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  • विदाई

    विदाई

    क्या हुआ जो तू परायी हो गयी क्या हुआ जो तेरी इस घर से विदाई हो गयी हम कल भी वही थे हम आज भी वहीं है कल भी इस घर की बेटी थी हमारी बहना...

  • वो शाम

    वो शाम

    मुझे याद है वो शाम जब तुम पहली बार मेरे पास आई थीं आंखे नीचे किये थोड़ा मुस्कुराई थी तुम्हारी यूं शर्माती नज़रों से मेरे मन मे एक बात आई थी जो कह दी थी मैने...

  • कल रात

    कल रात

    कल रात तू मेरे सपने में आई थी कुछ देर मुझे देख मुस्कुराई थी मैने बहुत की थी कोशिश कि छू के देखूँ तुझको पर छू सकूं इस से पहले ही तेरी आँख भर आयी थी...

  • वो शाम

    वो शाम

    मुझे याद है वो शाम जब तुम पहली बार मेरे पास आई थीं आंखे नीचे किये थोड़ा मुस्कुराई थी तुम्हारी यूं शर्माती नज़रों से मेरे मन मे एक बात आई थी जो कह दी थी मैने...

  • मुझे पता है

    मुझे पता है

    मुझे पता है तू मुझसे मिलने के लिए अपनी किस्मत से लड़ रही होगी अपनी सखियों की आई डी से मेरी कविताओं को छिप छिप कर पढ़ रही होगी मुझे यह भी पता है तू मुझे...

  • अष्टमी

    अष्टमी

    अष्टमी (लघु कथा ) दिव्या पुलिस स्टेशन खड़ी थी। मेट्रो स्टेशन पर मनोज ने उसके साथ बदतमीज़ी की थी। अपने बयान में दिव्या ने बताया कि मनोज काफी देर तो उसे घूर रहा था और जब...

  • बिलखते मासूम

    बिलखते मासूम

    अक्सर देखता हूँ ए महेश, सुबह सुबह पीठ पर बोरी लटकाए हुए बच्चे 2 टूक रोटी के लिए तरसाये हुए बच्चे जिन्हें अब तक यह भी नही पता इस दुनिया मे क्यों आये वो गरीब लाचार...

  • साया

    साया

    मत कर मेरा इंतज़ार मैं तो तेरा ही साया हूँ सदा साथ हूँ तेरे महसूस करके देख एक बार जहां जहां तू होती है मैं भी वहीं आया हूँ क्योंकि मैं तो तेरा ही साया हूँ...

  • सज़ा

    सज़ा

    कभी कभी सोचता हूँ कितना हँसती थी तू अब तेरी उदासी की वजह मैं तो नही चहक उठती थी जो सुबह की पहली किरण के साथ आज तेरी तन्हाईयों की वजह मैं तो नही आखिर क्या...