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  • कहानी : अपना शहर

    कहानी : अपना शहर

    मुख्‍य शहर से तनिक दूर परंतु यातायात के साधनों द्वारा अच्‍छी तरह जुड़ी हुई यह नयी मानव बस्‍ती शीघ्र ही मध्‍यमवर्गीय परिवारों की पसंदीदा जगह बन गयी। वाजिब दाम में दो-तीन कमरों के फ्लैट मिल जाते...

  • एक शाम

    एक शाम

    आरती के विषय में सुनकर वह एकदम अवाक रह गया। अभी तीन साल ही हुए थे उसकी शादी को। उसकी ऑंखों के सामने वे सारे द्दश्‍य चलचित्र की भॉति उभरने लगे जो उसने उसके साथ बिताए...

  • शरीफों का मुहल्‍ला

    शरीफों का मुहल्‍ला

    जाड़े की धूप में बैठकर गप्‍पें हॉकी जा रही थीं। चाय व समोसे के सहारे वे बातें कर रहे थे। ‘’भई श्रीवास्‍तव इधर आना जरा।’’ एक आवाज गॅूजी। ‘’नहीं यार हम यहीं ठीक हैं,’’ श्रीवास्‍तव चाय...