कविता

“मिली” रंगों की परी

माँ-पापा के आशीर्वाद से मिला “मिली” को “आनंद जी “का प्यार “लिली” के आ जाने से फिर हो गई ख़ुशियों की भरमार रंग,संगीत,ख़ुशबू से बना है उसका संसार खुद पढ़ती,दूसरों को पढ़ाती यही उसका व्यापार कितनी भी मुश्किलें आईं जीवन में कभी ना मारी हार अजनबी की भीड़ में अपना सा एहसास दिला गई अपनी […]

कविता

मेरे पापा मेरे ईश्वर

पापा… पापा शब्द में दुनिया बसती है “मिली” की पापा से ही पीहर मेरा, पापा से ही मायका पापा ही भाई का रूप पापा ही मेरे बचपन से दोस्त पापा मेरे गुरु पापा मेरे सरल पापा मेरे अटल पापा मेरी छाँव पापा मेरी शान पापा मेरे ईश्वर “राम” जैसे पापा हें श्रवणकुमार पापा को हमेशा […]

संस्मरण

सैंटाक्लास से मेरी विश

“जय विजय” के माध्यम से सैंटाक्लास से क्रिसमस पर यह विश माँगना चाहूँगी कि कभी भी एक बच्चे से ईश्वर उसके पेरेंट्स को नहीं छीने!!गिफ़्ट्स,चाकलेट,हर चीज़ से बढ़कर होते हें मम्मी-पापा!मम्मी-पापा की जगह तो खुद ईश्वर भी नहीं ले सकते!बच्चों के सैंटा तो उनके पेरेंट्स ही होते हें!17 साल पहले में जब 17 साल की […]

कविता

माँ तू हर जगह है

माँ तू हर जगह है रसोई में, रसोई के डब्बों में, मसालों में, लोहे की कड़ाई में, माँ तू हर जगह है.. साड़ियों में, फाल में गोटे-पत्ती में, लहंगे के सितारों में माँ तू हर जगह है कुशन कवर, तकिए के गिलाफ की कड़ाई में चादर की फ़ैब्रिक पेंटिंग में माँ तू हर जगह है […]

कविता

अधूरी ख्वाहिशें

अधूरी ख्वाहिशें सपनों में पूरी करने लगी हूँ…. मन में सपने थे सगाई में माँ की शादी की कांजीवरम साड़ी पहनूँगी….. संगीत में हैशटैग बेबी पिंक कलर का ईवनिंग गाउन माँ बेटी एक जैसा पहनेंगी…… क्राउन लगा कर स्टेज पर सेल्फ़ी लेते हुए खुद को महारानी की प्रिन्सेस समझ कर मुस्कुराऊँगी शादी में माँ के […]

संस्मरण

आनंद-मिली “आनी-मानी” की प्रेम कहानी

पहली करवाचोथ पर जीवनसाथी बोले- मानी तेरे लिए चुपके से साबूदाने की खिचड़ी बना देता हूँ-किसी को पता भी नहीं चलेगा!! शादी को 10 साल हो चुके हें,पर पहली करवाचोथ के एहसास की ख़ुशबू चेहरे पर आज भी मुस्कुराहट ला देती है! जून 2010 में लव कम अरेंज मैरिज हुई हमारी! चार महीने बाद पहला […]

संस्मरण

देवी माँ चंडी का रूप एक बार नही कई बार धारण कर चुकी हूँ…!!

नवरात्रि शुरू होने वाले हें,इस दौरान देवी के नो रूपों की पूजा होती है!हम नारी को भी देवी कहते हें!स्त्री होने के नाते मेरे जीवन में वह पल कई बार आये जब देवी माँ चंडी के रूप को खुद में महसूस कर ग़लत के ख़िलाफ़ उठ खड़ी हुई! हमेशा से झाँसी की रानी कहलाती आई […]

भाषा-साहित्य

चित्रकला अनुभूति है

चित्रकला हमारे जीवन में बोहोत महत्वपूर्ण है!!आदि मानव भी अगर चित्रकला नही करते तो हम इतिहास जान ही नहीं पाते!चित्रकला कोई मेथ्स विषय नहीं है कि 2+2=4 हो!चित्रकला एक अनुभूति है!बच्चों से अच्छा चित्रकार विश्व में कोई और नही हो सकता!चित्रकला कोई बोझ नहीं की बच्चे देख देख कर ही कॉपी वर्क करे!बच्चों को यह […]

अन्य लेख

भारतीय लघुचित्रों में देवियों का अंकन

मैंने 2013 में अपना चित्रकला में अपना शोध प्रबंध पूरा किया! राजस्थान विश्वविद्यालय जयपुर में 19 ऑक्टोबर 2013 को शोध प्रबंध सबमिट किया! मेरे शोध का विषय है-भारतीय लघुचित्रों में देवियों का अंकन! मेरा मक़सद इस विषय पर शोध करने का सर्वप्रमुख यही है की नारी रूपी देवी की स्थिति में अगर थोड़ा भी सुधार […]

सामाजिक

नारी अंतर्मन

नारी एक घर को खूबसूरत बनाती है, उसे अपने ही ढंग से सजाती सँवारती है, लेकिन एक घर को और लाखों ज़िन्दगीयों को खूबसूरत बनाने वाली वाली नारी के खुद के अंतर्मन में क्या छिपा ये में डॉक्टर मिली भाटिया आर्टिस्ट अपनी सात पेंटिंग के माध्यम से नारी के अंतर्मन के भाव पेंटिंग में एक […]