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  • छोड दी जिंदगी को,

    छोड दी जिंदगी को,

    छोड दी जिंदगी को, वक्त के हवाले; आधी पढ़ के, जैसे कोइ किताब!   बहे गया प्रवाह, सरलता की सरिता में; डूब गयी नदी, जैसे कोइ सागर में!   तूट गया कोइ तारा, मुरादें पूरी करने;...

  • मस्ताने की दोस्ती!

    मस्ताने की दोस्ती!

    कोई दिवाना कहेता है,कोई मस्ताना कहेता है। मगर मेघ की फरियाद को,बस मयूर समझता है! नजदीक तो हैं हम यहाँ,जिस्मों की दूरी है। रुह से तुभी मेरी,मैं भी तेरा रोम-रोम कहेता है!   इक अन्जान राह...


  • कविता : बारिश

    कविता : बारिश

    कल – ए-बारिश तुझे बरसना है तो, दिल खोल के बरस, यूँ बूँद-बूँद कर तड़पाया मत कर, भीगना चाहता हूँ तेरी, माह-रुहता से, लबों तक आके अब प्यासा मत रख ! आज बडे अरसों बाद आज...

  • पिता

    पिता

    मैं मुबारक बात आज कहता हूँ मैं आपकी तारीफें सिर्फ करता हूँ मैं पल-पल इंतजार जिनका करता हूँ मैं आपके दीदार का बयाँ कहता हूँ। हो तात, पिता भगवंत आप मेरे गुन-गाऊँ अब आपके कितने घनेरे?...

  • बेवजह कुछ माँगने!

    बेवजह कुछ माँगने!

    झुकता नहीं हूँ मैं उन मंदिर और मस्जीद में! जहाँ जाते हैं सब बेवजह कुछ माँगने। देते तो हैं नहीं उस मुफलीस को कुछ, जो आता नहीं बेवजह कुछ माँगने। बदल देते हैं मुर्शिद, मुराद पुरी...


  • माँ

    माँ

    माँ तू ही है जन्म दाता, तेरे बिना जीवन खटकाता।   हाथ पकड़कर चलना सिखाया, गीले बिस्तर से सूखे में सुलाया।   पढाई में मदद करके महान बनाया, सबने तेरे रुप में ही खुदा पाया।  ...


  • नारी शक्ति

    नारी शक्ति

    मैं हूँ एक अजन्मी बाला मानेंगे सब मुझे जन्म के बाद अबला माँ, बहन, पत्नी मैं हुँ वो दादी, नानी, चाची मैं हुँ। वो कौशल्या के राम की सीता मैं हुँ देवकी पुत्र, यशोदा नंदन की...