कविता

सुशांत तेरी याद में

सपने संजोये हम बालीवुड में आते हैं , दर – दर के ठोकरे खाते – खाते कोई मुकाम हम पाते हैं। अपनी मेहनत का लोहा हम मनवाते है , फिर एक दिन हम शिकारियों के शिकार हो जाते हैं । बड़ा दर्द होता है हमें इन नेपोटिज्म की गोलियों से, हम तेरे हिस्से का तो […]

कविता

बढ़ती उम्र, या घटती जिंदगी

जब मैं छोटा बच्चा था बड़े होने की तमन्ना था बड़ा हुआ तो जवानी आई दूर खड़ा बुढ़ापे ने अपनी हाथ बढाई। मैं डर के भागना चाहा बचपन में डरने लगा उम्र के पचपन से जवान होने का सपना धोखा था बचपन में ही रहना एक सर्वणिम मौका था। जवानी ने मेरे बचपन को बोला […]

कविता

कहाँ जा रहें हैं हम

क्या कहूँ कैसे कट रही है जिंदगी इस उजड़े चमन को लिए हुए, चेहरे से उड़ रही है हवाईयाॅ दिल में गमों का क्रंदन लिये हुए। ऐ मेरे देशवासियों ठंडा करो इस नफरत के शोलो को, वर्ना जी न सकेगी भारतमाता इस शोलो के तपन लिए हुए । अब तितलियाॅ भी न जाती हैं उजड़े […]

कविता

बदलते रिश्ते

कहते हैं अपने पर अपनापन नहीं , कहते हैं भाई पर भाईचारा नहीं । रिश्ते, रिश्तों का सगा नहीं, कोई नहीं जो एक दूसरे को ठगा नहीं। दुनिया भर गई है, स्वार्थ से, किसी को किसी से प्यार नहीं। खून के रिश्ते भी पड़ गये है फीके, क्या करेंगे लोग अब इस दुनिया में जीके। […]

कविता

जिंदगी और मौत

ये जिंदगी चंद लम्हो की है यारो, आएगी मौत तो हाथ रहेगी खाली फिर काहे को हाय तौबा है यारो, काफी है जीने के लिए दाल रोटी की थाली। जिंदगी एक गुलामी है उम्र भर के लिए, मौत आजादी है हमेशा के लिए तू डर ना मौत से ऐ मेरी जिंदगी, मौत को ही बना […]

कविता

जीवन -चक्र

कल मैं बच्चा था कितना अच्छा था आज हम हो गये बड़े जिम्मेदारी भी हो गये खड़े पहले कितना मस्त था किसी चिंता से न त्रस्त था पढ़ाई और खेलाई में व्यस्त था अब बड़े होने पर हालत पस्त है जिम्मेदारीयाॅ से जीवन ध्वस्त है दो जुन की रोटी के लिए बेहाल है क्या करूँ […]

कविता

नया युग – कितना दुःख कितना सुख

बेटा ने बोला- पापा आपका जमाना लद गया अब नया जमाना आया है मैं बोला- बेटा आज जो नया है वो भी कल पुराना होगा आज भी पुरानी चिजो का कद नहीं गया । बेटा बोला- ये युग आई टी की युग है, हर काम ऑनलाइन हो रहा है मैं बोला- युग भले ही आॅनलाइन […]

कविता

ईमानदारी ही ईमान

ईमानदारी एक शब्द नहीं ये ईमान है, ये देश को दिलाता एक सम्मान है। ये देश के विकास को बढ़ाता है, खुद की प्रगति भी कराता है।। ईमानदारी से ही देश मजबूत होता है, ईमानदारी से ही देश का मान मजबूत होता है । देश की शान ईमानदारी से ही है, देश की जान ईमानदारी […]

कविता

यादों के पल

जिंदगी के बीते कुछ पल बन जाते हैं यादें जिंदगी के गुजरे पल बन जाते हैं यादें । वो यादें यादों के खजानों से निकल कर आते हैं वो यादें जीवन की बेकरारी बन जाते हैं । गीली मिट्टी की सौंधी खुशबू से महक जाते हैं यादें जैसे पत्तों पेओस की बूँद ढुलक जाते है […]

कविता

बेटी ही धन है

बेटी ही धन है बेटी है तो जन है बेटी है तो मान है बेटी है तो आप भाग्यवान है। परिवार की ऊजाला है बेटी माँ बाप की रखवाला है बेटी बेटी है तो बहार है बेटी से ही तो संसार है। ये बेटे बेटी में भेद कैसा दिलो दिमाग में ये छेद कैसा मन […]