कविता

विवान

नटखट तू गोपाल जैसा प्रिय तू मुझको न कोई वैसा। है हवाओं सी तुझमें चंचलता चांद सी तुझमें है शीतलता।। प्रखर सूरज सा ओज है मुख में बादलों सा पानी है। गंगा की निर्मलता तुझमें तू प्यार की रवानी है।। निश्छल तेरी यह मुस्कान जग में है सबसे छविमान। अटक अटक कर तेरा बोलना सात […]

कविता

तुमसे प्यारा

चांद सी शीतल हो तुम फूलों सी कोमल हो। हवाओं सी दीवानी तुम सुगंधित परिमल हो। हैं नयनों में कटार छुपे अद्भुत होटों की लाली है। चेहरे पर है तेज बड़ा तेरी हर बात निराली है। कद भी तेरा सुंदर है अतुलित तेरी बनावट है। हर अंग तेरा है खिला हुआ तू खुदा प्यारी लिखावट […]

कविता

बहार बनकर आई हो

आग उगलती दुनिया में जलधार लेकर आई हो। नफरतों से भरी इस दुनिया में तुम प्यार लेकर आई हो। स्वार्थ की भागाभागी में दुनिया मतलब की अनुरागी है। ऐसी खुदगर्जी की दुनिया में तुम बहार लेकर आई हो। तुम आई जबसे बदला जीवन बदले सारे नजारे हैं। जीवन की आपाधापी में अब सभी जन लगते […]

कविता

प्रेरणा बन चली आना

कहीं खोया है उत्साह मेरा कहीं खोई है मन की आशा। उमड़-घुमड़ कर चली आई है बादल बनकर ढेर निराशा। कविताएं भी शुष्क हुई हैं निष्प्राण सा हुआ हूं मैं। चाहतें भी हो रहीं हैं गुम अब प्रेरणा बन चली आओ तुम। प्रेम से सूना है जग मेरा नीरस हुआ है मेरा सवेरा। कल्पनाएं भी […]

कविता

ए जिंदगी

शिकायतें तो बहुत हैं तुझसे ए जिंदगी पर फिर भी तू अजीज है। तेरे बिना हूं क्या मैं शायद कुछ भी नहीं या फिर एक सड़ी हुई सी लाश जो मुशीबतों का पुलिंदा है। पर तू भी तो कुछ कम नहीं हर मोड़ पर कंटीले से तारों का एक जंजाल बिछा रखा है। जो कभी […]

राजनीति लेख

पथभ्रष्ट होती भाजपा….

देश की जनता को मुंगेरीलाल के हसीन सपनें दिखाकर सत्ता में आई भाजपा अब निरंकुश सत्ता पाने की लालसा में कुछ भी कर गुजरने को तैयार है। आज हालात ऐसे हो चलें हैं कि देशभर में शासन का झंडा गारने को ललायित भारतीय जनता पार्टी अपनी विचारधारा तक से समझौता करने को राजी है। और […]

भजन/भावगीत

खुदा बनके आ

खुदा बनके आ गॉड बनके तू आ आके प्रभु तू दरस दिखा। कहां है तू विधाता मेरे मन से मेरे सारे पर्दे हटा खुदा बनके आ गॉड बनके तू आ आके हृदय में समा जा आजा प्रभू , आके हमें कर्तव्य पथ पे आगे बढ़ा खुदा बनके आ गॉड बनके तू आ आके प्रभु तू […]

राजनीति

भारत में ध्वस्त लाल सलाम

भाजपा ने एक बार फिर से चमत्कार कर दिया है। देश में एक बार फिर से मोदी लहर की धमक सुनाई दी है। और इस बार ये मोदी मैजिक पूर्वोत्तर भारत में दिखी है, जहाँ भाजपा ने कांग्रेस और वामदलों का सूपड़ा साफ कर खुद को सत्ता पर काबिज कर लिया है। और पूर्वोत्तर भारत में […]

कविता

आओ अबकी होली में

रंगों की रंगोली में साथ सभी के टोली में। प्यार का रंग बरसातें हैं प्रिये आओ अबकी होली में। फागुन का खूब चढ़े खुमार रस घोल दो ऐसी बोली में। गिले-शिकवे भूल मिल जाएं गले मीत आओ अबकी होली में। हर चेहरे पे मुसकान सजे खुशियों से हर मन महके। इतना रंग भर दो हर […]

कविता

दंगा

भाषणों का जहर घुला था मनभावन एक शहर जला था। हो रही थी अनर्गल बातें जय जयकारों का शोर मचा था। फिर शब्दों के बाण छूटे और द्वेश की एक लहर उठी। जैसे शांत खड़ी उस भीड़ की संयम की मर्यादा टूटी। कल तक जो भाई थे उनपे भाई ने आज प्रहार किया। प्रतिउत्तर में […]