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  • मुस्कान

    मुस्कान

    आज सुबह-सुबह एक अनमोल वचन सामने आ गया. ”जो मुस्कुरा रहा है, उसे दर्द ने पाला होगा, जो चल रहा है, उसके पाँव में छाला होगा, बिना संघर्ष के इन्सान चमक नहीं सकता, जो जलेगा उसी...


  • सिलसिला

    सिलसिला

    कभी-कभी सामान्य से दिखने वाले चित्र भी अतीत के गवाक्ष खोल देते हैं. सैजला के साथ भी ऐसा ही हुआ था. चित्र में एक तरफ पुल पर बुलेट ट्रेन थी, दूसरी ओर झुग्गी-झोंपड़ी का डेरा, यानी...


  • दूसरा तरीका

    दूसरा तरीका

    आज रीता काम करने आई तो उसका चेहरा खिले हुए गुलाब की तरह महक रहा था और आते ही वह उत्साहपूर्वक अपने काम में लग गई. लग रहा था रमेश के साथ उसकी सुलह हो गई....


  • बिना हाथों वाली बच्ची

    बिना हाथों वाली बच्ची

    10 साल की बच्ची की मां की खुशी का आज ठिकाना ही नहीं था. उसकी बच्ची ने अमेरिका में नेशनल हैंडराइटिंग कॉम्पिटिशन जो जीता था. अब यह जीत ही उसकी पहचान बनेगी. पहचान! कितना अच्छा नाम...


  • आत्मविश्वास

    आत्मविश्वास

    आज सात्त्विका बहुत ही खुश थी. उसके चित्र को प्रथम पुरस्कार से जो नवाजा गया था. उसे भानजे ऋत्विक के साथ हुई गुफ़्तगू याद आ रही थी. ”मौसी जी, आप तो ऑस्ट्रेलिया से अभी आने वाली...