्य वरावरान्निबोधत” मंत्र से तो आप सब भलीभांति परिचित होंगे. यही तो है, जय विजय पत्रिका के सृजन के शंखनाद का प्रेरणा सूत्र. इस अनमोल मंत्र के सृजेता हैं- स्वामी विवेकानंद. इसका अर्थ है-...

  • शरारत करो, लेकिन संभलकर

    शरारत करो, लेकिन संभलकर

    प्रिय बच्चो, आयुष्मान, बुद्धिमान, सेवामान, अर्थात दीर्घायु बनो, बुद्धिवान बनो, सेवावान बनो. अरे भाई, आप जैसे प्यारे-प्यारे बच्चों को आशीर्वाद देने का यह हमारा तरीका है. हम जिसे पहली बार आशीर्वाद देते हैं, उसके हावभाव से यह...

  • वातानुकूलित पीस ऑफ आर्ट

    वातानुकूलित पीस ऑफ आर्ट

    रोज़ सैर पर आते-जाते समय मेरे रास्ते में आता है घर नं. बत्तीस उसमें दिखता है प्राकृतिक वातानुकूलित आर्ट पीस जाते समय मुझे वह हेज से बना ऊंचा हरा-भरा प्राकृतिक वातानुकूलित आर्ट पीस लगता है एक...

  • दिल के दरवाज़े

    दिल के दरवाज़े

    माघ के महीने की पंचमी को वसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाता है. वसंत को सर्वश्रेष्ठ ऋतु और ऋतुराज माना गया है. इस समय पंचतत्त्व अपना प्रकोप छोड़कर सुहावने रूप में प्रकट होते हैं. प्रकृति को...

  • वसंत

    वसंत

    आजकल हिंदी साहित्य में बहार है वासंती और वसंत की, क्योंकि मौसम ने भी दस्तक दी है सरस-सुहानी ऋतु वसंत की. चारों ओर महक है, पीले-वासंती गेंदे और सरसों के फूलों की, नदी-किनारे बैठकर वासंती आभा...

  • मैं थका हुआ हूं

    मैं थका हुआ हूं

    ममी मैं थका हुआ हूं होमवर्क करने के लिए सैर पर जाने के लिए आऊटडोर गेम्स खेलने के लिए मैं थका हुआ नहीं हूं स्विमिंग पर जाने के लिए मित्रों के साथ साइकिलिंग पर जाने के...

  • धर्म से ऊपर दोस्ती

    धर्म से ऊपर दोस्ती

    ”जितना प्यार पाया है आप से, उससे ज़्यादा पाने को जी चाहता है, न जाने वो कौन सी खूबी है आप में कि, आप से दोस्ती निभाने को जी चाहता है.” दोस्ती और प्यार के लिए...

  • प्रेम के त्योहार

    प्रेम के त्योहार

    अभी कुछ दिन पहले वसंत ऋतु की दस्तक आई, प्रेम का परम्परागत मदनोत्सव साथ लाई । जाते-जाते चुपके-से कान में शायद यह कह गई, प्रेम के और भी त्योहार भी आने वाले हैं भाई ॥ ऐसे...

  • यह पल ही है अपना

    यह पल ही है अपना

    आशा ही जीवन है, आशा ही ज़िंदगी है, आशा ही विश्वास है, आशा ही बंदगी है. आशा के बल पर हम जीते हैं, आशा के बिना जीना भी क्या जीना, टूट गई है जिनकी आशा, ज़हर...