कविता

नयी चेतना नयी उमंग

जो बीत गई वह बात ना कर, नये दिन की नई चेतना, उमंग मन में भर,है मुश्किल सही सब भूलना, क्या रह गया क्या खो दिया। मन को तेरे जो भिगो दे, अब वह हिसाब ना कर,बीत जाता है समय भी, अच्छा हो या बुरा। सोच कर बीते पलों को यूं, समय जाया ना कर,जो बीत गयी […]