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  • गजल

    गजल

      दिखी जमीन अपनी, पहाड़ों पर चढ़कर जिसपर चलता रहा, रोज खूब अकड़कर आकाश नजदिक था, जो धुंआ धुंआ दिखा कुठरता सहम गई, न जाने क्योे डरकर ।। उखड़ने लगी साँस, काँपने लगे पाँव रुँध गई...

  • कुण्डलिया छंद

    कुण्डलिया छंद

    सादर शुभ दिवस, एक कुण्डलिया छंद आप सभी को सादर निवेदित है……… गंगा यमुना सरस्वती, संगम है प्रयाग सूर्याभिषेक मकर में, तर्पण अहोभाग्य तर्पण अहोभाग्य, गंग ही पूर्वज तारे दुःख क्लेश नियराय, न कोई रौनक जारे...

  • कुण्डलिया छंद

    कुण्डलिया छंद

    सादर शुभप्रभात, पावन पर्व उत्तरायन पर आप सभी को हार्दिक बधाई सह मंगल शुभकामना……… कुंडलिया छंद सूरज अब उत्तर चला, मकर राशि में आय धुंधा तिलवा पापड़ी, करो दान चित लाय करो दान चित लाय, गंग...

  • मुक्तक : आक्रोश/क्रोध

    मुक्तक : आक्रोश/क्रोध

    क्रोधी लोभी लालची, बिन मारे मरि जाय कभी न खुद शीतल रहें, औरन दुख दे जाय आक्रोश जस जस बढ़े, तस बाढ़े उत्पात महिमा मानुष कत जड़ें, कनक क्रूरता पाय ॥ — महातम मिश्र परिचय -...

  • “कुण्डलिया छंद”

    “कुण्डलिया छंद”

    सादर सुप्रभात मित्रों, आज युवा उत्कर्ष साहित्य सचित्र रचना आयोजन में एक कुंडलिया छन्द प्रस्तुत किया जो आप सभी का आशीष चाहती है …… “कुण्डलिया छंद” ठंढी गई आकाश में, तितली गई पाताल चारुलता चंचल तितली,...

  • सवैया छंद : सुमुखी

    सवैया छंद : सुमुखी

    रहूँ तुझ आपनि जानि प्रिए, तुम बूझत नाहिं बुझावत हो। अंसुवन काढ़ि निकारि जिया कस नैनन नेह लगावत हो॥ ऊष्मावत हो बहलावत हो, नहिं जीवन छांह दिखावत हो। हटो न कपोल किलोल करो, तजि लाज वफा...

  • नववर्ष

    नववर्ष

    आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामना…………   नववर्ष है नवहर्ष है नव सूरज की है लालिमा नवचेतना नवसाधना छाए न अब नवकालिमा ऊंचा हिमालय गर्व से पुलकित रहे आकाश में भारत के लाल प्रेम से...

  • नववर्ष की सादर शुभकामना

    नववर्ष की सादर शुभकामना

    आप सभी को नववर्ष की हार्दिक शुभकामना…………   नववर्ष है नवहर्ष है नव सूरज की है लालिमा नवचेतना नवसाधना छाए न अब नवकालिमा ऊंचा हिमालय गर्व से पुलकित रहे आकाश में भारत के लाल प्रेम से...

  • “कुण्डलिया”

    “कुण्डलिया”

    सादर सुप्रभात मित्रों, वर्ष 2015 की शानदार विदाई और नव वर्ष का शुभ स्वागतम का समय है। एक कुण्डलिया आप सभी को सादर प्रस्तुत है, हार्दिक बधाई सह……… “कुण्डलिया” नए वर्ष की आरती, सजी हुई है...

  • “दोहा”

    “दोहा”

    आप सभी आदरणीय मिनिषियों को क्रिसमस की हार्दिक शुभकामना सह मंगल बधाई…….   इस पावन पर्व पर कुछ दोहे सादर प्रस्तुत है, हैपी क्रिसमस…..   युग युगों से प्रकट हुए, मानव महिमा भेष अम्बर जस छाए...