राजनीति

सिकुलर सोच 

इण्डिया के सभी सिकुलर खामोश थे बिलकुल बापू की माफिक… बापू के देस में ५६ कारसेवक जाहिर है… हे राम ! को मानने वाले हिन्दू ! ट्रेन के डिब्बों में जला कर मार डाले ! हिन्दू ने तो जलना ही था जिन्दा जले या मुर्दा क्या फर्क पड़ता है ! सभी सिकुलर भी इसी लिए […]

सामाजिक

इच्छा मृत्यु

नानी माँ ठीक़ ही तो कहती थी, जो बच्चे बचपन में ‘लोरियों ‘ से चूक जाते हैं, ताउम्र उनींदे ही रहते हैं… मैं भी शायद उन्हीं में से एक हूँ! था तो मेरा भाई, मगर मेरे जीवन में इस से बड़ा दुश्मन था ही नहीं कोई! लगभग सवा साल छोटा था। माँ के आँचल के […]

हास्य व्यंग्य

मिज़ाज़ पुर्सी

वाजपेयी जी ऐमज़ में क्या भर्ती हुए कि सभी राजनेता उनकी मिज़ाज़ पुर्सी के लिए ऐमज़ की ओर कूच कर गए. सबसे बूढी पार्टी के युवाध्यक्ष सबसे पहले पहुँच गए. जाते ही वाजपेयी जी से पूछा ! अटल जी ! कैसे हो ! पास कड़ी एक नर्स ने आगाह किया- बात करना मना है. राज […]