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  • गज़ल

    गज़ल

    गम छुपा कर सदा मुस्कुराते रहे | प्रीत की रीत हँस कर निभाते रहे | ना उमीदी का दामन न थामा कभी – राह काँटो में अपनी बनाते रहे | आज़माना गलत बात है प्यार में...

  • विडंबना

    विडंबना

    विडंबना छल किया पुरुष ने नारी से यह तथ्य सभी ने पहचाना | नारी से नारी ठगी गयी यह तथ्य नहीं क्यों पहचाना | पुरुषों नें तो अपनी महिमा के लिए दबाया नारी को | उनका...