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  • गीत

    गीत

    “गीत” हिंदी हिंद की जान है, आन बान और शान है भारत के हर वासी का, युग-युग से पहचान है हर बोली में लहजा हिंदी, हर माथे पर सोहे बिंदी घर-घर में इंसान है, आँगन मुख...

  • पद

    पद

    “पद” भैया चंद्रयान ले आओ मैं हूँ चंद्रमा घटता बढ़ता, आकर के मिल जाओ उड़नखटोला ज्ञान भारती, ला झंडा फहराओ इंतजार है बहुत दिनों से, इसरो दरस दिखाओ लेकर आना सीवन साथी, आ परचम लहराओ राह...

  • कुंडलिया

    कुंडलिया

    चाहत दिल की लिख रहा, पढ़ लो तनिक सुजान सूरज बिन पश्चिम गए, करता नहीं बिहान करता नहीं बिहान, नादान बु-द्धि का पौना हँसता है दिल खोल, रुदन करता जस बौना कह गौतम कविराय, हाय रे...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    “मुक्तक” सूक्ष्म निरीक्षण से हुए, कोटि कोटि सत्काम। जल के भीतर जीव प्रिय, नभचर थलचर आम। मित्र जीव रक्षा करें, बैरी लेते प्राण- रुधिर सभी का एक सा, अलग अलग है नाम।। लघु के लक्ष्य अभेद...

  • दोहा

    दोहा

    शिक्षक दिन पर व मंच व मित्रों को हार्दिक बधाई, गुरुजनों को नमन! ॐ जय माँ शारदा! “दोहा” शिक्षक दिन पर आप को, बहुत बधाई मीत। मिला ज्ञान इनसे सुखद, गौतम गाए गीत।। बहुत धीर गंभीर...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    “मुक्तक” गैरों ने भी रख लिया, जबसे मुँह में राम। शुद्ध आत्मा हो गई, मिला उचित अभिराम। जिह्वा रसमय हो गई, वाणी हुई सुशील- देह गेह दोनों सुखी, राघव चित आराम।। दर्शन कर अवधेश के, तरे...

  • पद

    पद

    कृष्ण जन्माष्टमी पर आप सभी मित्रों को हार्दिक बधाई, ॐ जय श्रीराधे कृष्ण! “पद” मैं हूँ गोकुला का गोपाला आज हमारो जन्म हुवो है, मैं यशुमति का लाला यमुना जी के निर्मल जल में, नाग कालिया...

  • हाइकु

    हाइकु

    ललही छठ की हार्दिक बधाई “हाइकु” ललही छठ लालन को आशीष माँ को नमन।। जै छठ मैया मंगल दायिनी माँ पग वंदन।। महातम मिश्र, गौतम गोरखपुरी परिचय - महातम मिश्र शीर्षक- महातम मिश्रा के मन की...

  • चतुष्पदी

    चतुष्पदी

    मापनी- 2122 2122 1222 12, समांत- अल, पदांत- से डरा अश्क आँखों को मिला प्रेम काजल से डरा। सत्य सावन की घटा स्नेह बादल से डरा। गुम हुई है चाँदनी अब नए दीदार में- भीगता सावन...

  • दोहा

    दोहा

    “दोहा” कश्मीर संग देखिए, सगर हिन्द के घाट। भेद-भावना मिट गई, खुली प्यार की हाट।।-1 जन-जीवन हर्षित हुआ, सुधरी भारी भूल। घाटी की रौनक बढ़ी, खिले प्यार के फूल।।-2 बड़े शान से आ मिले, गले हजारों...