स्वास्थ्य

अवचेतन मन की शक्ति के अनूठे चमत्कार

आपने अपने जीवन में कई बार अनुभव किया होगा कि आप किसी से मिलने की इच्छा करते हैं और अनायास ही वह कुछ ही मिनटों में आपके सामने प्रकट हो जाता है। इससे मिलते जुलते अनुभव हमें जीवन में अक्सर देखने को मिलते हैं, इन्हें हम संयोग या टेलीपैथी कहकर अनदेखा कर देते हैं। आइए […]

सामाजिक

क्या है साइकोलॉजी : मानव आत्मविज्ञान यानी मनोविज्ञान के क्षेत्र में हम विश्व गुरु हैं

साइकोलॉजी ग्रीक शब्द है, जो साइके (आत्मा) और लोगस (विचार-विमर्श) से बना है, जिसका अर्थ है, आत्मा का ज्ञान. परन्तु अधिकाँश पाश्चात्य विद्वान मन पर ही ठहर गए हैं. जबकि भारतीय ग्रंथों में मन के पार जाने की विधाओं का वर्णन है. भले ही अमेरिका के मनोविज्ञानियों ने मनोविज्ञान की 29 शाखाओं का आविष्कार कर […]

पर्यावरण

अथ श्री डिजिटल थीसिस की कथा

यह 15 अक्तूबर 2019 की बात है, मेरे छात्र डॉ.अजय सोनी, मेरे कक्ष में आये, उन्हें अपनी थीसिस को अन्तिम रूप देना था I मेडिकल कॉलेज में 33-34 साल अध्यापन से जुड़े होने के बाद पहली बार किसी स्नातकोत्तर विद्यार्थी का सह मार्गदर्शक बना था I उन्हीं से पता चला कि थीसिस की 9 प्रतियाँ […]

धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

श्राद्ध पक्ष में परमात्मा की विज्ञानसम्मत आध्यात्मिक चेतावनी

पुत्रो/बहुओ/पुत्रियो/दामादो ! मैंने सोचा कि यह जो मनोहर भण्डारी नाम का प्राणी है, इसकी कलम में प्रवेश कर तुम सभी पारिवारिक पात्रों और दुनिया के तमाम रिश्तों-अरिश्तों से जाने जाने वाले लोगों को श्राद्ध पक्ष में कुछ चेतावनियाँ दे ही दूं. क्योंकि तुम सब लोग इस भ्रान्त धारणा में जी रहे हो कि तुम्हारी निरंकुशता […]

कहानी

श्राद्ध पक्ष में एक पुत्र का क्रन्दन

पूज्य पिताजी ! मैं सम्भवत: दुनिया का सबसे अभागा व्यक्ति हूँ, आज मैं फूट फूट कर रो रहा हूँ. कितना दुःख दिया है, मैंने आपको, और दिल दुखाने की तो सीमा ही नहीं रही है. आप जब मृत्युशैया पर थे तब मैं बाहर से तो रो रहा था परन्तु मैं और मेरी पत्नी भीतर- भीतर […]

हास्य व्यंग्य

डूबते जहाज के यात्रियों की मनोदशा, मरता क्या नहीं करता

यह कहानी मेरे परदादा ने मेरे दादाजी को सुनाई थी, दादाजी ने दादी को और दादी ने मुझे सुनाई थी, पूरी तो याद नहीं है, परन्तु किस्सा कुछ इसतरह का है. वह जहाज बहुत लम्बी यात्रा पर निकला था, उस जहाज का नया कप्तान यात्रियों और दूसरे जहाज़ों के कप्तानों की दृष्टि में भी कप्तानी […]

स्वास्थ्य

बारीश के दिनों में पत्तेदार सब्जियों से बचें

अपनी धार्मिक मान्यताओं का सम्मान करें और उन्हें अपने आचरण में भी लाएं, अपनी प्यारी संतानों को धन दौलत देना है, तो देते रहना, परन्तु सेहत के ये धार्मिक मान्यताओं के साथ जोड़े गए रहस्य प्राथमिकता के साथ, अच्छे से दिलोदिमाग में पहले स्थापित करते रहना, अन्यथा वंश का अंश भी नहीं बचेगा. होटलों में […]

हास्य व्यंग्य

जो है, सो है

पूरे घर में गन्दगी का अम्बार था, घर की तिजोरी पर हर कोई हाथ साफ़ कर रहा था, जेवर-सोना-चांदी सब लूट चुका था, सारे तालें टूटे पड़े थे, हर कोई बाप का माल समझ कर मलाई मार रहा था और दूध में पानी मिला मिला कर तपेले में पूरा दूध भरे होने का भ्रम पैदा […]

स्वास्थ्य

विदेशी गाय अपनाओ, खुद जान (से) जाओ

आजादी के काफी पहले तक भारत में ठेठ देशी गाय का दूध ही प्रचलित था I एक घटना से उत्साहित होकर अंग्रेजों ने भेंस पर सब्सिडी देना शुरू की और भेंस का खूब प्रचार प्रसार भी शुरू कर दिया फिर तो गाय दोयम दर्जे की हो गई, वैसे ही जैसे न्यू ईयर के चक्कर में […]

सामाजिक

विश्व निश्चेतना दिवस पर जागृति का सन्देश

हमसे बढ़कर कोई देशद्रोही, धर्मद्रोही, ब्रह्महत्या का कोई दोषी हो तो अवश्य बताइयेगा ? सोचिए आप भारत के मित्र हैं या घोर शत्रु ? देश के हिन्दू मुस्लिम बुनकरों की सुन्दर और बेहद महीन कलाकारी तथा समयसाध्य साधना से बनी साड़ियों और अन्य वस्त्रों को खरीदने की बजाय चीनी साड़ियाँ तथा वस्त्र खरीदते हैं I […]