कविता

शमशान घाट

मैं होकर निराश एक दिन पहुँच गया जिंदा ही शमशान घाट मैंने देखा – मुर्दे को जलते चिता पर चिता से निकलते धुँए को एक मानवीय देह को धीरे-धीरे राख में परिवर्तित होते हुए… जाति भेद, ऊँच नीच छोटा-बड़ा, अमीर-गरीब पद-प्रतिष्ठा सब कुछ खत्म वाकी बची एक मुट्ठी राख वो भी उढ़ गई एक हवा […]

कविता

हिंदी

जन-जन के कंठ समाई पहचान अमिट बनाई राष्ट्रभाषा हिंदी भारत माँ के माथे की बिंदी समरसता फैलाती ज्ञान की अलख जगाती हिंदी सबसे सुंदर-सरल विश्वस्तर पर सीना तान खड़ी पीकर गरल बाकी भाषायें सखी-सहेलीं नहीं बुझाते हम पहेली हिंदी अपनी रानी है बड़ी संघर्ष भरी कहानी है बापू की चहेती हिंदी एकता का अमर सूत्र […]

कविता

हमने अपने-पराये देखे

हमने अपने-पराये देखे ख्वाब बड़े-बड़े सुहाने देखे गम का सागर देखा खुशियों का पिटारा देखा धूप-छाँव का खेल निराला देखा अपनों का अपनों पर सितम भी देखा हमने अपने-पराये देखे ख्वाब बड़े-बड़े सुहाने देखे चाहने वालों को भी नफरत करते देखा हमने जमाने को पल-पल रंग बदलते देखा निराशाओं में आशा को पलते देखा हमने […]

लघुकथा

लघुकथा – जिंदगी से संघर्ष

इस साल प्रकृति ने कुछ ज्यादा ही कहर बरपाया | पिछले वर्ष तो बाढ़ से कुछ फसल बच गई थी, लेकिन इस साल सब कुछ बह गया | बेचारे देवीदीन चिन्ताग्रस्त टूटी खटिया पर पड़े – पड़े सोच रहे थे | कितना मंहगा बीज खरीदा, कितने – कितने मंहगें नामी कीटनाशक फसल में डाले, साहूकार […]

कविता

बूँद-बूँद अनमोल

बूँद-बूँद अनमोल जल की कीमत मत तोल सोच समझकर नीर बहा कभी व्यर्थ न इसको बहा जल बिन न जीवन जल ही है सब तन मन धन रे मनुज तू जा सँभल अमृत से कीमती जल पृथ्वी की हर हलचल संभव करता है जल प्राकृतिक संसाधन सँवार बहती रहेगी नदिया की धार बदल जायेगा सारा […]

कविता

काम तुम्हारा – नाम तुम्हारा

चिड़ियों की चूँ-चूँ, चीं-चीं कहती सदा रहो तुम गाते – मुस्काते पल-पल करो सदा सद उपयोग श्रम करने वाले कभी नहीं पछताते | चींटी रानी करती रहती काम मूल्य समय का वो जानती, मन में भरकर अटल विश्वास निरन्तर आगे ही आगे बढ़ती | बाजी तुम भी जीत जाओगे आलस त्याग काम पे लगजाओगे एक […]

इतिहास

युगपुरुष महात्मा चैतन्य मुनि जी

पूजनीय महात्मा चैतन्य मुनि जी का बीती 26 जून 2020 को हृदयाघात से दुःखद निधन हो गया | महात्मा चैतन्य मुनि जी ने अपना सम्पूर्ण जीवन आर्य समाज व साहित्य साधना को समर्पित किया | सरल हृदय महात्मा जी सार्थक प्रवचनों व उच्चकोटि के लेखन के लिए जाने जाते हैं | उनकी विद्वत्ता का परचम […]

भजन/भावगीत

सियाराम को भजो

दिन रात सियाराम को भजो | अनुचित सब कर्म तजो || उनकी छवि अति मनोहर | शीश झुकाओ प्रभु के दर || सीताराम उत्तम गुण भंडार | उनकी जग में कीर्ति अपार || हनुमान से सेवक महान | प्रभुकृपा से मिला सेवा सम्मान || सियाराम का स्मरण पुण्यकारी | तुलसी ने छवि हृदय में उतारी […]

बाल कविता

बाल कविता – बादल

कभी जो थे मासूम से सूने-सूने बादल | अब दिखा रहे तरह-तरह के रंग बादल || झमा-झम-झम झड़ी लगा रहे | तड़ा-तड़-तड़ बिजली चमका रहे || कभी छोटीं तो कभी बड़ीं-बड़ीं बूंदें | सुन गड़-गड़ की ध्वनि बच्चे आँखें मूंदें || जब जोर-शोर से बरसे पानी | छतरी खोल बाहर निकले नानी || सर-सर-सररर हवा […]

समाचार

पावन पर्व गुरूपूर्णिमा के अवसर पर ऑनलाइन साहित्य साधना कार्यक्रम सम्पन्न

आगरा | गुरूपूर्णिमा के पावन अवसर पर बृजलोक साहित्य कला संस्कृति अकादमी के सौजन्य से एक ऑनलाइन साहित्य साधना एवं सम्मान समारोह का आयोजन किया गया | जिसमें देशभर के कलम साधकों ने अपनी सहभागिता दर्ज कराई | जिनमें प्रमुख हैं – डॉ. तुमुल विजय शास्त्री (चन्दौसी – उ. प्र.), इला सागर रस्तौगी (मुरादाबाद -उ. […]