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  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    दे गया दर्द कोई साथ निभाने वाला । याद आएगा बहुत रूठ के जाने वाला ।। जाने कैसा है हुनर ज़ख्म नया देता है । खूब शातिर है कोई तीर चलाने वाला ।। उम्र पे ढल...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वह हमें भी हिज़्र का इक सिलसिला दे जाएगा आंसुओं के साथ थोड़ी सी जफ़ा दे जाएगा ।। जिस शज़र को हमने सींचा था लहू की बूँद से । क्या खबर थी वो हमें ही फ़ासला...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कफ़स में ख्वाब उसको आसमाँ का जब दिखा होगा । परिंदा रात भर बेशक बहुत रोता रहा होगा ।। कई आहों को लेकर तब हजारों दिल जले होंगे । तुम्हारा ये दुपट्टा जब हवाओं में उड़ा...


  • ग़ज़ल –

    ग़ज़ल –

    फिर  लगाई आग किसने  एक कुर्सी के लिए । जल रहा है मुल्कअब मतलब परस्ती के लिए।।   जन्म ऊंची जात  में  लेना  यहाँ  अपराध   है । छीन  लेती  हक  यहां  सरकार गद्दी के लिए...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    इस  चमन  में   शजर  चन्द  ऐसे    रहे । जो  सदा   ज़ुल्म  तूफ़ाँ   का  सहते रहे।।   घर   हमारा  रकीबों   ने   लूटा   बहुत । और    वे   आईने...