लघुकथा

” बुढ़ापे की लाठी “

दिसंबर महीने की बर्फीली  सर्दी में, सड़क  के किनारे एक बुज़ुर्ग  औरत, जिसकी उम्र ८० साल के लगभग थी, लकड़ी की छड़ी के सहारे काफी देर से सड़क पार करने की कोशिश कर रही थी |उसने हलके भूरे रंग का कोट पहन रखा था और क्रीम रंग के शॉल  से सर ढक रखा था । […]

कविता

वह बचपन सुहाना

वह मासूम नादान , वह नटखट  ज़माना बहुत याद आये मुझको ,वह बचपन सुहाना | जब थे नन्हे बच्चे , मां की गोद बिछौना बाहों  का झूला , वह झुंझने का खिलौना बेफिक्र नींद ,मीठे सपनों की खुमारी थी नन्ही गुड़िया, मां की राजकुमारी टिमटिमाते नीले गगन के तले सुनते हुए मां की लोरी, वो […]

कहानी

पाप की पहचान

  रवि ने अपनी गर्भवती पत्नी वीना को अल्ट्रा साऊँड़  स्कैन  करवाने भेज दिया | वो जानना चाहता था, कि गर्भ में पलने  वाला बच्चा इस बार भी बेटी तो नहीं ! दो लड़कियों का बाप होने के बाद  आज, उस ने सोचा कि जो दुनिया करती है वो क्यों  न करे! दुनिया भी तो […]

कहानी

रिश्तों का कत्ल

एक शहर में जूतों की एक मशहूर दूकान थी , दीना नाथ  जो उस शहर में नया था ,उस दूकान की चकाकौंध  देख कर जूते खरीदने के लिए दूकान में दाखिल हुआ |वहां पर बहुत सारे ग्राहक बेठे हुए थे तभी उस दूकान का मालिक अपनी सख़्त आवाज़ में किसी को पुकारते हुए बोला “ […]

लघुकथा

लघु कथा – स्वार्थी

  दिवाकर नाथ अपनी पत्नी और इकलौते  बेटे राजेश के साथ एक शहर में रहता था। मुहल्ले  में  कोई  भी घटना होती , किसी पर भी कोई  भी मुसीबत आती तो दिवाकर नाथ उसे अनदेखा  करके, अपने  घर के दरवाजे बंद  कर लेता, किसी  के  दुख या परेशानी में कभी  शामिल  नही होता। एक  शाम […]

कहानी

कलयुगी पुत्र

एक बूढी औरत , कुम्भ के मेले में बैठी रो रही थी । वह बहुत परेशान लग रही थी और बार बार यही बात दोहरा  रही थी ” नहीं… मेरा बेटा जरूर आएगा… वो मेरे साथ ऐसा नहीं कर सकता… उसने कहा था- माँ तू यहीं बैठ मैं अभी आया।” वो बेचारी पागलो की तरह आते-जाते […]