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  • जीवन

    जीवन

    *जीवन के इस अध्याय में,* अल्पविराम सी बाधाएँ कई, मत सपनो को तू विराम दे, कैसे भी उनको पूरा करना है, करता चल नित प्रयत्न यूँ ही। *जीवन के इस अध्याय मे,* प्रताड़ित करते शब्दो की...

  • सावधान रहिए

    सावधान रहिए

    अर्पिता और अमित के जीवन में सब कुछ बड़ा ही खुशहाल चल रहा था। शादी के 20 वर्ष बाद अपने काम से अमित बहुत खुश था और अपनी बिटिया अंकिता के लिए एक सुंदर भविष्य की...

  • मतदान

    मतदान

    किसी को अली की याद आयी, किसी को बजरंगबली की याद आयी। नेताओ ने चुनाव जीतने के लिए , अपनी सारी अक़्ल आज दौड़ाई। चुनाव की गर्मी होती है कुछ ऐसी, पता नही मैडम किस किसान...

  • जीवन

    जीवन

    रविवार की सुबह आराम का दिन,आमतौर पर रविवार की सुबह मेरा देर तक सोने का ही प्रोग्राम रहता है। लेकिन इस रविवार को मेरी नींद जल्दी खुल गई।कोई काम नहीं था इसलिए बाहर घूमने का मन...

  • एक सवाल

    एक सवाल

    दरवाजे पर खटखटाने की आवाज आई। रजनी ने जाकर देखा कि उसके पिता ऑफिस से आ गए हैं।दरवाजा खोलने के बाद उसके पिता ने उसके सर पर हाथ रखा और अंदर आ गए। अंदर आने के...

  • बैशाखी

    बैशाखी

    धरती की गोद पर सुंदर उजियाला छाया है। बैशाखी का त्यौहार नई उम्मीदों को लाया है।। धरती के आँचल ने अपना सुनहरा रूप दिखलाया है। धरती की सुंदरता देख किसान का मन हर्षाया है।। देख धरती...

  • मंजिले

    मंजिले

    रात परेशां है रात भर, उजाले का है इसे भी इंतेज़ार रात भर । बहुत थका हुआ है सूरज, एक रात की नींद लेना है, सूरज को भी रात भर । दूसरे से कर रहा है...

  • मैं क्या हूँ??

    मैं क्या हूँ??

    मैं क्या हूँ, मैं आसमाँ हूँ। बरसूँगा तो पूजा जाऊंगा, नही तो कोसा जाऊँगा।। मैं क्या हूँ, मैं एक पौधा हूँ। फल दूँगा तो इज्जत पाऊँगा, नही तो बस काटा जाऊँगा।। मैं क्या हूँ, मैं एक...

  • उम्मीद

    उम्मीद

    इतने लोगो की भीड़ है हर तरफ, पर दिखता कोई अपना नही है , उम्मीदे फिर भी करता सबसे, वो इंसान अब तक हारा नहीं है। है जीवन पूरा -सपनो से भरा, और सपना कोई पूरा...

  • झूठ

    झूठ

    सच्चाई का मुखोटा उतार आया हूँ। बस आज मैं खुद को मार आया हूँ।। सच्चाई से मैं अपनी बहुत परेशां रहा हूँ। अब अपने लिए झूठ का नकाब लाया हूँ।। हर तरफ अब झूठ और मक्कारी...