कविता

रिश्ते

रिश्ते कभी मोहताज नहीं होते ये तो संबंधों के ताज होते हैं, कभी होते हैं खट्टे तो कभी मिठे, जीवन के ये अंदाज होते हैं। रिश्तों को बनाना सीखो बना लिए तो निभाना, थोड़ा करो विश्वास, थोडा़ करो त्याग बदले और द्वैश का कर दो परित्याग। जीना है तो “हम” में जीना सीखो वर्ना’अहम’ में […]

कविता

कविता

अजब जिंदगी की गजब कहानी बस आनी है और जानी है। कुछ कर्म करनी है, कुछ धर्म करनी है अपनी पहचान की छाप छोड़ जानी है। एक सच्चाई जो सबको है मालूम कुछ नहीं जानी है साथ सबको है पता, फिर भी लोग धर्म- जाति के नाम पे क्यों आपस में हैं खता? क्यों लड़ते […]

कविता

उम्र

उम्र ने बुढ़ापे को डराया अब तुम मेरे जाल में हो जब चाहूँ मैं तेरा खाता बंद कर दूंगा बुढापे ने बोला ये धमकी मुझे न देना तुमको पता नहीं मैं पल पल जिया हूँ जीवन का आनंद पल पल लिया हूँ मैंने तो तेरे दिए अपने सारे उम्र जीने का आशीर्वाद अपने बच्चों सब […]

सामाजिक

खून, खानदान और विज्ञान

आज हम चाहे जितना विकास का डंका बजा दे, चाहे जितना भौतिकता की सुख का आनंद ले रहे हो पर असल में विकास तब जाकर सही मायने में पूर्ण होगी जब हम मानसिक रूप से विकसित होंगे । हमारे मानसिक विकास को अवरूद्ध करने में हमारी रूढवादि परंपरा का भी बहुत अहम और नाकारात्मक भूमिका […]

कविता

बेटियाँ

क्यों कहते है कि बेटियाँ होती है पराई, ये बात मुझे आजतक समझ में न आई। किसने? कब? और क्यों? ये रीत बनाई, किसने? माँ- बाप से उनकी प्रीत चुराई। माँ- बाप ने उसे पाला-पोशा आत्मनिर्भर बनाया और समाज की रूढवादिता ने उसे कहा पराया। बेटियाँ नहीं होती है धन पराई, तभी तो माँ- बाप […]

कविता

ईमानदारी

जीवन में चाहे हो जितनी विपरीत घड़ी नहीं छोड़ना तुम अपनी ईमानदारी, जीवन को स्वर्ग बना देती है ये ईमानदारी इस ईमानदारी को बना लोअपनी जिम्मेदारी। जिसने भी इसे अपना वस्त्र बनाया उसका जीवन खुशियों से लहराया, ईश्वर भी उसपे करते हैं उपकार ईमानदारी ही मानव को देता है ताकत और स्वच्छ विचार। मुश्किलों के […]

कविता

कविता

खामोश हूँ, पर गूंगा नहीं दूर हूँ तुमसे पर मजबूर नहीं। तेरी यादें मेरे साथ है बस तू साथ नहीं होती, तेरी आवाज़ आती है पर तुम नहीं आती। हर रात तेरे सपनें मुझे हैं तड़पाती ये दिन तो कट जाते है पर रातें नहीं कट पाती। बस एक बार काश तुम मिल जाते कुछ […]

कविता

रिश्ते

खट्टे – मिठे से स्वाद के होते हैं रिश्ते विश्वास की नींव पर टिके होते हैं रिश्ते खुशी हो या गम संग आंसू बहाते हैं रिश्ते दुख- सुख को बांट संग मुस्कुराते हैं रिश्ते। रिश्तों का कोई मोल नहीं, अनमोल होते हैं रिश्ते। खट्टे-मिठे से स्वाद के होते हैं रिश्ते। सरहद की सीमाओं में नही […]

कविता

कविता

लोगों की आंखों की किरकिरी है मेरी मुस्कान, क्योंकि मैंने कभी न बनने दी अपने दर्द को अपनी पहचान। किस्मत ने जो भी दिया उसे कर लिया कबूल, न कोई चाहत थी और न कोई तमन्ना थी फिजूल। इसीलिए मेरी जिंदगी बन गई लोगों के लिए एक पहेली, किस्मत ने मेरे साथ खेली और मैंने […]

कविता

काश

सारी उम्र यह आस रह गई दिल में ख्वाइशों की प्यास रह गई काश, कोई तो होता जो मेरे दिल को पढ़ पाता काश, कोई तो होता जो मेरे बिन कहे सब सुन जाता काश, कोई तो होता जो मेरे दिल के दर्द को बांट जाता काश, कोई तो होता जो मेरे अश्क पत्र को […]