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  • चुटकी भर गुलाल

    चुटकी भर गुलाल

    होलिया में उड़े रे गुलाल’ लोकगीत पर झूम उठने वाले परिवार का संगीत बेसुरा हो गया था. बात ही ऐसी थी. कहां तो नीता और परेश आने वाले नए मेहमान की तैयारी में हर्षमग्न थे, कि...

  • मोहन मेरे आए हैं

    मोहन मेरे आए हैं

    होली-गीत   प्रेम का लेके गुलाल, मोहन मेरे आए हैं संग ले बाल-गोपाल, मोहन मेरे आए हैं-   1.भर पिचकारी हर्षित होकर रंग ले नीले-पीले-लाल मोहन मेरे आए हैं-   2.भीगी राधा भीगीं सखियां मन में...

  • खेलो ऐसी होली आज

    खेलो ऐसी होली आज

    आया होली का त्योहार, छाई रंगों की बहार, आज धरती-गगन से भी, हुई प्रेम की झनकार.   होली का हुड़दंग है, बज रही मृदंग है, जिधर नज़र जाती है अपनी, दिखते रंग-ही-रंग हैं.   रंग एकता...

  • खुशियों की अहमियत

    खुशियों की अहमियत

    नीरा की शादी को दो साल हो चले थे. नया साल शुरु होते ही उसके अंगना में एक नए मेहमान का आगमन हुआ था. उसका नामकरण उसके दादा ने किया था. पहली बार ही उसकी प्यारी-सी,...