धर्म-संस्कृति-अध्यात्म

मृत्यु बनाम अमरत्व

‘मृत्यु अटल सत्य है ‘यही जीवन का सबसे बड़ा सत्य और सारतत्व है।अगर कोई किसी को ‘अमरता ‘का वरदान देने का ढोंग रचता है, तो इससे महा झूठ और छद्म कुछ हो ही नहीं सकता ! चाहे वह महाभारतकाल हो, रामायण काल हो या कोई भी कालखण्ड हो, कितनी बिडंबना है कि अश्वत्थामा को ‘अमरता […]

इतिहास

फिल्मी दुनिया का एक और बेजोड़ सितारा हमें छोड़ चला…

पिछली सदी के पचास और सत्तर के दशक में एक ग्रामीण पृष्ठभूमि से आई अभिनेत्री, जिनका नाम कुमकुम था, अपने सशक्त अभिनय और नृत्य से भारतीय दर्शकों में अपना अविश्वमरणीय स्थान बनाईं थीं। उनका जन्म बिहार के शेखपुरा के हुसैनाबाद में 1934 में एक मुस्लिम जमींदार परिवार में हुआ था, इनके बचपन का नाम जैबुन्निसा […]

पर्यावरण

…और अब इस दुनिया का सबसे बड़ा माँसाहारी जीव ध्रुवीय भालू भी इस दुनिया में चंद सालों का मेहमान !

ध्रुवीय भालू इस दुनिया का सबसे बड़ा मांसाभक्षी, सर्वाहारी भोजन करनेवाला, सबसे ताकतवर, मुख्यरूप से इस पृथ्वी के सूदूर उत्तरी छोर पर स्थित आर्कटिक परिक्षेत्र का मूल निवासी है, इसके पूर्ण वयस्क नर का वजन 680 किलोग्राम तक भारी-भरकम डीलडौल वाले, लगभग 10 फुट लम्बे, इसकी विशालता का अंदाजा हम ऐसे लगा सकते हैं कि […]

पर्यावरण

माइक्रोप्लास्टिक का मानव जीवन पर दुष्प्रभाव

वैज्ञानिक जगत में ‘माइक्रोप्लास्टिक ‘यह एक नया नाम है,माइक्रोप्लास्टिक,प्लास्टिक के वे कण हैं,जो बहुत ही सूक्ष्म और इतने हल्के हैं,जो हवा के साथ उड़कर वायुमंडल के द्वारा इस दुनिया में सर्वत्र पहुँच गये हैं,ऊँचे पहाड़ों के शिखरों पर जमें ग्लेशियरों में,वर्षा के पानी में मिलकर हमारी नदियों,कुँओं,भूगर्भीय जल,समुद्र की अतल गहराइयों तक,हमारे खाद्य पदार्थों ,बोतल […]

विज्ञान

मधुमक्खियां मानव इंजीनियर से भी बड़ी इंजीनियर

जीवों के विकास संबन्धित विज्ञान के सबसे बड़े भीष्मपितामह वैज्ञानिक चार्ल्स डार्विन के अनुसार ‘आज से लगभग 2 लाख साल पहले अफ्रीका के किसी गुमनाम जगह से कपियों की एक शाखा से विकसित होकर दो पैरों पर चलनेवाला एक जीव इतने सालों में समस्त संसार में फैल गया,वही आधुनिक मानव का आदिम पूर्वज था। ‘कहने […]

सामाजिक

अंधविश्वास के मामले में यह दुनिया आगे जा रही है या पीछे? एक निष्पृह समीक्षा

हम आपको लगभग 5सौ साल पहले की दुनिया में लिए चल रहे हैं, जब उस समय की तत्कालीन दुनिया के अधिकांशतः लोग ईसापूर्व 384 में जन्में अरस्तू के इस सिद्धांत को एकदम सत्य और अटल मानते थे कि ‘पथ्वी इस समस्त ब्रह्मांड के केन्द्र में है। ‘उक्त यह बात उस समय की तत्कालीन जनता के […]

पर्यावरण

गजराज का जीवन अत्यंत संकट में

अक्सर हमारे देश में पर्यावरण बचाने और प्रदूषण से मुक्ति के लिए वृहद वृक्षारोपण का नाटक करने में, नदियों को प्रदूषणमुक्त करने में अरबो-खरबों रुपयों का वारा-न्यारा कर दिया जाता है, जबकि वास्तविकता यह है कि उसमें होता कुछ नहीं है, वृक्षारोपण में लगाए गये पौधों में से 98 प्रतिशत तक शिशु पौधे पानी और […]

पर्यावरण

ग्लोबल वार्मिंग और आकाशीय बिजली का अन्तर्सम्बन्ध

         अभी हाल ही में अमेरिका की ‘साइंस ‘ मैगजीन में आकाशीय बिजली के बारे में एक बहुत ही चौंकाने वाली एक शोधपरक रिपोर्ट छपी है,इस रिपोर्ट के मुताबिक अगर मनुष्यजनित विभिन्न प्रदूषण से उत्पन्न ग्लोबल वार्मिंग की वजह से इस धरती के तापमान में एक डिग्री सेल्सियस की भी बढोत्तरी होती […]

पर्यावरण

लॉकडाउन से पर्यावरण पर सकारात्मक प्रभाव : एक आकलन

पृथ्वी इसका पर्यावरण व प्रकृति कितनी ताकतवर व सक्षम है कि पिछले सैकड़ों सालों से अंधाधुंध औद्योगिकीकरण, शहरीकरण, नदियों, समुद्रों, जंगलों, भूगर्भीय संसाधनों, जैव व वानस्पतिक मंडल के अकूत दोहन व प्रदूषण से इस धरती इसके पर्यावरण को हुई अकथ्य क्षति को जिसे हम कथित सर्वोच्च बुद्धिमान मानव अब फिर से पुनरावस्था में आने की […]

पर्यावरण

पर्यावरण की रक्षार्थ एक अभिनव प्रयोग

पर्यावरण सुधार और सम्पूर्ण मानव समाज के आधुनिक युग के उपहार, प्रदूषण से हो रही सम्पूर्ण मानव जाति के स्वास्थ्य की क्षतिपूर्ति में दिल्ली और केन्द्र सरकार दोनों का यह संयुक्त फैसला ऐतिहासिक रूप से मील की पत्थर साबित होगी। वैसे तो दिल्ली का सम्पूर्ण वातावरण और पर्यावरण ही मनुष्यों की अत्यधिक भीड़, फैक्ट्रियों से […]