गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

आ गया है दौर कैसा बिक रहा ईमान है । गुम हुई इंसानियत हर आदमी हलकान है । बेखुदी में जी रहे हैं होश खोकर बेखबर । ज़िंदगी से दूर हैं और मौत से अंजान हैं। मज़हबों के नाम पर इंसान खुद बटता गया । गर्क होता जा रहा है खो रहा पहचान है। उलझनों […]

कविता

मन की चाह

मन में चाह उठा करती है ,कुछ नूतन निर्माण करूँ | करूँ स्रजन कुछ बड़ा अनोखा,जग का पुनरुद्धार करूँ | नील गगन में जितने तारे , धरती पर उतार लाऊँ – जिस घर में हो अँधियारा ,उस घर में एक लगा आऊँ | अंधकार मिट जाये सारा , हर आँगन हो उजियारा | मन में […]

गीतिका/ग़ज़ल

ईद मुबारक

है चमका चांद बरकत का , मुबारक ईद हो तुमको । नज़ारा हर तरफ महका ,मुबारक ईद हो तुमको । फले हर ख्वाब आंखों का ,नहीं हो आंख नम कोई । मिटे नफरत का अंधियारा ,मुबारक ईद हो तुमको। नहीं कोई ख़िलाफ़त हो ,लबों पर मुस्कुराहट हो। मिले उल्फ़त का नज़राना , मुबारक ईद हो […]

गीत/नवगीत

परशुराम अब आजाओ

परशुराम तुम आजाओ 💐💐💐💐💐💐💐 हे विप्र शिरोमणि परशुराम,तुम परशु लिए फिर आजाओ । धरती की व्यथा भार हरने प्रभु परशुराम तुम आजाओ । जमदग्नि रेणुका सुत प्यारे भृगुवंशी जटा जूट धारी ।अद्भुत अतुल्य था तेजपुंज ,रिपुओं के थे जो संघारी । ध्यानावस्था में पूज्य पिता का कार्तवीर्य ने सिर काटा । तब सारे क्षत्रिय कुल […]

गीत/नवगीत

बेटी

*ईश्वर का वरदान है बेटी* ईश्वर का वरदान है बेटी । दो कुल की पहचान है बेटी। प्रीत भरी रसवंती गागर लहराता है उर में सागर बिन बेटी चहके न आंगन आंगन का अरमान है बेटी । ईश्वर का ——– राखी का है कोमल धागा हर रिश्तों को इसने पागा सबकी इच्छा भाव समझती सहज […]

गीतिका/ग़ज़ल

बिजलियाँ अच्छी नही लगती ‘ग़ज़ल’

अच्छी नहीं लगती ************ जला दे ज़िंदगी जो बिजलियाँअच्छी नहीं लगती | बसेरों को मिटाती आँधियाँ अच्छी नहीं लगती | दिलों में प्यार भर लो प्यार के छेड़ो तराने फ़िर, कलेजा चीर दे वो बोलियाँ अच्छी नहीं लगती | जफा के दाग से दामन सदा रंगते रहे हो तुम- गुनाहों से भरी ये खूबियाँ अच्छी […]

कविता

विडम्बना

*विडंबना* छल किया पुरुष ने नारी से यह तथ्य सभी ने पहचाना | नारी से नारी ठगी गयी यह तथ्य नहीं क्यों पहचाना | पुरुषों नें तो अपनी महिमा के लिए दबाया नारी को | उनका ऊंचा स्थान रहे इस लिए गिराया नारी को | नर ने नारी की पिछड़न को ही बस अपना विकास […]

कविता

कवि

कवि ~~~ बिना डरे जो सच कह जाये वह ही कवि कहलाता | सत्कर्मों की राह दिखाए वह ही कवि कहलाता | शब्द – शब्द में प्रबल वेग हो मोड़ हवा का रुख दे – धार कलम की जिसकी पैनी वह ही कवि कहलाता | राजा रंक फ़कीर ना देखे सब ही एक बराबर- सबके […]

गीतिका/ग़ज़ल

ज़िंदगी इक सवाल है अबतो (ग़ज़ल)

ज़िंदगी इक सवाल है अब तो | इसमें गुम ही जलाल है अब तो | कैसे इस देश का भला होगा , नौ जवाँ बेखयाल है अब तो । हर तरफ़ जुल्म की चले आँधी, सबका जीना मुहाल है अब तो | जिससे तालीम सीखते हम हैं, वो इबारत निढाल है अब तो | कोई […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

मैने दिल मे तुझको बसा लिया मेरी ज़िंदगी तू संवार दे | मेरे लफ्ज़ सारे महक उठे मुझे ऐसी कोई बहार दे | यही इल्तज़ा मेरे हमनवा तेरा साथ उम्र तलक रहे – युहीं चाहतो का जुनू रहे और उम्र सारी गुजार दें | तेरा इश्क रब का वो नूर हैमेरी जीस्त जिससे निखर गयी- […]