राजनीति

दाल में यह काला क्या है?

    हाल के वर्षों में, खास तौर से राजग सरकार के आने के बाद, दाल अपने आप में एक विषय बन गयी है। यूँ तो इसकी चिंता अमीरों से ज़्यादा गरीबों को रहती है, पर हाल में यह सरकार तक की चिंता बन चुकी है। अचानक से बढ़ी इसकी कीमतों ने इस कदर भ्रमित […]

हास्य व्यंग्य

गोवध निषेध का निदान

गोवध समस्या को लेकर बहुत वाद-विवाद हो चुका है और होता रहेगा। कारण स्पष्ट है। जहाँ समाज का एक धड़ा यह मान कर चलता है कि गोमांस उसके जन्नत के टिकट की एक अहम ज़रूरियात है और जन्नत नहीं तो कुछ भी नहीं, वहीं दूसरा धड़ा यह मानता है कि क्योंकि उसके तमाम देवी-देवता गाय की […]

समाचार

आईना बोलता है

………… प्रभु सहारे रेल का सफर……….. ‘रेल हमसफर सप्ताह’ प्रभु द्वारा प्रदत्त असीम रेल अनुकंपाओं को उजागर करने के उद्देश्य से, उन्ही के आह्वान पर रेल विभाग द्वारा मनाया जा रहा है। सराहनीय सुधारों पर जन प्रतिक्रिया भी आमंत्रित की जा रहा है। इस कड़ी में, रेल द्वारा दी जा रही सुविधाओं को इंगित करते […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

इश्क में कब किसी कि चलती है, दिल सम्हालो, नज़र  मचलती है। तेरे  जाने  से  दम   निकलता  है, तेरे  आने   से  जाँ   सम्हलती  है। तुझको देखा  तो ये कहा  दिल ने, तेरी  सूरत  किसी  से  मिलती  है। बात  जब  भी जफा की उठती है, तेरी जानिब को  जा  निकलती है। ये  इबादत […]

अन्य

शब्द कथा

……………… गिरमिटिया ………….. जनवरी 2013 में जब मारीशस के राष्ट्रपति श्री कैलाश पुरयाग अपने भारत दौरे पर आए थे तो उन्होने अपने पुरखों के गाँव वाजितपुर, पटना का भी दौरा किया था। उस समय एक शब्द ‘गिरमिटिया’ सुना गया था। आइये देखते हैं कि इस शब्द की क्या कहानी है। गिरमिटिया शब्द गवर्न्मेन्ट से निकला […]

अन्य लेख

शब्द ज्ञान

ताप की तीव्रता से दूर सड़क या मरुस्थल में जल का आभास होने की घटना को मृगमरीचिका कहते हैं। पिता सुंड और माता ताड़का के पुत्र मारीच पर रावण की कृपा दृष्टि थी। वो भ्रम पैदा करने की कला में निपुण था और रावण ने सीता हरण की योजना को सफल बनाने के लिये मारीच […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

इधर  देखूँ   वफ़ा   क्या क्या, उधर देखूँ   जफ़ा   क्या क्या। मुसीबत   के    गुज़रने   तक, हमें  खटका  रहा   क्या क्या। न   देखो  दिल  के   सौदे   में, मिला है क्या, गया क्या क्या। कहीं     ज़ुल्फ़ें,    कहीं    बातें, उड़ाती   है    हवा […]

गीतिका/ग़ज़ल

ग़ज़ल

कहाँ वो मय का नशा  और तेरा शबाब कहाँ, कहाँ चिराग़  की गर्मी  और आफ़ताब  कहाँ। अगरचे दिल है जवाँ आज भी तो क्या करिये, लहू में हाल -ओ- ज़ुरअत के  वो हुबाब कहाँ। अगर   है  आपको  पढ़ना  तो   चेहरे  पढ़िये, मिलेगी  आपको  ऐसी   कोई  किताब  कहाँ। गिरहकुशा  सी ख़लिश उँगलियों में पैदा करें, तुम्हारी ज़ुल्फ़ […]

समाचार

आईना बोलता है

………….गुड़गाँवाँ……… खट्टर सरकार ने एक अति महत्वपूर्ण कदम उठाया जब उसने ‘गुड़गाँवा’ को ‘गुरुग्राम’ बना दिया, बग़ैर इस बात पर ग़ौर किये कि हर्याण्वी लहज़े में इसका उच्चारण किस प्रकार किया जाएगा। वैसे, इस नये नाम पर कुछ और लोगों का भी दावा है, जैसे मुम्बई का गोरेगाँव और देहरादून। खट्टर साहब के अनुसार, गुरुग्राम […]

सामाजिक

2016-17 के लिये कर नीति, बैक और हम

जैतली जी ने छोटी आय वालों को कर में कोई भी छूट नहीं दी है। जो sec.87 में ₹3000/- की छूट बढ़ाई है वो अत्यंत भ्रामक है। एक हाथ से उन्होने जो 3000/- की छूट दी, तो दूसरे हाथ से सेवा कर में वृद्धि कर के और किसान विकास कर आदि लगा कर उससे ज्यादा […]