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  • भारत निर्माण

    भारत निर्माण

    जिस दिन भ्रष्ट,नीच दुष्कर्मी,फाँसी पर लटकाये जाएंगे । ठीक  उसी  दिन  भारत  मे फिर  से अच्छे दिन आएंगे । आरक्षण  दीनों  को होगा,बाकी प्रतिस्पर्धा एक समान । उसी दिवस  होगा  भारत का,मित्रों सच नूतन निर्मान ।।...

  • माँ सरस्वती सामूहिक वंदना

    माँ सरस्वती सामूहिक वंदना

    माँ सरस्वती सामूहिक वंदना ———————————– नमस्तुभ्यं माँ आदिशक्ति,नमस्तुभ्यं वागेश्वरी, नमस्तुभ्यं वैकुण्ठ वासिनी,नमस्तुभ्यं माहेश्वरी, जय वाचा जय ईश्वरी,जय महाश्वेता मात, नमन तुम्हे वागेश्वरी, देना हरपल साथ, मेरा नमन करो स्वीकार जय सरस्वती माता, मिटे दोष न बनूँ...

  • छंद : मधुशाला

    छंद : मधुशाला

    विधान : 16/14=30,अंत 112/22 प्रथम, द्वितीय, व चतुर्थ चरण तुकांत,तृतीय चरण स्वतंत्र   आज सभी जन हुए लालची,छल कुदरत से करते हैं । छल  कुदरत  को  बाद स्वयं ही,मरने से भी डरते हैं । भूल  रहे ...



  • गीत : भारत देश कहाँ

    गीत : भारत देश कहाँ

    चूम लिये फांसी का फंदा,भगतसिंह,सुख,राज,जहाँ । इंकलाब की बोलो वाला,मेरा भारत देश कहाँ । वो प्यारा भारत देश कहाँ, …………… अंग्रेजो का महल ढहाया,वो दीवानी नारे थे । भारत को जीने वाले वह,माँ भारति के प्यारे...




  • जिंदगी

    जिंदगी

    कभी धूप की तरह,खिल उठती है,वो….फूलों की मुस्कराती है,बारिश बनकर,तपती धरा को,संतृप्त कर देती है,घोल देती है फिजाओं में महक,कर देती है सुगन्धित,तन, मन,बेहिसाब लुटाती है,प्यार अपना,कभी बन जाती है,पतझड़ का मौसम,छीन लेती है,रंगत सारी शाखों...