कुण्डली/छंद

छन्द : शोकहर/ सुभांगी

सुनो दिवानी,राधा रानी,बृषभानु लली, रख प्रीती । क्षोभ सतावे,चैन न आवे,दिल ही जाने,जो बीती । यह सब साँचो,आँखिन बांचो,नहि कुटिल कोउ,यह नीती । त्याग उदासी,आँखे प्यासी,कान्हा को दिल,तुम जीती । ✍नवीन श्रोत्रिय “उत्कर्ष”श्रोत्रिय निवास बयाना+91 84 4008-4006

कुण्डली/छंद

कुण्डलिया

(१) कान्हा  तेरा  नाम  सुन, मन  में  नाचे  मोर ।तेरे  सुमिरन  मात्र  से, होय   सुहानी    भोर ।।होय  सुहानी  भोर, बाद    सब  मंगल  होता ।धरे  नही  जो  ध्यान, मूर्ख अपना   ही खोता ।कहे  भक्त उत्कर्ष, ध्यान  धर जिसने  जाना ।तेरा ही वह हुआ, त्यागकर सबकुछ कान्हा ।। (२) भूलो   मत  गुरुदेव […]

मुक्तक/दोहा

विधा : दोहे

(1)प्रेम रहा नहि प्रेम अब,प्रेम बना व्यापार |प्रेम अगर वह प्रेम हो,प्रेम करे भवपार ||(2)प्रेम संग पेशा मिला,हुआ बाद फिर प्यार |प्यार प्यार कर ठग रहे,अब सारे नर नार ||(3)प्रेम दिलो का मेल है,समझो नहि व्यापार |प्रेम करो दिल से सभी,रहे न बाद विकार ||(4)लाभ हानि को देखकर,करें यहां जो प्यार |प्रेम नही सब जान […]

गीत/नवगीत

प्रेम गीत

मैं प्रेम डगर राही, रहूँ प्रेम के गांव मे…मिट जाए तपन सभी, जुल्फों की छाँव में…. आई रुत मस्तानी खिलता सा यौवन है,देखा जब से तुझको, बहका फिर से मन है,पहना दूँ पैजनिया, तेरे अब पाँव में,मिट जाये तपन मेरी जुल्फों की छांव में. मैं प्रेम डगर राही, रहूँ प्रेम के गांव मे…मिट जाए तपन […]

कुण्डली/छंद

छंद : मत्तग्यन्द सवैया

देख गरीब मजाक करो नहि, हाल बनो किस कारण जानो। मानुष दौलत पास कितेकहु, दौलत देख नही इतरानो। ये तन मानुष को मिलयो, बस एक यही अब धर्म निभानो। नेह सुधा बरसा धरती पर, सीख सिखा सबको हरषानो। काल घड़ी सब ही बदले अब नायक भ्रष्ट बने अधिकारी। भीतर भीतर घात करें मनमीत रहे न […]

गीत/नवगीत

गीत : मिटटी वाले दीप

मिट्टी वाले दीये जलाना जो  चाहो  दीवाली  हो उजला-उजला पर्व मने कही  रात  न काली हो मिटटी वाले…………….. जब से चला चायना वाला, कुछ की किस्मत फूट गयी विपदा आई  एक अनोखी रीत   हिन्द  की  टूट  गयी, भूल न जाना रीत हिन्द की सबके  मुख  पर  लाली हो मिटटी वाले दिये जलाना जो  चाहो […]

मुक्तक/दोहा

गांधी एवं शास्त्री जी पर दोहे

दो अक्टूबर को हुए,लिये अनोखा काम । गांधी लाल  बहाद्दुर,उन  दोनों  के नाम ।। ===================== अठारह सौ उनहत्तर,वर्ष समझ यह खास । दो अक्टूबर को  हुये,पैदा       मोहनदास ।। ===================== क्वार मास उन्नीस में,था संवत छब्बीस । गांधीजी   पैदा   हुये,देश  नवाये शीश ।। ===================== पुतली  बाई  मात  थी,कर्मचन्द  थे  तात । जन्म हुआ वो शहर था,पोरबन्द्र गुजरात […]

मुक्तक/दोहा

मेरे मुक्तक

श्रृंगार लिए कंचन सी’ काया वो,उतर आई नजारों में । करें  वो  बात  बिन  बोले,अकेले  में इशारो में । बिना देखे कही पर भी,मिले ना चैन अब मुझको, गगन के चाँद जैसी वो,हसीं  लगती हजारों मे । प्रेम सभी करते मो’हब्बत पर,झलकता  प्रेम  ये कैसा । मो’हब्बत प्रीत है दिल की,रखो इसको सदा वैसा । […]

मुक्तक/दोहा

प्रेरक दोहे

अब तो अपनी सोच को,बदलो पाकिस्तान । घर में घुसकर  मारते,जब  लेते  हम  ठान ।। निकल गया जो हाथ से,बाद मिले नहि तोय । बचा हुआ जो  पास  है,काहे  उसको  खोय ।। सदा समय का ध्यान रख,न करो व्यर्थ व्यतीत । अंत  विजय  तेरी  रहे,कहे  जगत  की  नीति ।। काल घडी नित बढ़ रही,समय रहा […]

मुक्तक/दोहा

दो टूक

कब तक जायेगी कहो, सीमा पर अब जान | शेरो कुछ ऐसा करो, रहे न पाकिस्तान || कुत्तों की हरकत हुई, अब तो हद के पार | दिखलाओ औकात तुम, इनको मेरे यार || केसरिया बाना पहन, उठा वीर तलवार | सीना चीरो पाक का, करो वार पे वार || बहुत गा लिया प्रीत का, […]