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  • मानवता के भाव

    मानवता के भाव

    जगाओ हृदय में मानवता के भाव जीवन में फैल जायेगा मनोहर स्वर्णिम उजाला छलकेगा आनंद का अमृत प्याला| मिटाकर स्वार्थ अपना-अपना जीवन में सच्चा श्रृंगार रचा लो मिलेगा ईश्वरीय उपहार तुम करो हर प्राणी से प्यार|...

  • सैनिको! आगे बढ़ो

    सैनिको! आगे बढ़ो

    जागो-जागो वीर जवान तुम्हीं  हो  देश की शान शत्रु पर करो तेज प्रहार निश्चित शत्रु की हो हार समझौते  की बात न करना क्षमादान सा काम न करना शत्रु बड़ा नीच पल्टी मारेगा भारतभू जीतकर भी...


  • चिता 

    चिता 

    चिता एक कडवा सच है गरीब-अमीर सबके लिए परन्तु – आश्चर्य… महाआश्चर्य अनजान बने बैठे हैं सब उठती लपटों से / उढ़ते धुंए से / मुट्ठी भर राख से | रोज जल रहीं हैं लाखों चिताएं...




  • रक्षा बंधन

    रक्षा बंधन

    रक्षा बंधन का पावन पर्व आया है, बहिना की राखी का स्नेह लाया है | कच्चे  धागों  का  अटूट  बंधन  आया  है, हुमायुं-कर्मवती की याद का पर्व आया है | बहिन की रक्षा के लिए राखी...