राजनीति

युवा दिवस और नागरिक संशोधन कानून ( CAA )

१२ जनवरी १८६३ को स्वामी विवेकानंद का जन्म कोलकाता में हुआ उनके जन्मदिवस को युवा दिवस के रूप में पुरे देश में मनाया जाता है . स्वामी विवेकानंद को दुनिया विश्व शिक्षक ( Universal Teacher ) के रूप में भी जानती है . १८९३ में शिकागो में विश्व धर्म महासभा में दिए गए उनके भाषणों […]

राजनीति

क्या है एनपीआर ?

राष्ट्रीय जनसंख्या रजिस्टर  (एनपीआर) एनपीआर का पूरा नाम ‘नेशनल पॉपुलेशन रजिस्टर’ है  है इसके तहत 1 अप्रैल 2020 से 30 सितंबर, 2020 तक नागरिकों का डाटाबेस तैयार किया जाएगा । कर्मचारी देशभर में घर-घर जाकर नागरिकों से जानकारी एकत्रित करेंगे । सरकार ने स्पष्ट किया है कि एनपीआर अपडेशन के दौरान व्यक्ति द्वारा दी गई […]

राजनीति

क्या सैनिक का कोई मानवाधिकार नहीं है ?

पुलिस का साधारणतः अर्थ रक्षक  होता है जिसका उपयोग किसी भी देश की अन्दरूनी नागरिक सुरक्षा के लिये ठीक उसी तरह से किया जाता है जिस प्रकार किसी देश की बाहरी अनैतिक गतिविधियों से रक्षा के लिये सेना का उपयोग किया जाता है। पुलिस का कार्य कानून व्यवस्था बनाए रखना, अपराध को रोकना, अपराध की […]

राजनीति

हंगामा क्यों बरपा रही है विरोधी पार्टियाँ ? 

नागरिकता संशोधन अधिनियम, 2019 (CAB ) के पास होने के बाद अफगानिस्तान, पाकिस्तान और बांग्लादेश के सभी प्रताड़ित हिंसा के शिकार अल्पसंख्यक (हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई) भारतीय नागरिकता के योग्य हो जाएंगे । इन्हें भारतीय नागरिकता पाने के नियम में भी छूट मिल जाएगी । ऐसे सभी शरणार्थी जो छह साल से […]

राजनीति

महाराष्ट्र में खिचड़ी सरकार को ५ साल टिकने की चुनौती

शिवसेना ने मोदी के नाम पर वोट हासिल कर ५६ सीट पर जीत प्राप्त कर लेने के बाद बीजेपी से ३० साल पुराना गठबंधन तोड़ हाल ही में खिचड़ी सरकार बना ली है . कांग्रेस , एनसीपी , शिवसेना और निर्दलीय मिलकर १६९ विधायकों के समर्थन से उद्धव ठाकरे सरकार महाराष्ट्र में राज कर रही […]

राजनीति

अन्ततः राम जन्मभूमी अयोध्या राम की हूई

9 November 2019  फैसले का अंतिम दिन  लागातार ४० दिन तक बहस के बाद सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण फैसला  पुरे भारत में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम , पुरे देश में शांति और भाईचारे की अपील कई जगह धारा १४४ लागु , देश ही नहीं दुनिया की निगाहे टिकी हुई थी की क्या निर्णय आता है ? लगभग  ५०० साल […]

राजनीति

शिवसेना अपने ही बुने जाल में फंसी

संत कबीर जी ने एक दोहे में बहुत सुंदर बात कही है : मक्खी गुड में गडी रहे, पंख रहे लिपटाये, हाथ मले और सिर ढूंढे,लालच बुरी बलाये । अर्थ : इस दोहे में संत कबीर जी ने  लालच कितनी बुरी बाला है उसके विषय में समझाया है । वे कहते हैं मक्खी गुड खाने के लालच में झट […]