मुक्तक/दोहा

चतुष्पदी

घर आँगन में धन धान्य भरे और खेतों में हरियाली हो। सब सुख के साधन मिले तुम्हे हर तरफ दिव्य खुशियाली हो। ऐश्वर्य बढ़े अरोग्य रहो दिन दूनी प्रगति तुम्हारी हो, धन त्रियोदशी सबके घर में सुख सम्पति देने वाली हो। चिर यौवन तन,प्रमुदित हो मन,घर आँगन खुशहाली हो। लक्ष्मी जी की कृपा सदा हो, […]

कुण्डली/छंद

छन्द

भारत की नारियां सभी हो राधिका के तुल्य, मानंव हो जैसे वासुदेव कृष्ण श्याम से।। कष्ट कट जाये दुःख दूर रहे जिंदगी से, प्यार से मनाये होली दूर रहे जाम से।। रंग रंग से रंगो कुरंग से बचो सदा, लुटाते रहो प्रीती का गुलाल सुबह शाम में। देश की अखण्डता व् एकता सलामती हो, नीरज […]

कविता

करवा चौथ (कर्क चतुर्थी)

कार्तिक बदी चतुर्थी करवा क पर्व आया। अर्धांगिनी ने मेरी पानी पिया न खाया। पति की सलामती को करती कठिन तपस्या, नारी महान है ये बेदो ने भी बताया। चपला हो चंचला हो शादी के बाद नारी। शादी के बाद सादी हो जाती है कुआंरी। पुरुषों की क्या बताये होती अजब कहानी। पत्नी के साथ […]

गीत/नवगीत

गीत

मोदी अमित शाह की जोड़ी वास्तव में दमदार है। इससे अच्छी नही बनी अब तक कोई सरकार है। एक झटके में ही सारा काला इतिहास बदल डाला। सवा अरब के दिल पर तुमने केसरिया फहरा डाला। हवा निकाली हुर्रियत की घाटी को महका डाला। देश विरोधी नामर्दो को अंदर तक दहला डाला। अब जनता सुख […]

कविता

भारतीय नववर्ष वि.सं. २०७६ की शुभकामनाये-

राम लला करिदेव दया भंडार भरौ जग की महरानी। देशु बढ़ै हर ओर विकास देखाय किसानन केरि किसानी।। राजु चलै कानूनै का कोउ लोफर अब न करै मनमानी। जन जन के मन हर्ष भरा नववर्ष मनाय रहे सब प्रानी। नव सम्वत में आप सभी का नीरज करते वन्दन है। अपने भारत की माटी का कण […]

मुक्तक/दोहा

मुक्तक

राम लला करिदेव दया भंडार भरौ जग की महरानी, देशु बढ़ै हर ओर विकास देखाय किसानन केरि किसानी। राजु चलै कानूनै का कोउ लोफर अब न करै मनमानी, जन जन के मन हर्ष भरा नववर्ष मनाय रहे सब प्रानी।। नव सम्वत में आप सभी का नीरज करते वन्दन है, अपने भारत की माटी का कण […]

गीत/नवगीत

होली पर एक प्रार्थना

इस होली पर एक प्रार्थना हर एक बशर से करता हूँ। अच्छी लगे आप भी करिये आशा सबसे  करता हूँ। जो शहीद हो गए देश की रक्षा हितबलिवेदी पर , घर मे राह देखती पत्नी बहन पिता बच्चे रोकर, उनकी माता पत्नी परिजन को शत वंदन करता हूँ। इस होली पर एक प्रार्थना हर एक […]

मुक्तक/दोहा

लोहड़ी पर दोहे

तिल खुटिया रेवड़ी मिले तापो खूब अलाव। मन चंगा है गा मेरा सरदारा घर जाव। भांति भांति के बन रहे उनके घर पकवान हमे खिलाया प्यार से जैसे हम भगवान। चाचा जी के लाड में चाची जी का प्यार। नीरज नयना हो गए तुम सब पर बलिहार। लोहड़ी बीते हर्ष से मन का मिठे विषाद। […]

कविता पद्य साहित्य सामाजिक

करवा चौथ

करवा चौथ पर नई रचना 27-10-2018 कार्तिक बदी चतुर्थी करवा क पर्व आया। अर्धांगिनी ने मेरी पानी पिया न खाया। पति की सलामती को करती कठिन तपस्या, नारी महान है ये बेदो ने भी बताया। चपला हो चंचला हो शादी के बाद नारी। शादी के बाद सादी हो जाती है कुआंरी। पुरुषों की क्या बताये […]

मुक्तक/दोहा

दो मुक्तक

बसे नयनो में नीरज के, मिलो दीदार कर लेंगे। नयन भर कर निहारेंगे, तुम्हे स्वीकार कर लेंगे। तुम्हे है चाहते लाखो, मैं धड़कन सैकड़ो की हूँ, करो इकरार या इनकार तुमसे प्यार कर लेंगे।। कलेजा चीर करके , प्यार का इजहार करते है। नयन को बंद करके , आप का दीदार करते है। मिलो या […]