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  • दंगा

    दंगा

    भाषणों का जहर घुला था मनभावन एक शहर जला था। हो रही थी अनर्गल बातें जय जयकारों का शोर मचा था। फिर शब्दों के बाण छूटे और द्वेश की एक लहर उठी। जैसे शांत खड़ी उस...


  • पिता के अरमान

    पिता के अरमान

    कमाता रहा वह जीवन भर एक पल में लूटाने को। सपनें तक बेच आया वह बेटी की डोली सजाने को। नींदें बेचकर लाया वो अलंकारों का भंडार जो। सज रहा था आज घर-आंगन एक परी का...


  • छठ  पूजा: लोक आस्था का महाव्रत

    छठ पूजा: लोक आस्था का महाव्रत

    छठ व्रत सूर्य को समर्पित एक विशेष पर्व है। भारत के कई हिस्सों में खासकर उत्तर में इसे महापर्व माना जाता है। यह पर्व आदिकाल से मनाए जाने वाले छठ व्रत में सूर्यदेव और छठी माता...



  • जल की तृष्णा

    जल की तृष्णा

    आज देखी है मैंने जल की तृष्णा बड़ी भयंकर,विभत्स,अनोखी सी। अजस्र नरों का रक्त पीकर इठलाती चल दी भूखी सी। अपना बहाव बदलकर आई है जन-मानस के जंगल में। बस जीत रही है आज अकेले प्रकृति-मानव...


  • जनादेश का अपमान क्यों

    जनादेश का अपमान क्यों

    नीतीश कुमार ने अपने फैसलों से एक बार फिर से बिहार की राजनीति में हलचल पैदा कर दी है। उन्होंने पिछले बुधवार की शाम को अचानक ही बिहार के मुख्यमंत्री के पद से इस्तीफा देकर सभी...