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  • नारी

    नारी

    नारी घर संसार है ,नारी है आधार | नारी पर क्यों हो रहा ,फिर -फिर त्याचार || आदि शक्ति संजीवनी, जग की मूलाधार | स्वयं तरसती प्रीत को ,बहती बन रसधार || मासूमों को नोचते ,करते...

  • नारी

    नारी

    नारी ममता माया कस बल , यह बात भुलाओगे कैसे नारी सृष्टि की ध्रुआ शक्ति , यह बात भुलाओगे कैसे | तन मन धन से अर्पित हो जो , तुममें साहस जाग्रत करती, अपना सर्वस्व लुटा...

  • मधुमास

    मधुमास

    बौरों से लदी हो अमराई , कोयल की कुहूकती तान रहे | कुसुमों से भरी हो हर क्यारी , मन उपवन में मधुमास रहे | चहुँ ओर सुगंध बसे ऐसी , मन आनंदित मृदु हास रहे...

  • बेटियाँ

    बेटियाँ

    खो रहीं मधुरिम सरसती बोलियाँ अश्क आँखों में सिसकती बेटियाँ दर्द सहती उफ न करती ये सदा बेटियाँ हैं दो कुलों की संधियाँ वारती सर्वस्व अपना नेह वश जीत कर भी हारती हैं बाजियाँ भाई बेटों...


  • तुम

    तुम

    तुम शब्दों से परे अहसास की भाषा हो | निर्विकार प्रेम की पराकाष्ठा हो | तन्हा रास्तों में गीतों का गुंजन हो | असंख्य तारों की भीड़ में पूर्णमासी का चाँद हो | मेरे संचित कर्मो...



  • बेटियाँ

    बेटियाँ

    बेटियाँ खो रही मधुरिम सरसती बोलियाँ | अश्क आँखों में सिसकती बेटियाँ | दर्द सहती उफ न करती ये सदा – बेटियाँ हैं दो कुलों की संधियाँ | वारती सर्वस्व अपना नेह वश – जीत कर...

  • सावन

    सावन

    पावस की महिमा प्रबल ,चहुँ दिस बसी उमंग | हरी भरी धरती लगे , झरे प्रीत मकरंद || बरसे सावन बादरी , नाच रहे हैं मोर | कोयल कुहके बाग में , मन मे उठे हिलोर...