Author :

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कीजिये मत अभी रोशनी मुख़्तसर ।। आदमी कर न ले जिंदगी मुख़्तसर । इश्क़ में आपको ठोकरें क्या लगीं । दफ़अतन हो गयी बेख़ुदी मुख़्तसर ।। नौजवां भूख से टूटता सा मिला । देखिए हो गयी...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    अब न चहरे की शिकन कर दे उजागर आइना । देखता रहता है कोई छुप छुपा कर आइना ।। गिर गया ईमान उसका खो गये सारे उसूल । क्या दिखायेगा उसे अब और कमतर आइना ।।...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    बादल का अंदाज जुदा सा लगता है । सावन सारा सूखा सूखा लगता है ।। जाने क्यूँ मरते हैं उस पर दीवाने । इश्क़ उसे जब खेल तमाशा लगता है ।। काहकशाँ से टूटा जो इक...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    गुज़री है मेरे दिल पर क्या क्या अब हिज्र का आलम पूछ रहे ।। मालूम तुम्हें जब गम है मेरा क्यूँ आंखों का पुरनम पूछ रहे ।।1 इक आग लगी है जब दिल में चहरे पे...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    वो मक़तल में कैसी फ़ज़ा माँगते हैं ।। जो क़ातिल से उसकी अदा माँगते हैं ।। जुनूने शलभ की हिमाकत तो देखो । चरागों से अपनी क़ज़ा माँगते हैं।। उन्हें भी मिला रब सुना कुफ्र में...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    किस तरह तेरे हवाले वो दिलो जां कर दें । मन की बस्ती को भला कैसे बियाबां कर दें ।। ये शहीदों की अमानत है बचाओ इसको । मुल्क टुकड़ो में न ये देश के नादां...



  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    कैसे कह दूं हुआ हादसा ही नहीं । दिल जो टूटा अभी तक जुड़ा ही नहीं।। तब्सिरा मत करें मेरे हालात पर । हाले दिल आपको जब पता ही नहीं ।। रात भर बादलों में वो...