कविता

भगवद्गीता अति रमणम्

मंदम् मंदम् अधरम् मंदम् स्मित पराग सुवासित मंदम्। सरल सुबोधा ललिता रमणम् भगवद्गीता अति रमणम्। विरचित व्यासा लिखिता गणेश: अमृतवाणी अति मधुरम्। सरल सुबोधा ललिता रमणम् भगवद्गीता अति रमणम्। मनसा सततम् स्मरणीयम् वचसा सततम् वदनीयम् सरल सुबोधा ललिता रमणम् भगवद्गीता अति रमणम्। अतीव सरला मधुर मंजुला अमृतवाणी अति मधुरम् सरल सुबोधा ललिता रमणम् भगवद्गीता अति […]

गीत/नवगीत

दूर गगन में पंख फैलाए

समय का पंछी उड़ता जाए दूर गगन में पंख फैलाए। हर आने-जाने वाले को ज्ञान संदेशा देता जाए। समझो समय की कीमत तुम मत इसको बर्बाद करो। बरबस बातों में आकर मत अपना तुम नाश करो। पहचान कर काल सीमा कर्म का फिर हाथ धरो। समय का पंछी उड़ता जाए दूर गगन में पंख फैलाए। […]

गीत/नवगीत

मैं कवि बन जाऊँगा

तुम बनो कल्पना मेरी मैं कवि बन जाऊँगा। जीवन का सच्चा आनंद मैं तुमको दे जाऊंगा। ढीली करो धनुष की डोरी तरकश का बंद खोल दो। मत बोलो अपशब्द किसी से मीठा स्वर तुम घोल दो। जीवन कितना सहज सरल है यह तुमको बतलाऊंगा। जीवन का सच्चा आनंद मैं तुमको दे जाऊंगा। तुम बनो कल्पना […]

गीत/नवगीत

हो गई मैं तो प्रेम दीवानी

कान्हा कान्हा रटते-रटते कान्हा की मैं हुई दीवानी। भूल-भाल कर घर द्वार को हो गई मैं तो प्रेम दीवानी। जित देखू तित कान्हा कान्हा पूजा का मैंने मरम न जाना। श्याम रंग में रंग कर मैं तो बावरी पागल हुई अनजानीॆ। कान्हा कान्हा रटते-रटते कान्हा की मैं हुई दीवानी। भूल-भाल कर घर द्वार को हो […]

कविता

आ लौट चलें

आ लौट चलें गांव की तरफ जहां हो न कोई भारी भरकम सड़क जहां हो सड़क के किनारे नत्थू चाचा के हरे भरे खेत प्यारे मधुर सुखद हवा का झोंका हो प्यार मुहब्बत हो न कहीं धोखा हो श्वेत सुगंधित मीठा सरस पेय हो दृष्टिकोण समान हो न कोई हेय हो घने वृक्षों की शीतल […]

गीत/नवगीत

रक्षा बंधन का त्यौहार

ये रक्षा बंधन का त्यौहार भाई-बहन का निश्छल प्यार। राखी बांध कर भाई के बहनें देती प्रेम उदगार। बहन से शोभा भाई की भाई, बहन का है संसार। एक ही माँ के जाये दोनों दोनों में है प्रेम अपार। ये रक्षा बंधन का त्यौहार भाई-बहन का निश्छल प्यार। राखी बांध कर भाई के बहनें देती […]

कविता

हमारा नमन तुम्हारा नमन

तिरंगे में लिपटे शवों को नमन हमारा नमन तुम्हारा नमन। चल दिए मुस्कुरा कर वतन के लिए। हो गए कुर्बां चमन के लिए। ऐसे रण बाँकुरों को, कण-कण का नमन। हमारा नमन तुम्हारा नमन तिरंगे में लिपटे शवों को नमन। सोचा न समझा कुछ अपने लिए। जो कुछ भी सोचा जमीं के लिए। ऐसे परवानों […]

गीत/नवगीत

चल चला चल,चल रे राही

बीत जायेगा ये पल भी तू काहे घबराता है। चल चला चल,चल रे राही मंजिल को दर्शाता है। होना न मायूस डगर में चलते रहना जीवन में। हो चाहे काले बादल तू न रुकना बीच भंवर में बीत जायेगा ये पल भी तू काहे घबराता है। चल चला चल,चल रे राही मंजिल को दर्शाता है। […]

गीत/नवगीत

गीत – पथिक तुझे पथ पर चलना है

पथिक तुझे पथ पर चलना है अमर ज्योति बन कर जलना है।                            कंकड़ पत्थर से टकराना कठोर तप्त भूमि पर चलना, तुझे नहीं हौसला खोना है। पथिक तुझे पथ पर चलना है अमर ज्योति बन कर जलना है तेरा जीवन अविरल काया घनीभूत पीड़ा की छाया, तुझे अकिंचन नहीं रोना है। पथिक तुझे पथ पर […]

कविता

परेशान बारिश

परेशान बहुत है यह बारिश का पानी हो गई व्यर्थ अब नानी की कहानी। कागज की नाव का न पानी में बहना न छत पर छम-छम कर भीगते बच्चों का डोलना बारिश में नहाना  खेलना-कूदना हुड़दंग मचाना अब बातें ये सब हो गई पुरानी। हो गई व्यर्य अब नानी की कहानी। न घटाओं को निहारती […]