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  • इस जमाने ने…

    इस जमाने ने…

    चलना मुझको आया नहीं चलना सिखा दिया इस जमाने ने… कहना मुझको आया नहीं कहना सिखा दिया इस जमाने ने… सहना मुझको आया नहीं सहना सिखा दिया इस जमाने ने… खाना मुझको आया नहीं खाना सिखा...

  • हाईकु

    हाईकु

    तुम बेवफा बने हृदय शूल वफा का सिला! हो गये जुदा देकर तुम दगा कुछ ना मिला! दु:खी मत हो मेरे टूटे हृदय वक्त दे भुला! दुआएं मेरी तुम रहो प्रसन्न मैं हूँ अकेला! बोझिल साँझ...


  • खून-पसीना

    खून-पसीना

    बड़े-बड़े अर्थशास्त्र रचे जाते हैं सिर्फ उसके बल से लुटे-पिटे देश विकसित हो जाते हैं सिर्फ उसके बल से वो खेतों से लेकर बड़ी-बड़ी फैक्ट्रीयों में बहा देता है खून और पसीना एक साथ उसके खून...

  • हम

    हम

    भारत भू के टुकड़े – टुकड़े कभी  न  होने देंगे हम, राष्ट्रद्रोह के शैतानी बीज कभी न उपजने देंगे हम तुम जाति-धर्म के लफ्जों से कितनी नफरत फैलाओगे, निज मातृभूमि हित सब चोटें मिलकर सह जायेंगे...

  • पेड़ लगाओ

    पेड़ लगाओ

    धरती का श्रृंगार हैं श्रष्टि का आधार हैं पेड़ लगाओ धरती बचाओ पेड़ों से सांसें चलती पेड़ों से बारिशें होती पेड़ मिटाते प्रदूषण पेड़ प्रकृति के आभूषण पेड़ लगाओ धरती बचाओ पेड़ रोकते तेज हवाएं देते...


  • भूल स्वीकार

    भूल स्वीकार

    दीपिका माँ बन गई, इतना सुनते ही पूरे परिवार में खुशी की लहर दौड़ गयी | परन्तु क्षणभर बाद खुशी मायुसी में बदल गयी, जब दीपिका के परिवार वालों को पता चला कि बच्चा तो किन्नर...

  • चिता और कब्र

    चिता और कब्र

    जीवन है तो शरीर है जीवन नहीं तो शरीर नहीं… जीवन का अंत हुआ तो चिता और कब्र सज जाती हैं जिंदा इंसानों को एक सीख देती हैं | मत बन हैवान/शैतान मत बढ़ा भूख दौलत की… सब क्षणभंगुर है...

  • सैनिक की पाती

    सैनिक की पाती

    दिन-ब-दिन बढ़ती जाती कश्मीर समस्या, अब इसको सुलझाने दो सेना को आगे बढ़ने दो खूब खा लिये पत्थर उनसे, अब सबक सिखाने दो दुश्मन पर कहर ढहाने दो शांतिवार्ता होती रही विफल हमेशा, अब लातों के...