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  • नाम तेरे

    नाम तेरे

    नाम तेरे ख़ुमार हो जैसे बेकरारी करार हो जैसे !! तू मिला तो नसीब जागा है अब तलक जां मजार हो जैसे !! भूल सकते नहीं दुआओं में याद आता हजार हो जैसे !! रात आधी...

  • ** ख़ता **

    ** ख़ता **

    बूँद यारा शराब हो जाये गर नज़र से जनाब हो जाये गर फरिश्तों का हो करम मुझ पर हर ख़ता भी सबाब हो जाये क्यों रहे डर हमें सवालों का मन जो हाज़िर जवाब हो जाये...

  • नैनों के पिटारे में

    नैनों के पिटारे में

    नैनो के पिटारे में**** नैनों के पिटारे में कैद कर रखे है कितने ही अरमान कितने ही अहसास कितनी ही आजमाइशे कितनी ही ख्वाहिशें चाहती है बहार भी अब खोल दूँ किवाड़ को फैंक दूँ उजाड़...

  • वादा

    वादा

    तेरे प्यार के महल में, वादे तमाम करना हो जाऊँ कैद उसमे ,कुछ इंतजाम करना धड़कन की हो दीवारें,साँसों की हो कतारें सो जाऊं मैं सुकूँ से,दिले-एहतिमाम करना मदहोश आसमां में ख़्वाबों का चाँद देखू रातों...

  • स्त्रीत्व

    स्त्रीत्व

    दर्द है गहरा स्त्रीत्व का या कोमलता पाने का क्या जानोगे तुम कभी गए ही नहीं तुम उस जहां में जहाँ होता है हिसाब तेरी मेरी सरहदों का और अंदरुनी जंग में उतर आती है रक्तिमता...

  • गजल

    गजल

    दर पे मेरे आना उनकी इनायत हो गई बैठे-बिठाए जैसे एक बगावत हो गई गुस्ताखियाँ उनकी निगाहों से मशहूर हमसे भी शोहबत में हिमाकत हो गई वो लग रहा था मासूम मेरे ठिकाने पे बाहों में...

  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    सुना दिल की बातें कहने लगा वो के अब तो बहानो में जीने लगा वो बड़ी मुद्दतों से था कैद में पंछी के अब तो हवाओं में उड़ने लगा वो संभल जाएगा दिल जरा तो संभालो...


  • ग़ज़ल

    ग़ज़ल

    भीख की बू आती है तेरी इनायतों से हम दूर ही अच्छे तेरी सियासतों से प्यार भरी नजर भी लगती है अहसान हम महरूम ही भले तेरी अदावतों से पुकारता है भीड़ का तन्हा सा शोर...