Author :

  • ‘सफाई दूत’ का कारवां

    ‘सफाई दूत’ का कारवां

    सफाई किसको पसंद नहीं है! सभी को अपने चारों तरफ स्वच्छता के वातावरण की चाहत होती है. यह दीगर बात है, कि लोग सफाई करने में अपनी हेठी मानते हैं और अपने घर की सफाई के...

  • धुंध छंट गई

    धुंध छंट गई

    समय बदलता ही रहता है मौसम भी बदलता ही रहता है कानून भी बदलते रहते हैं उसूल भी बदलते रहते हैं समय और मौसम की धुंध को सहन करना आसान है पर बदलते उसूलों और नियमों...

  • अंतश्चेतना के संकेत

    अंतश्चेतना के संकेत

    थोड़ा सहज हो जाने के बाद डी.एस.पी. साहब रूपा को अपने घर ले आए थे. अपनी पत्नि स्नेहा को रूपा की सुरक्षा का जिम्मा सौंप वे पुनः अपने कार्यालय चले गए. स्नेहा ने न रूपा से...


  • रिश्तों की डोर

    रिश्तों की डोर

    आज रीता को समझ ही नहीं आ रहा था, कि सबको अपना मुंह कैसे दिखाए. अफसोस की शिकन उसके चेहरे पर साफ झलक रही थी. वह सोच रही थी. ”मैं रोज पाठ करती हूं और उसमें...

  • किस्से कमाल के

    किस्से कमाल के

    ये कमाल क्या है? कमाल क्यों होता है? कमाल कब होता है? कुछ पता नहीं, पर हो जाता है. चलिए आज हम कमाल की ही बात कर लेते हैं. सुबह उठते ही एक समाचार पर नज़र पड़ी,...

  • अस्तित्व की प्यास

    अस्तित्व की प्यास

    ”मैं प्यास हूं.”  अकेलापन मेरा साथ कभी छोड़ता नहीं था, भीड़ में भी हमेशा मेरे साथ रहता है, वह तो चुप है. फिर ये कौन बोला? नेहा ने चारों ओर निहारा. कोई भी तो नहीं था...


  • खुशियों की बीन

    खुशियों की बीन

    आपने कभी खुशियों की बीन बजाई है? शायद आप में से अधिकतर लोग कहेंगे कि खुशियों की बीन तो क्या हमें तो बीन बजानी भी नहीं आती. चलिए पहले बीन की बात ही कर लेते हैं....

  • नानी आई

    नानी आई

                                     बाल काव्य सुमन संग्रह से बाल गीत   16.नानी आई   नानी आई, नानी आई टॉफी-चॉकलेट-बिस्कुट लाई. बेसन के लड्डू और...