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  • चच्चा

    चच्चा

    ट्रिन ट्रिन फोन की घंटी ने नींद खोली। शनिवार ऑफिस की छुट्टी, देर तक सो रहा था। सुबह सुबह किस का फोन आ गया। एक बार शंका हुई कहीं ऑफिस से बुलावा तो नही है? खैर...

  • अंत

    अंत

    “नयना क्या बात है फिर से सो गई?” नवीन ने सुबह की सैर से वापस आ कर नयना को बिस्तर पर लेटे देख कर पूछा। “नवीन बदन टूटा सा लग रहा है। उठने की हिम्मत नही...

  • पगली

    पगली

    कैंसर शब्द सुनते ही रीना पर वज्रपात गिर गया। पिछले एक वर्ष से गिरती सेहत से परेशान रीना के मुख से एक शब्द भी नही निकला बस आंखों से गंगा-जमुना बह निकली। एक वक्ष काट कर...

  • लोफर

    लोफर

    निरंजन आज सुबह जल्दी अपनी वर्कशॉप में आकर काम में व्यस्त हो गया। शाम पांच बजे तक हर हालत में कार ठीक करके देनी है। बिना पलक झपके काम में अपने कर्मचारियों के संग कार को...

  • चौपाल

    चौपाल

    नगर से चार किलोमीटर दूर हाइवे पर एक कॉलोनी बसी हुई है। लगभग चार हजार की आबादी वाली कॉलोनी के निवासी नगर में व्यापार करते है। बच्चे नगर के स्कूल में पढ़ते हैं। कॉलोनी के बीच...

  • हवेली

    हवेली

    जून का महीना और समय दोपहर के लगभग ढाई बजे राजस्थान के राज्यमार्ग पर विवेक अपने मित्र सुदर्शन के साथ कार में सफर कर रहे थे। “दर्शी आज गर्मी कुछ अधिक है, कार का एयर कंडीशनर...

  • रखिये

    रखिये

    हर शौंक को आप खूब रखिये बेखबर बन कर सब खबर रखिये चाहे नजर हो आसमान पर पांव लेकिन जमीन पर रखिये चाहे कुछ भी कहें लोग अपने को विचलित मत रखिये मुझे दिल मे अगर...

  • नववर्ष

    नववर्ष

    ग्यारह महीने हो गए घर में रुके हुए, कब जाओगे?” “इतनी जल्दी क्यों है मुझे विदा करने में?” “ज़माने का दस्तूर है, सभी ग्यारह महीने का अनुबंध करते हैं। वर्ष से अधिक का अनुबंध किया तो...

  • हवा पूरी है

    हवा पूरी है

    कुछ दिनों से आनन्द को परेशान देख कर आनन्दी से आखिर रहा न गया और पति से उदासी का कारण पूछ ही लिया। लेकिन आनन्द बात को टाल गया। सिर्फ इतना कहकर कि कोई खास बात...

  • साथी

    साथी

    कुछ वीरान सी हो गई ज़िन्दगी साथी के चले जाने के बाद। अब तो दीवारे ही हो गई साथी साथी के चले जाने के बाद। बार बार याद आता है चेहरा साथी का साथी के चले...