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  • चाहतों के लिबास

    चाहतों के लिबास

    बिखरे जज्बातों की एक झड़ी जिन्दगी, हर तरफ उलझनों से भरी जिन्दगी । भोर के तारे सी आसमां में सजी, पल गुजरते ही ओझल हुई जिन्दगी । चाहतों के लिबासों में लिपटी मिली, ढूंढने जब गई...

  • हृदयोद्गार

    हृदयोद्गार

    कवि के मन में सहसा उपजे, भांति भांति के विचार है कविता, कवि का हृदयोद्गार है कविता । प्रणय मिलन की कल्पना और स्वपनों का संसार है कविता, प्रेम, दया, कभी क्रोधयुक्त, सब भावो का भंडार...

  • रावण

    रावण

    फिर से आज दशहरा आया, मेरा पुतला बना दिया l रामवेश लेकर मानव ने मरे हुए को जला दिया l साधुवेश में मेरे द्वारा सीता एक बार थी ठगी गई l पाखण्डी-चंगुल में फंसती नारी फिर...

  • पहचान

    पहचान

    महफिल में तन्हाई क्यूँ डराती मुझे परछाई क्यूँ अपनों के बीच अजनबी सी हूँ मुझे खुद की एक पहचान चाहिये । जीवन से अंधियारा मिटा दे, लकीरे किस्मत की चमका दे, भविष्य को जो रौशन कर...

  • आँखों में सपने पलते है

    आँखों में सपने पलते है

    सच्चाई को भुलाए, बस अपनी ओर बुलाए, गहरी निंद्रा में सुलाए,  मनचाही राह  चलते है । आँखों में सपने पलते है ।। डूबते को मिले कोई  सहारा, काश मिल जाए कोई किनारा, होकर बिल्कुल ही बेसहारा,...

  • अस्तित्व

    अस्तित्व

    खुद में खुद को ढूँढकर अब जानना होगा, है तेरा अस्तित्व क्या पहचानना होगा । फिर अमावस की निशां में चाँदनी सोई, इन अंधेरों में कहीं फिर रौशनी खोई । आस के दीपक से तम को...

  • दोहे

    दोहे

    मोहन मन मोहित हुआ, लगे न दूजी ठोर । अब तो निरखो साँवरे, तनिक हमारी ओर ।। हरपल बढ़ती जा रही, विरहा की ये पीर । विरहानल भड़का रहा, इन नैनों का नीर ।। प्रिय तुमको...

  • हेप्पी मदर्स डे कहना

    हेप्पी मदर्स डे कहना

    सूनसान कंटीली झाड़ी में गूँज उठी थी जो चित्कार । तेरे हृदय तक पहुँच सकी ना मेरी दर्द भरी वो पुकार । हाय! विवशता थी ये मेरी, वज्र हृदय का वार था सहना । मिले गर...

  • मुक्तक

    मुक्तक

    फ़रेबी लोग ऐसे है, कि पल-भर में बदल जाते जिगर जिनके बने पत्थर, भला कैसे पिघल जाते  महक पाई सुमन से तो, करों में भी चुभे कांटे मिले कोई गुलिस्तां भी, बिना देखे निकल जाते ।...