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  • बांध मुझे वह राखी तू

    बांध मुझे वह राखी तू

    बांध मुझे वह राखी तू कर्मपथ पर बढ़ता जाऊं। अपने विजय पताका से कुल का मैं सम्मान बढ़ाऊं। बांध मुझे वह राखी तू जिससे अभेद शक्ति पाऊं। जग की हर स्त्री का सदा ही मैं सम्मान...

  • शिक्षक दिवस की प्रासंगिकता

    शिक्षक दिवस की प्रासंगिकता

    भारत परंपराओं का देश है और इन परंपराओं के बीच गुरु-शिष्य की परंपरा हमारे देश की एक बहुत पुरानी तथा सर्वमान्य परंपरा है. प्राचीन काल से ही भारत गुरु-शिष्य की इस परंपरा को लेकर पूरे विश्व...


  • नेतागिरी

    नेतागिरी

    चलो जीत गए हो तुम और हार गए अब हम। देखो मुहब्बत का वो अफसाना भी कहीं हो गया है गुम। तुम्हारी जीतने की जिद्द ने हमें हर बार हराया है। हम अच्छे-भले इंसानों को कट्टरपंथ...

  • तुम बिन

    तुम बिन

    अधूरा हूं तुम बिन पर उम्मीद है तुम एक दिन आओगी कहीं से अचानक आकर मुझसे टकराओगी। जानोगी मेरा हाल और मुझे देख मुस्कुराओगी शायद उस दिन तुम न चाहते हुए भी मेरी बन जाओगी। मेरा...

  • विवान

    विवान

    नटखट तू गोपाल जैसा प्रिय तू मुझको न कोई वैसा। है हवाओं सी तुझमें चंचलता चांद सी तुझमें है शीतलता।। प्रखर सूरज सा ओज है मुख में बादलों सा पानी है। गंगा की निर्मलता तुझमें तू...

  • तुमसे प्यारा

    तुमसे प्यारा

    चांद सी शीतल हो तुम फूलों सी कोमल हो। हवाओं सी दीवानी तुम सुगंधित परिमल हो। हैं नयनों में कटार छुपे अद्भुत होटों की लाली है। चेहरे पर है तेज बड़ा तेरी हर बात निराली है।...

  • बहार बनकर आई हो

    बहार बनकर आई हो

    आग उगलती दुनिया में जलधार लेकर आई हो। नफरतों से भरी इस दुनिया में तुम प्यार लेकर आई हो। स्वार्थ की भागाभागी में दुनिया मतलब की अनुरागी है। ऐसी खुदगर्जी की दुनिया में तुम बहार लेकर...

  • प्रेरणा बन चली आना

    प्रेरणा बन चली आना

    कहीं खोया है उत्साह मेरा कहीं खोई है मन की आशा। उमड़-घुमड़ कर चली आई है बादल बनकर ढेर निराशा। कविताएं भी शुष्क हुई हैं निष्प्राण सा हुआ हूं मैं। चाहतें भी हो रहीं हैं गुम...

  • ए जिंदगी

    ए जिंदगी

    शिकायतें तो बहुत हैं तुझसे ए जिंदगी पर फिर भी तू अजीज है। तेरे बिना हूं क्या मैं शायद कुछ भी नहीं या फिर एक सड़ी हुई सी लाश जो मुशीबतों का पुलिंदा है। पर तू...