लघुकथा

लघुकथा – आंसू

सलोनी बिटिया की फरमाइशों को विराम ही नहीं लग रहा था, ‘पापा ! चॉकलेट लाना, टॉफी लाना, बिस्किट लाना, सेब लाना और बड़ी -बड़ी आंखों वाली गुड़िया लाना जिसके सुनहरे बाल हों और लाल कलर की फ्रॉक पहने हो ।’ समीर मौन स्वीकृति में सिर हिला -हिलाकर हामी भर रहा था, कि तभी पीछे से समीर […]

कविता

वर्षा

काले -काले बादल, दूर देश से आते हैं । पानी खूब बरसाते हैं ।। चम-चम बिजली चमके, मेंढ़क टर्रा के टेर लगाते हैं । पक्षी जोर-जोर से शोर मचाते हैं ।। चारों ओर छा जाती हरियाली, मिट्टी सौंधी खुशबू देती है । ताल-तलैया, नदी-पोखर मुस्काती हैं।। कीचड़- कीचड़ होता चहुंओर, थोड़ी परेशानी तो आती है […]

समाचार

नेपाल की पावन भूमि पर दो दिवसीय कार्यक्रम संपन्न

काठमांडू (नेपाल) । होटल रीडर्स (काठमांडू- नेपाल के सभागार में विलक्षणा :  एक सार्थक पहल समिति, बोहल शोध मंजूषा, गुरु फाउंडेशन व इण्डो-यूरोपियन लिटरेरी डिस्कोर्स संस्थाओं द्वारा दो दिवसीय संगोष्ठी व सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया । इस कार्यक्रम के मुख्य आयोजक थे विकास शर्मा जी व डॉ. सुलक्षणा अहलावत जी । कार्यक्रम का […]

भजन/भावगीत

श्रीराम

राम-राम मेरे श्रीराम, नमन तुम्हें मेरा शत बार । दर्शन तुम्हारा मेरा त्यौहार ।। राम-राम मेरे श्रीराम, गढ़ता हूं सुंदर छवि मन में । मिले कृपा प्रभु जीते तन में ।। राम-राम मेरे श्रीराम, सुनिए मेरी करुण पुकार । मुझ पर है पापों की मार ।। राम-राम मेरे श्रीराम, नमन तुम्हे मेरा शत बार। करो […]

कविता

लक्ष्य

तम भरी रातों में जब कुछ न दिखाई दे । हृदय में एक ज्योति जलाओ करके ईश्वर पर विश्वास आगे बढ़ जाओ । अंतरतम में उजियाला होगा लक्ष्य सधेगा, मंजिल मिलेगी । विघ्न सारे मिटेंगे बुझी हुईं बातीं दीप बन जल उठेंगी । अधूरा यज्ञ होगा पूर्ण आहुतियां होंगी सार्थक । — मुकेश कुमार ऋषि […]

कविता

गर्मी

ठंडी जाती गर्मी आती, बड़ा खराब मौसम लाती । आग का गोला बन धरती जलती, गरम-गरम सारा दिन लू चलती । चाय गर्म का दौर खत्म, हाय-हाय गर्मी का सितम । भिन्न- भिन्न कोल्ड ड्रिंक सब पीते, ताल-तलैया, कुए-बाबरी सब रीते । सूरज की किरणें तीर छोड़ती रहतीं पैने, ओंठ सूखते, पल-पल प्यास, दर्द सब […]

कविता

जागो भारत वीर

तज दो अवगुण मिटा दो कलेश मत जाओ दनुजता के निकट रम जाओ मनुजता में… काम, क्रोध, लोभादि में न फंसो दिव्य गुणों को करो धारण जीवन सफल बनाओ चुस्ती, फुर्ती, उत्कट क्रियाशीलता अपनाओ । प्रदूषण इतना फैला कि धरा ऊब रही जग में त्राहिमाम-त्राहिमाम की स्थिति बन आई जग-जीवन में घोर निराशा छाई प्रकृति […]

कविता

जड़

जड़ जिंदा है तो, पेड़ हरा है वो फलता- फूलता रहेगा प्रकृति से जुड़ा रहेगा । ठीक ऐसे ही इंसान जड़ रूपी अपने परिवार से जुड़ा रहेगा तो, इंसान के स्वयं का व परिवार, समाज, राष्ट्र, विश्व सबका विकास संभव है । जड़ से कटकर पेड़ या इंसान दोनों ही निष्प्राण हो जायेंगे । जड़ […]

कविता

सुख की ओर

दुःख सहकर सुख की ओर चलना होगा, फूलों से अगर करनी है दोस्ती तो काॅंटों को सहना होगा । दर्द बढ़ता है तो बढ़ने दे, बस मुस्कराना होगा, व्यथित हृदय उल्लास से भरना होगा । धीमे-धीमे गुजर जायेंगी काली गम भरी रातें, नित कर्म पथ पर अडिग रहना होगा । झूठ, कपट, छल, धोखों का […]

समाचार

बारह साहित्य साधक हुए सम्मानित

आगरा । बृजलोक साहित्य, कला, संस्कृति अकादमी के सौजन्य से पावन पर्व होली के शुभ अवसर पर सम्मान समारोह का आयोजन किया गया । नवनिर्वाचित भाजपा विधायक श्री छोटेलाल वर्मा जी को पुष्पाहार, मिष्ठान व सहयोगी संग्रह कालिका दर्शन भेंट कर सम्मानित किया गया । विधायक जी को सम्मानित करने में सहभागी रहे – रमाकांत […]