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  • कहानी- वंदे मातरम्

    कहानी- वंदे मातरम्

    आज कल्याण और अनवर में “वंदे मातरम्” और “भारत माता की जय” इन शब्दों लेकर बहस छिड़ गई। अॉफिस में लंच का समय था। सभी लोग अपने-अपने मोबाइल पर भारत और पाकिस्तान का रोमांचक मैच देख...

  • मन की झुर्रियां

    मन की झुर्रियां

    देखी है कभी किसी ने मन पर पड़ी झुर्रियां यह तो हमेशा बचपन ही जीता है ढूंढता रहता है कच्ची पक्की कक्षा वाला स्कूल कंकड़ उछालते हुए स्कूल की चौखट तक पहुंचना। पुराने मित्रों को ढूंढ़ते...

  • प्रणेता पिता

    प्रणेता पिता

     परिवार का प्रणेता पिता है रक्षा हेतु वत्स की खड़ा है बह्मा सा रचयिता पिता है विष्णु सा पालक पिता है। पिता है केंद्र बिंदु परिवार का पिता है प्रेम सिंधु परिवार का बरगद की घनी...


  • अनबूझ पहेली

    अनबूझ पहेली

    क्या पाया जड़ों से कट कर क्या पाया गांवों से हट कर भूखे बच्चे तड़प रहे हैं बूंद-बूंद को तरस रहे हैं। शहर आए शिक्षित होने ज्ञान धन को प्राप्त करने नई तकनीकों को सीखकर उन्नति...


  • गुवाहाटी का कामाख्या शक्तिपीठ

    गुवाहाटी का कामाख्या शक्तिपीठ

    कामाख्या, देवी या शक्ति के प्रधान नामों में से एक नाम है। यह तांत्रिक देवी हैं और काली तथा ‘त्रिपुर सुन्दरी’ के साथ इनका निकट समबन्ध है। इनकी कथा का उल्लेख कालिका पुराण और योगिनी तंत्र में विस्तृत रूप से हुआ है। समूचे असम और पूर्वोत्तर बंगाल में शक्ति अथवा कामाक्षी की पूजा...


  • कहानी – बेटी की मजबूरी

    कहानी – बेटी की मजबूरी

    महीने के अंतिम रविवार को अक्सर मैं मोरान के शिवालिक वृद्धाश्रम में जाती हूँ और वहां रह रहे माता-पिता के साथ बात करके उन्हें लेशमात्र प्यार- अपनत्व देकर मुझे बहुत संतुष्टि होती है। आज भी महीने...

  • भारत की जीत

    भारत की जीत

    ये जीत नहीं कुछ लोगों की यह भारत की जीत है। कुकर्मों के कुठाराघात पर निष्काम कर्म की जीत है। लोभी लंपट और कपटी सिमट गए हैं अब गुहा में प्रतिघात पर अहंकार के एकीकरण की...