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  • रश्मियों का राग दरबारी

    रश्मियों का राग दरबारी

    नोटबंदी का दुःखदाई माहौल चल रहा था. जिनके पास खरीदारी के लिए वाजिब धन का अभाव था, वे तो नोट बदलवाने की लाइन में लगकर भी विवशता से ही एक-दूसरे को देखकर सांत्वना देने के लिए...

  • नया वर्ष आया

    नया वर्ष आया

    नया वर्ष आया, सुहाना, नया वर्ष आया खुशियां है लाया, सुहाना, खुशियां है लाया नए वर्ष में नए तराने गाएं-नाचें-धूम मचालें नया वर्ष आया, सुहाना, नया वर्ष आया खुशियां है लाया, सुहाना, खुशियां है लाया मन...

  • क्रिसमस और नया साल मुबारक हो

    क्रिसमस और नया साल मुबारक हो

    प्रिय बच्चो, क्रिसमस और नया साल मुबारक हो, हम आपसे हर महीने किसी-न-किसी ख़ास विषय से जुड़ी हुई ख़ास बातें आपको बताते हैं. 25 दिसम्बर को इस महीने का ख़ास दिन क्रिसमस है, जिसे हम बड़ा...

  • आज के बच्चे और पॉप कॉर्न

    आज के बच्चे और पॉप कॉर्न

    आज के आधुनिक बच्चों के पास एक-एक दाना उठाकर पॉप कॉर्न खाने का समय नहीं है वे वीडियो देखते-देखते गिलास में पॉप कॉर्न डालकर पीते हैं कुर्सी पर बैठकर डांस करते हैं इस तरह पॉप कॉर्न...

  • शांत मन

    शांत मन

    सर्दी की एक रात को समीरा शांति से अपना काम निपटाकर शांति से सोई थी. सुबह चार बजे, न जाने क्या हुआ, उसे कुछ पता ही नहीं चला. उसके पति ने करवट बदली, तो उसे हिलता...

  • पुल

    पुल

    ”पापा, पहले आप बुआ जी को बहुत प्यार से रक्षा बंधन और भाई दूज पर साल में दो बार बुलाते थे, अब चार साल हो गए हैं, हमने बुआ जी को देखा तक नहीं है, बोलो...

  • नज़रिया

    नज़रिया

    इंटरनेट की गड़बड़ी के कारण उस दिन द्वारका डिस्पेंसरी का कम्प्यूटर नहीं चल रहा था. गुलाबी सर्दी होने के कारण लाइन में नम्बर लगाकर कुछ बुज़ुर्ग सज्जन धूप में रखी एक बेंच पर बैठ गए और...

  • रिश्तों का कैनवास

    रिश्तों का कैनवास

    रिश्तों के कैनवास पर दरक गई हैं कुछ किरचें इस कदर कि लगता ही नहीं इन्हीं रिश्तों के सुदृढ़ कगार पर बैठकर हमने कभी हंसने-रोने के अहसासों को एक साथ जीवंत जिया था एक साथ हम...

  • ज़िंदगी एक पेंटिंग

    ज़िंदगी एक पेंटिंग

    ज़िंदगी एक पेंटिंग की मानिंद है, आशा से इसकी रेखाएं खींचिए, सहनशीलता से इसकी त्रुटियों को मिटाइए, असीम धैर्य के रंग में इसके ब्रुश को डुबोइए, और प्रेम से इसमें रंग भरिए. परिचय - लीला तिवानीलेखक/रचनाकार:...

  • धैर्य का अवतरण

    धैर्य का अवतरण

    सुलेखा को भले ही तंगहाली के दामन ने जकड़ रखा था, पर सुलेखा ने भी मजबूती से धैर्य के दामन को थाम रखा था. अपने तीनों बच्चों में भी उसने ऐसे ही सुसंस्कारों को पोषित-पल्लवित करने...