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  • रंग-बिरंगी पिचकारी

    रंग-बिरंगी पिचकारी

    रंग-बिरंगी पिचकारी रंग-बिरंगी इक पिचकारी, मम्मी मुझे दिला दो। लाल-गुलाबी, नीली-पीली, रंगों की पुड़िया ला दो। सहेलियां मेरी लाई है, नई सजीली पिचकारी। थोड़ी पतली, थोड़ी छोटी, लगती है प्यारी-प्यारी। पिचकारी बिना अधूरा है, रंगों का...

  • होली पर्व मनाएं

    होली पर्व मनाएं

    होली पर्व मनाएं ———————– नटखट चुनमुन बोला आओ, गीत खुशी के गाएं। मस्त-मगन हम बच्चे सारे, होली पर्व मनाएं। रंग-बिरंगे रंगों सा ही, आपस में मिल जाएं। माता-पिता बड़ों का अपने, कभी ना दिल दुखाएं। गुझिया,...

  • जंगल में सर्दी-बाल कविता

    जंगल में सर्दी-बाल कविता

    थर थर कांपे हाथी दादा, कांपे खूब बंदर। ठंडी ठंडी हवा चली है, शीत वन के अंदर।   शेर राजा दुबके मांद में, ठंड से परेशान। भालू, लोमड़ी, हिरण सबकी, आफत में है जान।   बोले...

  • शेर

    शेर

    गांव में एक दिन शेर आया, आकर वो हड़कंप मचाया। छोटकू ने दिमाग चलाया, पिंजरे में उसे पकड़वाया। परिचय - मेराज रज़ा जन्म तिथि-06.03.1988 शिक्षा-डी.एल.एड, स्नातक (राजनीति शास्त्र) संप्रति-अध्यापन के क्षेत्र में कार्यरत (प्राथमिक विद्यालय में)...

  • चाचू की छादी

    चाचू की छादी

    मेले चाचू की है छादी, जाऊंगा मैं तो बालाती। चाचू संग चढ़ूंगा घोड़ी, मस्ती करूंगा आज थोड़ी। ओ भाई तुम भी साथ चलो, ज़रा मेले चाचू से मिलो। बने हैं आज ये तो दूल्हा, मुखड़ा इनका...

  • बाल कविता – छोटकू

    बाल कविता – छोटकू

    बड़का भैया गए मेला सज-धज तैयार, संग-संग भाभी जी हैं लेगी एक हार।   छोटकू रह गया घर ही, पापा लिए नहीं साथ। रो-रो कर हाल बुरा है, हुई घर में बरसात।   दादीजी खूब समझाए...

  • बाल कविता : मत भूलो बापू को

    बाल कविता : मत भूलो बापू को

    मत भूलो तुम उस बापू को, महात्मा गांधीजी नाम था। सत्य-अहिंसा ही धर्म उनका, देश की आजादी काम था।   गुजरात के पोरबंदर में, गांधी बापू का जन्म हुआ। धन्य हुई भारत की धरती, उस रब...