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  • “दोहावली”

    “दोहावली”

    “विधा- दोहा” बादल है आकाश में, लेकर अपना ढंग इंद्रधनुष की नभ छटा, चर्चित सातों रंग।।-1 दाँतों में विष भर चला, काला नाग भुजंग। नाम सुने तो डर गए, सर्प मुलायम अंग।।-2 जीवन की अपनी व्यथा,...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “मुक्तक” कितना मुश्किल कितना निश्छल, होता बचपन गैर बिना। जीवन होता पावन मंदिर, मूरत सगपन बैर बिना। किसकी धरती किसका बादल, बरसाते नभ उत्पात लिए- बच्चों की हर अदा निराली, लड़ते- भिड़ते खैर बिना।।-1 प्रत्येक दीवारें...

  • “कुंडलिया”

    “कुंडलिया”

    भावन अदा लिए हुए, लाल शुभ्र प्रिय रंग पारिजात कैलाश में, रहता शिव के संग रहता शिव के संग, भंग की चाह निराली जटा सुशोभित गंग, ढंग महिमा श्री काली कह गौतम कविराय, निवास पार्वती पावन...

  • “मुक्त काव्य”

    “मुक्त काव्य”

    “मुक्त काव्य” चाह की राह है गोकुल निर्वाह है यमुना कछारी रात अंधियारी जेल पहरेदारी देवकी विचारी कृष्ण बलिहारी लीला अपार है चाह की राह है।। गाँव गिरांव है धन का आभाव है माया मोह भारी...

  • “गीतिका”

    “गीतिका”

    समान्त- अना, पदांत- नहीं चाहता “गीतिका” छाप कर किताब को बाँधना नहीं चाहता जीत कर खुद आप से हारना नहीं चाहता रोक कर आँसू विकल पलकों के भीतर जानकर गुमनाम को पालना नहीं चाहता।। भाव को...


  • “शक्ति छंद”

    “शक्ति छंद”

    छंद शक्ति , (मापनीयुक्त मात्रिक) वर्णिक मापनी, 122 122 122 12, लगाला लगाला लगाला लगा “शक्ति छंद” पुरानी दवा है दिखाती असर। चढ़ाती नशा है पिलाके ज़हर।। कभी प्यार की तो कभी बेख़बर। बुलाती बहारें लड़ाती...

  • “मुक्त काव्य”

    “मुक्त काव्य”

    “मुक्त काव्य” सजाती रही सँवारती रही गुजारती रही जिंदगी बाढ़ के सफ़र में बिहान बहे पल-पल।। गाती गुनगुनाती रही सपने सजाती रही चलाती नाव जिंदगी ठहर छाँव बाढ़ में गुजरान हुआ गल-गल।। रोज-रोज भीग रही जिंदगी...

  • “सोमराजी छंद मुक्तक”

    “सोमराजी छंद मुक्तक”

    छंद- वाचिक सोमराजी (मापनीयुक्त मात्रिक) मापनी- लगागा लगागा, 122 122 “सोमराजी छंद” मुक्तक या राम माया। मृगा हेम भाया। छलावा दिखावा- सदा कष्ट पाया॥-1 तजो काम धामा। भजो राम नामा। सदा कृष्ण माधो- पुकारें सुदामा॥-2 मिले...

  • “मुक्तक”

    “मुक्तक”

    “मुक्तक” कतरा-कतरा माँ तेरा है। पुतरा पुतरा माँ तेरा है। शीश निछावर करते वीरा- सुंदर अँचरा माँ तेरा है।। गर्वित होते लाल हजारों। सीमा प्रहरी नायक यारो। दुश्मन के छक्के छुट जाते- नमन शहीद धन्य दिग...